ईरान ने ट्रंप के दावे की हवा निकाल दी !

ट्रंप एक तरफ दावा करते हैं कि वह जब चाहे ईरान से खत्म कर सकते हैं। दूसरी तरफ ईरान यूएस के ऑयल टैंकर्स को नेस्तनाबूद कर रहा है। दरअसल ईरान ने पोर्शियन गल्फ में दो ऑयल टैंकर्स पर किया है। 11 मार्च को हुए इस हमले में एक भारतीय नागरिक की भी हुई है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक ईरानी बोट्स ने इन टैंकर्स को टक्कर मार दी।

जिसके बाद दोनों टैंकर्स में आग लग गई। इराकी सुरक्षा कर्मियों ने समय रहते 38 लोगों को रेस्क्यू कर लिया है। टैंकर्स ट्रैकर्स के मुताबिक इन दोनों टैंकर्स में 4 लाख बैरल इराकी तेल जा रहा था। अब उन दोनों टैंकर्स की बात कर लेते हैं किस देश से थी।

पहला टैंकर से सी विष्णु है। यह अमेरिका का टैंकर है जिस पर मार्शल आइलैंड्स का झंडा लगा था। इस टैंकर पर मौजूद एक भारतीय नागरिक की मौत हुई है इन हमलों में जिसकी पहचान अभी तक साझा नहीं की गई है। दूसरा टैंकर है जेफेरोज़। यह ग्रीस की कंपनी का टैंकर है जिस पर माल्टा का झंडा लगा था। अब ईरान ने पहले ही धमकी दे रखी थी कि वह इस रूट से कोई भी ऑयल टैंकर जाने नहीं देगा। जबकि स्टेट ऑफ हॉर्मोस से दुनिया भर का 20% तेल एक्सपोर्ट होता है। लेकिन अमेरिका के ऑपरेशन एपिक फ्यूरी और ईरान के जवाबी हमले ने इस रास्ते पर समुद्री यातायात को लगभग ठप कर रखा है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास आराक्षी से बात करने के बाद ईरान ने भारतीय तेल टैंकरों को स्टेट ऑफ हॉर्मोस से गुजरने की अनुमति दे दी है।

ताकि कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति प्रभावित ना हो। अमेरिका, यूरोप और इजराइल से जुड़े जहाजों को फिलहाल इस रास्ते पर प्रतिबंधित रखा गया है। 12 मार्च को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने रूसी समकक्ष से इस बारे में बात की। एक्स पर उन्होंने लिखा रूस के विदेश मंत्री सरगई लावर के साथ फोन पर अच्छी बातचीत हुई। हमने पश्चिम एशिया संघर्ष और उससे जुड़े डिप्लोमेटिक प्रयासों पर अपने विचार साझा किए।

साथ ही हमने द्विपक्षीय सहयोग के एजेंडे की भी समीक्षा की। इससे पहले ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात से रवाना होने के तुरंत बाद थाई झंडे वाले एक मालवाहक जहाज पर हमला किया था। 11 मार्च को रॉयल थाई नेवी ने यह जानकारी दी थी। यह जहाज गुजरात के कांडला बंदरगाह की ओर जा रहा था। तभी हॉर्न स्ट्रेट से गुजरते समय उस पर हमला हुआ। रॉयल थाई नेवी के एक बयान के मुताबिक ओमानी नेवी ने थाई जहाज से 20 नाविकों को बचाया और भारत ने इस बात पर दुख भी जताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच कमर्शियल शिपिंग को मिलिट्री हमलों का निशाना बनाया जा रहा है।

गृह मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक इस संघर्ष में ऐसे कई हमलों में भारतीय नागरिकों समेत कई लोगों की जान जा चुकी है और भी देशों से और हमले तेजी से बढ़ रहे हैं। बयान में आगे कहा गया कि भारत इस पक्ष में है कि कमर्शियल शिपिंग को निशाना बनाने और बेगुनाह सिविलियन क्रू मेंबर्स को खतरे में डालने या किसी और तरह से नेविगेशन और कॉमर्स की आजादी में रुकावट डालने से बचना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने ईरान के खिलाफ प्रस्ताव पास किया है।

जिसमें खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों की निंदा की गई है। यूएससी के 13 मेंबर्स ने इस प्रस्ताव के पक्ष में वोट किया। जबकि दो देशों ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया। यह चीन और रूस हैं। इसके अलावा भारत समेत 135 देशों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया है। अब बात तेल संकट की कर लेते हैं। तेल संकट को लेकर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी आईईए ने घोषणा की है कि उसके 31 सदस्य देश मिलकर अपने स्टॉक से 40 करोड़ बैरल तेल बाजार में सप्लाई करेंगे।

Leave a Comment