लड़ाई के बीच भारत में LPG संकट !लंबी कतारें… क्या बोली पब्लिक?

लड़ाई इन लोगों की हो रही है लेकिन ये चीज देखिए हिंदुस्तान में हम लोगों को कितनी दिक्कत होएगी यहां पे एलपीजी गैस इतना महंगा कर दिया है हम वैसे हम घरेलू महिलाएं हम किस तरीके से अपना घर चलाते हैं आगे चलके गैस और ज्यादा एलपीजी गैस को महंगा किया जा रहा है तो आगे चलके हम सबको बहुत ज्यादा भारत में बहुत ज्यादा दिक्कत आ जाएगीI

इनके लड़ाई के चक्कर में हमारा एलपीजी गैस महंगा किया जा रहा है। यह बिल्कुल भी ठीक बात नहीं है। अफोर्ड नहीं कर सकते हैं। जैसे कि मैं देख रहा हूं ईरान, इजराइल, अमेरिका में युद्ध चल रहा है। देखो कहीं का भी हो उस पे जो मार पड़ती है ना जो भार पड़ती है वो आम जनता पे पड़ती है। जैसे कि आजकल जो चल रहा है उसकी वजह से गैस का कितना दिक्कत होगा और गैस हर घर में इतना जरूरत है बहुत ज्यादा। पहले से इतनी महंगाई है और इस युद्ध के चलते और महंगाई बढ़ जाएगी। मैं यही कहना चाहूंगा इस युद्ध को रोका जाए।

किसी तरीके से यह युद्ध रुके नहीं तो इससे आम जनता के ऊपर बहुत लोड पड़ेगा और बहुत परेशानी होगी। पूरे भारत को आम जनता को दिक्कत होगी। इस युद्ध को रुकना चाहिए। एलपीजी हो और महंगी हो सकती है हां यही तो सबसे बड़ा सवाल है युद्ध कहीं भी हो रहा है तो सबसे ज्यादा जो दिक्कत होती है पब्लिक के ऊपर होती है तो अगर यह चलती रहेगी तो एलपीजी गैस और बढ़ेगी और बढ़ेगी और इसकी जो मार है आम जनता के ऊपर पड़ेगी तो इसलिए ये युद्ध को रुकना चाहिए।

हम तो रहते सर इंदिरा नगर हैं। हमारा ऑफिस यहीं है तो हम ऑफिस से लेने आए हैं। कितने दिन पहले आपने गैस बुक किया? गैस बुक तो हमने कल ही किया है। बुकिंग भी हो गई। बुकिंग भी हो गई है। लेकिन डीएससी नंबर नहीं आ रही है। अभी किताब लेके हम गए तो इन्होंने कहा कि जो है 25 दिन के लिए लॉक कर दिया गया है। 25 दिन के बाद ही गैस मिलेगी। 25 दिन के बाद ही गैस हां ऐसा इन्होंने कहा। अब जैसे अब हमारी ड्यूटी प्रयागराज अब चली जाएगी 10 तारीख के बाद। अब बच्चे छोटे-छोटे हैं। मान लीजिए उतनी दूर से लेने नहीं आ पाएंगे। लेकिन अब नहीं दिए तो क्या करें सर? और सिलेंडर अवेलेबल है और सिलेंडर हमारा बाकी भी है मार्च के पहले वाला दो तो देना चाहिए इनको। कारण कारण वही कह रहे हैं कि सरकार की तरफ से 25 दिन लॉक कर दिया गया है। 25 दिन के बाद ही बुकिंग होगी तभी आप सिलेंडर सिलेंडर पाएंगे। मान लीजिए बीच में खत्म हो जाए तो कैसे काम चल पाएगा?

भीड़ है यहां पे। अब भीड़ तो है। आप देख ही रहे हैं। आज सुबह तो बहुत ज्यादा भीड़ थी। कम से कम 100 150 200 ले रहे होंगे लाइन में। मेरा नाम अंजू विश्वकर्मा है और मैं भीमनगर वल्लभ भवन की तरफ से आई हूं। हम 9:00 बजे से आके खड़े हैं इस इंतजार में कि शायद सिलेंडर मिल जाएगा और ये था कि 9:30 बजे तक हमें सिलेंडर मिल जाता था। मगर 10:30 बजे से ये था कि आ जाएगी सिलेंडर। हम इस इंतजार में खड़े-खड़े। अब जानकारी आ रही है। एजेंसी से फोन किया कि आज की डेट में गाड़ी नहीं आएगी। आप आइए। हम ड्यूटी करने वाले बच्चों के पेपर चल रहे हैं। घर में सिलेंडर भी नहीं है।

