लड़ाई के बीच चीन की ट्रंप को चेतावनी।

के बढ़ते खतरे के बीच ईरान और अमेरिका के बीच तनाव को लेकर चीन ने कड़ा रुख अपनाया है। चीन ने साफ संकेत दिया है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ती सैन्य गतिविधियां हालात को और ज्यादा खतरनाक बना सकती हैं। ऐसे में चीन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि और सैन्य कार्यवाही के बजाय कूटनीति और बातचीत के जरिए इस संकट का समाधान निकाला जाए। रविवार को चीन के विदेश मंत्री वांग ई ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ईरान और पूरे खाड़ी क्षेत्र की स्थिति को बेहद जिम्मेदारी और समझदारी के साथ संभालने की जरूरत है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी देश की संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए। वांग ई ने सभी संबंधित पक्षों से जल्द से जल्द बातचीत की मेज पर लौटने की अपील की है ताकि बढ़ते तनाव को कम किया जा सके और हालात नियंत्रण में रह सके। चीन के विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी देश में क्रांति भड़काने या शासन परिवर्तन की कोशिशों को आम लोगों का समर्थन नहीं मिलता।

उनके मुताबिक बाहरी ताकतों द्वारा किसी देश की सत्ता व्यवस्था बदलने की कोशिशें अक्सर क्षेत्रीय अस्थिरता को और बढ़ा देती हैं। चीन का मानना है कि इस तरह की रणनीति यां समस्या का समाधान नहीं बल्कि नई समस्याएं पैदा करती हैं।

उन्होंने दुनिया की बड़ी ताकतों से भी अपील की है कि वे इस संकट की शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने में रचनात्मक भूमिका निभाएं। वांगी ने कहा कि अगर प्रमुख देश मिलकर सकारात्मक पहल करें तो मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को कम किया जा सकता है और हालात को की दिशा में जाने से रोका जा सकता है।

पड़ोसी देशों के साथ संबंधों और क्षेत्रीय कूटनीति पर बोलते हुए वांगी ने कहा कि चीन आने वाले समय में अपनी डिप्लोमेटिक कोशिशों को और तेज करेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि चीन हमेशा क्षेत्र स्थिरता और सुरक्षा के लिए एक मजबूत एंकर और पुल की भूमिका निभाता रहा है। चीन का लक्ष्य है कि बातचीत और सहयोग के जरिए क्षेत्र में शांति बनाए रखी जाए।

इस दौरान उन्होंने अमेरिका और चीन के संबंधों पर भी टिप्पणी की। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संभावित चीन यात्रा के सवाल पर वांगी ने कहा कि बीजिंग का रुख हमेशा सकारात्मक और खुला रहा है। उन्होंने कहा कि चीन और अमेरिका के बीच संवाद का बना रहना बेहद जरूरी है क्योंकि अगर बातचीत बंद हो गई तो गलतफहमियां बढ़ती हैं और टकराव की संभावना भी ज्यादा हो जाती हैं। वांगी ने कहा कि दोनों देशों के शीर्ष नेताओं ने संवाद को बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए हैं।

उनके अनुसार यह साल चीन और अमेरिका के संबंधों के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है। उन्होंने दोनों देशों से अपील की है कि वे मतभेदों को दूर करने और आपसी सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम करें। चीन के विदेश मंत्री का कहना है कि दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर पहले से ही हाई लेवल एजेंडा तय है। ऐसे में जरूरी है कि दोनों पक्ष इन चर्चाओं के लिए गंभीरता से तैयारी करें और एक ही दिशा में आगे बढ़े ताकि वैश्विक स्तर पर स्थिरता और सहयोग को मजबूत किया जा सके।

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