होरमू जलडमरू मध्य में भारतीय नौसेना एक्टिव हो गई है। यहां के पश्चिमी हिस्से में 24 भारतीय ध्वजवाहक जहाज फंसे हैं। इनमें से शिवालिक और नंदा देवी नाम के दो जहाजों को नौसेना ने होरमुज के रास्ते सुरक्षित निकाल लिया है। इन दोनों जहाजों में लगभग 92700 मेट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस यानी एलपीजी टैंकर लदे हैं। अब यह 16 मार्च या 17 मार्च तक भारत के मुंद्रा और कांडला बंदरगाह पहुंच जाएंगे।
यह जानकारियां भारत के शिपिंग मिनिस्ट्री के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने दी। भारतीय नौसेना ने ऑपरेशन संकल्प के तहत होरमूद जलडमरू मध्य में भारतीय जहाजों को सुरक्षित पार्क करना का जिम्मा उठाया। आपको बता दें कि दुनिया के अधिकतर देश होरमुज जलडमरू मध्य से गुजरते अपने जहाजों के पर अज्ञात हमलों के डर से सहमे हुए हैं। ऐसे में भारतीय नौसेना की निगरानी में भारत की ओर आ रहे मालवाहक जहाजों ने इस मार्ग को सही सलामत पार कर लिया है।
सरकारी सूत्रों और रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के भारतीय ध्वज वाले एलपीजी टैंकर शिवालिक को भारतीय सीधे स्कॉट कर रहा है। इसके अलावा ओमान से अफ्रीका की ओर गैसोलिन ले जा रहा एक अन्य भारतीय तेल टैंकर जग प्रकाश भी होरमज के पूर्वी हिस्से से सुरक्षित निकल चुका है। बता दें कि भारतीय नौसेना ने जून 2019 में संकल्प की शुरुआत की थी। जिसका उद्देश्य होरमुज से गुजरने वाले भारतीय जहाजों को सुरक्षा प्रदान करना था। ओमान के तट पर तैनात भारतीय पल-पल की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। अब तक इस ऑपरेशन के तहत 23 को बारी-बारी से तैनात किया जा चुका है।
मौजूदा समय में संकट से भरे इस अतिसंवेदनशील क्षेत्र में लगभग 23,000 भारतीय नाविक और 22 व्यापारिक जहाज मौजूद हैं। जिनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी नौसेना बखूबी निभा रही है। वैसे यह भारत की विदेश नीति की भी एक बड़ी सफलता है।
दरअसल भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फताली ने संकेत दिए थे कि भारत को जल्द ही होरमू जलडमू मध्य से आधिकारिक तौर पर सुरक्षित मार्ग मिल सकता है। विदेश मंत्री एस जयशंकर और ईरानी नेतृत्व के बीच हुई बातचीत ने इस तनावपूर्ण माहौल में भी भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति की निरंतरता तय की है। ध्यान रहे होम जलमार्ग मात्र 55 कि.मी. चौड़ा है।
लेकिन यहां से दुनिया का 22% तेल गुजरता है। अपने ऊपर अमेरिकी और इजरायली हमले लगातार झेल रहे ईरान ने चेतावनी दी है कि वह अमेरिका और इजराइल के समर्थक जहाजों को यहां से निकलने नहीं देगा।
ऐसे में भारतीय नौसेना की तैनाती ना केवल हमारे जहाजों को बचा रही है बल्कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा को भी सुनिश्चित कर रही है और अप्रत्यक्ष तौर पर ईरान के साथ मजबूत संबंधों का एक इतिहास भी याद दिला रही है। जाहिर है ऐसे में हर भारतीय का दिल चाहेगा कि नौसेना को सलाम करें। हमारी ओर से भी इंडियन नेवी को इस नेक काम के लिए सैल्यूट।