हम नौकरी करते हैं। हम रोज यही चक्कर लगाएंगे। हमें क्लियर बता देते कि सिलेंडर मिलेगा नहीं। हमें 10:30 हम जितने का हमारा सिलेंडर नहीं उतनी तो हमारे हस्बैंड की हमारी तो हाजिरी चली गई। इतनी महंगाई में। अब हम क्या करें? बताइए। बोला कि कल आएगा या बोले हैं कल आएगी 10:30 बजे मिलेगा। अब आज भी कह के ना कर दिए। अब कल का क्या भरोसा? कल आ रही कि नहीं? जितने का हमारा सिलेंडर नहीं उतनी तो हमारी हाजिरी चली गई। अब हम ड्यूटी जाएंगे। बोलेंगे आप लेट हो गए। आप घर जाइए। हम क्या करें फिर? जयपाल भाग रहे क्या सिलेंडर यहां पे मिल रहा है नहीं मिल रहा है क्या मिल रहा है 6:00 बजे से बुक्कर मारेगा और अभी अभी आके बोल रहे अभी आके बोल रहे 10:30 पे मिलेगी अब बोल रहे टंकी नहीं आ रही गाड़ी नहीं आ रही है तो एजेंसी बंद करके रख देना चाहिए ना जब गाड़ी नहीं आ रही तो काहे के लिए परेशान जनता को कर रहे हो पर्ची कटवाई पर्ची काट कटवा दी इनने पर्ची काट के दी है भाई पर्ची काटना नहीं था फिर पर्ची काटनी नहीं था एजेंसी बंद कर देते भाई जनता परेशान नहीं होती ना जो पार्टी का नंबर वो नंबर भी नहीं समय दिया गया था कोई टाइम दिया गया था 10:30 का समय दिया था और 10:30 तो हो ही है और अब गाड़ी नहीं आ रही है। फ़ करके पूछे तो बोल रहा है और मैडम बैठी है तो बदतमीजी कर रही है मैडम। कुछ बोला कि कब तक आ सकती है गाड़ी आ जाएगी या नहीं आएगी? उन्होंने बोला 10:30 तक गाड़ी आ जाएगी। इतना ही बोला बस। अब इसके बाद फ़ लगा के बोलेगा गाड़ी अब नहीं आ रही है। कल आएगी। कल आएगी। कल का टाइम दे रही है। कल दो दिन से गैस नहीं है हमारे घर में। हां? बूढ़े माता राम है घर पे। हां, नौकरी जाएंगे कि माता जी को देखेंगे आप? देखने के लिए। जनता परेशान हो रही है। कब से आ रहे हैं गाड़ी मतलब टंकी के लिए? क्या मिली नहीं? टंकी के लिए तो सर तीसरा दिन है मेरा आज। टंकी मिल ही नहीं रही। आज मेरा तीसरा तीसरा चक्कर है। सुबह 8:00 बजे से तीसरा चक्कर लगा चुका हूं।

मैं गाड़ी चलाऊं, ऑटो चलाऊं या मतलब टंकी के लिए लाइन में खड़ा रहूं। मैंने क्या अभी मेरे को 10:00 बजे का टाइम दिया था। 10:00 बजे से 10:30 भी हो गया। 11 भी बज गए साहब। तीसरी बार आए लगातार तीन बार क्या बोला गया? बस अभी आ रही है थोड़ी देर में आ रही है। एक घंटे में आ जाएगी। और आप क्या कह रहे हैं? अभी अब मना सभी बोल रहे हैं कि आ ही नहीं रही टंकी। अभी फ़ लगाया तो बोल रहे हैं कि कल आएगी। अब वो उधर फोन लगाओ तो कभी फोन उठाते हैं। कभी नहीं उठाते हैं। बस प्रॉब्लम यह हो रही है। हम बहुत परेशान हो रहे हैं। और अभी कोई रसीद करीब 20 बार फोन लगा चुका हूं मैं। अभी देख रहे हैं कि गैस खत्म हो गया है। पहुंचाने भी नहीं आ रहा है और न्यूज़ में ऐसा आ रहा है कि वॉर चल रहा है जिसके चलते कि सब जगह आ रहा है कि गैस की जो है ना किल्लत हो रही है। तो शायद टाइम पे नहीं मिल रहा है। दो-तीन दिन पहले मैं आया था दो तो वहां पे बोला कि ट्रक नहीं आ रही है। तो आज मैं आया हूं ऑफिस छोड़ करके आया हूं कि नहीं तो फिर पता नहीं और रेट बढ़ेगा कि क्या होगा।

