मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव के बीच भारत के लिए राहत की खबर सामने आई है। हॉर्मोस जलडमरू मध्य में फंसा भारतीय गैस टैंकर शिवालिक भारत के लिए रवाना हो चुका है। यह जहाज 400 मेट्रिक टन से ज्यादा एलपीजी लेकर भारत आ रहा है। पिछले कई दिनों से स्टेट ऑफ हॉरर्मोस में भारत का एक टैंकर फंसा हुआ था।
आपको बता दें कि स्टेट ऑफ हॉरर्मोज किसे कहते हैं? यह समुद्र का एक ऐसा रास्ता है जहां तेल और गैस ले जाने वाले जहाज दुनिया के अलग-अलग कोने को जाते हैं। इस समुद्री रास्ते से भारतीय विशालकाय गैस टैंकर शिवालिक अब सुरक्षित रूप से बाहर निकल चुका है। N 18 को सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस जहाज पर 400 टन से ज्यादा एलपीजी गैस लदी हुई है जो भारत की गैस की किल्लत को दूर करने के लिए बेहद जरूरी है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह ऑपरेशन को भारतीय नौसेना अपनी सीधी निगरानी में अंजाम दे रही है। के मुहाने पे खड़े इस इलाके में भारतीय तिरंगे वाले जहाज का निकलना भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जा रही है। साथ ही भारत का फारस की खाड़ी से अगले 6 घंटे में एक और जहाज निकलने की तैयारी में है।
भारत के करीब 38 जहाज इस इलाके में फंसे हुए थे। न्यूज़ 18 की रिपोर्ट के अनुसार शिवालिक के निकलने के बाद अब अगले 6 घंटे के भीतर एक और बड़े जहाज के रवाना होने की उम्मीद है। भारत सरकार और ईरानी सरकार के बीच हुई लंबी बातचीत के बाद यह रास्ता साफ हुआ है। भारतीय नौसेना के जहाज इन टैंकरों के साथ चल रहे हैं। ताकि समुद्र में छिपे बम या हमलों से उनकी रक्षा की जा सके।
वे सुरक्षित अपने रास्ते पर जा सके। इस जहाज में 400 टन एलपीजी गैस है जो भारत के लिए बहुत जरूरी है। ईरान इजराइल के तनाव के बीच देश में गैस की सप्लाई पर असर पड़ रहा है जो मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में गैस की कमी की चिंता बढ़ गई है।
लेकिन अब शिवालिक जहाज के आगे बढ़ने से यह साफ हो गया है कि भारत सरकार ने बातचीत करके अपने जहाज और गैस की सप्लाई को सुरक्षित कर लिया है। बता दें कि जिस हॉर्मोन्स पर ईरान की नाकाबंदी से अमेरिकी नेवी डर गई है, वहीं भारतीय नेवी का जलवा दिखाई दिया है। ईरान ने पहले ही चेतावनी दी थी कि बिना अनुमति के कोई भी जहाज हॉर्मोज पार नहीं करेगा।
भारतीय नौसेना इन जहाजों के साथ चलकर उनकी सुरक्षा कर रही है। इससे साफ होता है कि भारत के इस इलाके में अपनी सुरक्षा और ताकत के मामले में कोई समझौता नहीं करेगा। N 18 ने पहले ही बताया था कि बातचीत सफल होने के बाद जहाजों की आवाजाही जल्द शुरू हो जाएगी और शिवालिक जहाज का आगे बढ़ना उसी खबर को सही साबित करता है।
