एक्ट्रेस फरीदा जलाल को ऑन स्क्रीन बेस्ट मदर के रूप में जाना जाता है। इतनी कूल मदर के रोल्स उन्होंने निभाए हैं कि वो हमारी इंडियन ऑडियंस की फेवरेट मॉम हो गई है। यह शुरुआत हुई दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे इसे और कुछ-कुछ होता है कि रोल में भी उन्हें बहुत पसंद किया गया। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में मदर के रोल्स किए जो लोगों ने बहुत पसंद किया।
लेकिन आयरननी यह है कि जिन फरीदा जलाल ने स्क्रीन पर मॉम के बेस्ट किरदार निभाए, उन्हीं फरीदा जलाल को पर्सनल लाइफ में बहुत कम उम्र में मां का प्यार नहीं मिला था। इसके पीछे एक इंसिडेंट है जिसने फरीदा जलाल की पूरी लाइफ चेंज कर दी और वो अपने मां के प्यार से काफी समय तक दूर रही और पिता का प्यार भी उन्हें नहीं मिला। फरीदा जलाल जब दो साल की थी तब उनके पेरेंट्स का डिवोर्स हुआ था। जिस वक्त बच्चों की कस्टडी को लेकर बैटल चल रहा था, उस वक्त कोर्ट ने पेरेंट्स को आर्डर दे दिया था कि बच्चों को बोर्डिंग स्कूल में भेज दिया जाए।
जब तक कस्टडी बैटल के ऑर्डर्स नहीं आ जाते। यही वजह है कि दो साल की उम्र में ही फरीदा जलाल को बोर्डिंग स्कूल भेज दिया गया। एक इंसान के जो फाउंडेशन इयर्स होते हैं वो इयर्स फरीदा जलाल के बोर्डिंग स्कूल में बीते ना कि ग्रैंड पेरेंट्स या अपनी मां के साथ। हालांकि कुछ सालों तक वो बोर्डिंग स्कूल में रही। बाद में जब कस्टडी बैटल खत्म हुआ, मां को कस्टडी मिली तब फरीदा जलाल अपनी नानी के पास गई और अपनी नानी के साथ ही उन्होंने लंबा समय गुजारा और मिशनरी स्कूल से उन्होंने पढ़ाई की।
जिंदगी में पेरेंट्स के प्यार की यह जो कमी थी, यह प्यार उन्हें मिला आर्ट में। उन्होंने जबजब अपने आपको परफॉर्म करते देखा, तब-तब उन्हें बहुत खुशी हुई। बस वह फैमिली में पेरेंट्स के प्यार की इस कमी को अपने आर्ट से ही पूरा करती गई। वो अपनी तैयारी करती और स्टेज पर परफॉर्म करती। स्कूल में कम उम्र से ही फरीदा जलाल ने स्टेज पर परफॉर्म करना शुरू कर दिया था और स्कूल खत्म होते-होते तो वो इतनी ज्यादा पॉपुलर हो गई कि आगे चलकर उन्होंने एक ब्यूटी पेजेंट में हिस्सा लिया।
यूनाइटेड प्रोड्यूसर्स टैलेंट कॉन्टेस्ट। 1960 में उन्होंने इस कॉन्टेस्ट में हिस्सा लिया। यह वही साल था जब राजेश खन्ना ने भी बतौर मेल इस कॉन्टेस्ट में हिस्सा लिया। राजेश खन्ना जहां मेल कैटेगरी के विनर रहे वहीं फीमेल्स में फरीदा जलाल विनर रही थी। आगे चलकर राजेश खन्ना तो बहुत बड़े सुपरस्टार मिल गए।
हालांकि फरीदा जलाल को भी फिल्मों में काम मिला। कुछ फिल्मों में वो हीरोइन बनी तो कुछ में हीरोइन की सहेली, हीरो की मंगेतर इस तरह के रोल्स उन्होंने फिल्मों में किए और कुछ समय बाद उन्होंने फिल्मों में बतौर मां के रोल करने शुरू किए। जितनी पॉपुलैरिटी उन्हें हीरोइंस के रोल के लिए नहीं मिली थी, उतनी पॉपुलर वो मां के रोल में