अभी तो कुछ ही रेट बढ़ा है। आगे हो सकता है डबल हो जाए। हम क्योंकि न्यूज़ में देख रहे हैं कि यह जो क्रूड ऑयल का है वो उसका जो कीमत है वो डबल से ज्यादा हो रहा है। ऐसा मीडिया का कहना है। तो अभी कह नहीं सकते हैं। पता चला कि फिर नॉर्मल सप्लाई अभी दिख रहा है। नॉर्मल हां नॉर्मल सप्लाई पहले हो जाती थी लेकिन अभी तो बिल्कुल भी नहीं हो पा रही है। ये लोग भी नहीं पहुंचा पा रहे हैं। तो इसलिए इतनी लंबी लाइन लगाना पड़ रहा है और ऑफिस भी मेरा हैंपर हो रही है।

नाम बता दीजिए। धनंजय कुमार। जी क्या सुन के आए हैं आप लोग गैस लेने के लिए लाइन में लगे हैं हम तो अपने मोहल्ला में चार पांच दिन इंतजार किए गाड़ी वहां गैस का नहीं पहुंचा उसके बाद यहां लेने आए हैं और यहां आए तो यहां देख रहे हैं कि यहां भी लाइन ही है बस यही है और क्यों नहीं पहुंच रहा था आप लोग बताइए क्यों नहीं मिल रहा है आप गैस तो अब न्यूज़ के अनुसार तो यही सुनने में आ रहा है कि गैस का किल्लत है गाड़ी ही नहीं पहुंच पा रही है एजेंसी में तो वहां जो एजेंसी वाले लोग से फोन किए तो बोलता है कि अभी गाड़ी ही नहीं आया है इसलिए हमको यहां मजबूरन लेके आना पड़ा गैस में सर इस टाइम से नहीं आ रहे।

