बच्चों की जान का ट्रंप से अब बदला लेगा ईरान

2 साल की बच्ची का शव ताबूत से निकाल कर रोते परिजन, छोटे बच्चों के साथ बंकर्स में छिपी माएं, बच्चों की l पर शोक मनाते लोग। ईरान से आए दिन कुछ ऐसी ही तस्वीरें सामने आ रही हैं। यूएस, इजराइल, ईरान के बीच जारी युद्ध का असर आम लोगों की जिंदगियों पर साफ नजर आ रहा है। लगातार हो रहे और हमलों के बीच महिलाएं अपने छोटे बच्चों को लेकर में शरण लेने को मजबूर हैं। कई जगहों पर पब्लिक स्कूलों और इमारतों को अस्थाई शेल्टर में बदला जा रहा है।

इन्हीं जगहों पर लोग हमलों से बचने के लिए छिपे हुए हैं। ईरान से आ रही तस्वीरों में हर तरफ मलबा ही मलबा नजर आ रहा है। इसके अलावा यमन और तुर्कीय जैसे देशों में ईरान के समर्थन में अमेरिका और इजराइल के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। 28 फरवरी को शुरू हुई इस में ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामिनई की हो गई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन हमलों में अब तक 12 साल से कम के करीब 200 बच्चों की हो चुकी है।

उधर अब ईरान में सत्ता की कमान मुस्तफा खाममेन के हाथ में आ गई है। उन्हें नया सुप्रीम लीडर चुना गया है। पद संभालते ही उन्होंने इन हमलों पर अपना पहला बयान जारी किया और सीधे अमेरिका को चेतावनी दी है। मुस्तफा खाममेन ने कहा कि मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को बंद कर दिया जाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो ईरान इन अड्डों पर हमले जारी रखेगा।

उनका कहना है कि ईरान अपने पड़ोसी देशों के साथ अच्छे रिश्ते चाहता है। लेकिन उन देशों की जमीन पर बने अमेरिकी सैन्य ठिकाने ही असली टारगेट हैं। मुस्तफा ने अमेरिका और इजराइल दोनों को चेतावनी दी है कि उन्हें ईरान पर किए गए हमलों की भरपाई करनी होगी। अगर हर्जाना नहीं दिया गया तो ईरान भी उनकी संपत्तियों को उतना ही नुकसान पहुंचाएगा। सरकारी टीवी पर पढ़े गए संदेश में उन्होंने एक और बड़ी बात कही है।

मुस्तफा खामेनई ने साफ कहा है कि मौजूदा हालात में स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोस का रास्ता भी नहीं खोला जाएगा। यह वही समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया के 20% हिस्से का तेल गुजरता है। इसी वजह से इस बयान को काफी गंभीर माना जा रहा है। साथ ही ईरान के सीनियर नेता अली लारीजानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें अपनी गंभीर गलती पर पछताना पड़ेगा। लारेजानी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ट्रंप जल्द जीत की बात कर रहे हैं। लेकिन शुरू करना आसान होता है और उसे कुछ ट्वीट से नहीं जीता जा सकता।

उन्होंने कहा कि हम तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक आपको इस के लिए पछताना ना पड़े। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और इजराइल के हमलों के पहले दिन मुस्तफा खामिनई के पैर में फ्रैक्चर हो गया था और उन्हें हल्की चोटें भी आई थी। बताया गया कि वह उसी हवाई हमले में घायल हुए थे जिसमें उनके पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अयतुल्लाह अली खामिनई की हो गई थी। कुल मिलाकर हालात बेहद तनावपूर्ण हैं।

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