तीन दिन हो गया स्टॉक पड़ा था हमारा बस वही चला रहा है अभी स्टॉक नहीं है कल से भी बंद करना पड़ेगा बाजू में ऑफिस लेके हम लोग को खुद क्या हो रहा है कुछ मालूम नहीं है पब्लिक लोग को सुबह 6:00 बजे आके खड़ा हो जाते हैं अभी वो लोग की भी परेशानी अभी वो लोग मैनेज कर रहे हैं हम लोग को 19 किलो का नहीं मिल रहा है अभी हमारे पास स्टॉक पड़ा था वो चल गया आज का दिन चल जाएगा कल से बंद हो जाएगा कितना स्टॉक था अपन पास दो तीन सिलेंडर पड़ा था अभी तीन दिन से नहीं मिल था वो चल गया दुकान पे कुछ परिणाम होगा परिणाम में भी क्या करें किसको मैं बताऊं बताइए परिणाम तो लुस आदमी लोग 15 लोग आदमी काम करते हैं दुकान का भाड़ा ऐसा क्या करने का कुछ समझ नहीं पा रहा हूं मैं मैडम फैला 1540 था अभी अभी ₹1850 हो गया ₹300 बढ़ गया एक ही एक तारीख से कितनी समस्या हो रही समस्याओं का प्रॉब्लम बोलेगा तो मतलब कैसा जिनका लाइफ और जिनका बिनेस ये ऑयल पेट्रोल गैस के ऊपर डिपेंडेंट है उनका लाइफ से इंपैक्ट होना ही है। और यह भी देखा जाता है कि दुनिया में किसका भी भाव मतलब पेट्रोल एंड गैस ऐसा चीज है उसका भाव बढ़ेगा तो ऑटोमेटिकली सब प्रोडक्ट का भाव बढ़ेगा। बिकॉज़ पेट्रोल एंड गैस से गुड्स का गुड्स गेट ट्रांसफर फ्रॉम प्लेस ए टू प्लेस बी। तो पेट्रोल एंड गैस के ऊपर पूरा बाकी प्रोडक्ट्स का भाव डिपेंडेंट रहता है। अभी कैसा रहता है? ईरान इज़ अ प्रीटी बिग कंट्री जहां पे मैक्सिमम प्रोडक्शन होता है। अब ईरान का प्रोडक्शन अभी उसमें स्टॉपेज हो गया है। बिकॉज़ ऑफ़ दिस इजराइल एंड ईरान व जिसमें यूएस का भी सपोर्ट है। तो ऐसा प्रोडक्शन स्टॉप हो जाएगा तो ऑटोमेटिकली ग्लोबली ये रेट्स इंपैक्ट करेगा। बिकॉज़ वहां का सप्लाई कम हो जाएगा। तो सप्लाई कम हो जाएगा। डिमांड तो बढ़ेगा तो ऑटोमेटिकली प्रोडक्ट का भाव बढ़ना ही है। अभी ₹60 जो गैस के बढ़े हैं। तो क्या देखने को मिल रहा है? पब्लिक किस तरह से परेशान दिख रहा है? पब्लिक का क्या हो गया? पहले पब्लिक का इनफ्लेशन जो भाव रहता है वो तो बढ़ते जा रहा है बट पब्लिक का जो नेट सैलरी जो मिलता है पीपल द अमाउंट में वो बढ़ नहीं रहा है बिकॉज़ ऑफ़ व्हिच पीपल लोग थोड़ा डर गए कि भाई भाव भाव पहले से सभी चीज का भाव बढ़ते जा रहा है बढ़ते जा रहा है तो ये भाव भी बढ़ गए बढ़ जाएगा तो हाउ कैन वी गेट द गैस सिलेंडर बिकॉज़ ऑफ़ लोग गैस सिलेंडर कैसे एडवांस में लेके रख रहा है कि भाई घर पे लेके रख लो बिकॉज़ अगेन फिर गवर्नमेंट को भी देखना पड़ेगा कि भाई इंडिया में टोटल 100 लोग हैं 40 लोगों के पास पूरा सिलेंडर चले जाएगा तो 60 लोग क्या करेगा तो दैट्स द रीज़न गवर्नमेंट ने स्टेप किया कि भाई 40 के पास ज्यादा ना चले जाए। सब कुछ इक्वल प्रोपोशन में जाए। दैट्स द रीज़न हम लोगों ने डिसिशन जो लिया है कि भाई होम डिलीवरी हम लोग ने बंद कर दिया। जिसको चाहिए यहां पे आके लीजिए। वो सही डिसीजन है ताकि प्रोडक्शन और जो आउटफॉर डिलीवरी है उसके ऊपर लगाम रखे कि भाई जो जिसने आर्डर दिया उसी को आके स्टोर से आके लेना पड़ेगा। इंस्टेड ऑफ़ ये डिलीवरी बॉय आके 1200 का 1800 में बेच देगा। बोलेगा मैडम माल तो खत्म हो रहा है। आपको लेके रखना है। अभी रख लो। तो लोगों को पता नहीं रहेगा क्या बात है। वो लोग क्या करेगा? एक्स्ट्रा 2000 3000 एक्स्ट्रा देके इन लोग सामान ले लेगा। एक ब्लैक मार्केटिंग ब्लैक बिज़नेस बंद करने के लिए जो डिसीजन लिया है गवर्नमेंट ने इट्स अ प्र गुड डिसिशन और मेरे को ये भी लगता है कि फ्यूचर में ऐसा कुछ मेस अप ना हो जैसा कोविड और अपना डीमोनेटाइजेशन जैसा गवर्नमेंट को स्ट्रेटजिकली नेक्स्ट 60 डेज नेक्स्ट 90 डेज का रोड में अबाउट प्लान बना के रखना चाहिए मा नाम सचिन पाटिल है गैस सध्या का स प्रॉब्लम है चालू पूर्ण महाराष्ट्र बाहर का है सरकार ने जो लोकरत लोकर निर्णयवा कामगार संख्या है होटल तना पग वग करने सरकार विचार कर बुकिंग कॉल करता सप्लाई नहीं प्रॉब्लम है पैसे विषय नहीं गैस मिलत नहीं बोलता तुमचा गैस नहीं है।

इजराइल ईरान सर्व हो इफेक्ट होटल हो सध्या परिस्थिति का है गैस का होटल बंद होने शक्यता है बस हो गया ना नहीं नहीं बस हो गया अभी नहीं जो बोला वही बस मेरा नाम सचिन पाटिल है और ये अभी गैस का थोड़ा इधर मुंबई में या महाराष्ट्र में पूरा थोड़ा प्रॉब्लम है गैस का तो सरकार इसमें कुछ जल्दी से जल्दी सोचना चाहिए होटल कामगारों के बारे में इतना बड़ा कामगार वर्ग है मुंबई में महाराष्ट्र में ये लोग के बारे में थोड़ा सा सोचना चाहिए बस सबका पेट जो है होटल से चलता है और एलपीजी का सप्लाई जो है लगभग नहीं मिल रहा है।

होटल्स को मुंबई के होटल्स को कितनी परेशानियां हो रही है बुकिंग करने में हर चीजों में बहुत परेशानी हो रही है होटल ही नहीं गैस ही नहीं मिल रहा है तो अभी क्या करेगा बंद करने का अभी ये आ गया टाइम आया है गैस ही नहीं बोल रहा सरकार इसके बारे में सोचना मांगता है जल्दी

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