ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच इजराइल की राजनीति में भी बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइल के राष्ट्रपति इसाक हरजोक से अपील की है कि वो इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनाहू को तुरंत माफ कर दे।
उन्हें माफी दे दें। ट्रंप का कहना है कि अगर निदन्याहो पर चल रहे भ्रष्टाचार मामलों का दबाव खत्म हो जाएगा तो वह पूरी तरह ईरान के खिलाफ जंग पर ध्यान दे पाएंगे। लेकिन इस बयान के बाद इजराइल की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। नया विवाद देखने को मिल रहा है। दरअसल इजराइली प्रधानमंत्री नितनया साल 2020 से भ्रष्टाचार के कई मामलों का सामना कर रहे हैं।
उन पर आरोप है कि उन्होंने कुछ अरबपतियों से महंगे तोहफे गिफ्ट लिए जिनमें और ज्वेलरी जैसी चीजें शामिल हैं और बदले में उन्हें राजनीतिक फायदे पहुंचाए हैं। हालांकि नितिन याू इन सभी आरोपों से लगातार इनकार करते आए हैं, खारिज करते आए हैं।
इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने पिछले एक साल में कई बार राष्ट्रपति इसाक हारजोक से नितनाहों को माफ कर देने की अपील की है।
ट्रंप का कहना है कि के समय प्रधानमंत्री का ध्यान अदालत यानी कि कोर्ट के मामलों में नहीं बटना चाहिए। लेकिन इजराइल के एक सीनियर अफसर ने ट्रंप के इन दावों को खारिज कर दिया है। इनसे इंकार किया है। अधिकारी का कहना है कि आरजोक ने कभी माफी देने का वादा नहीं किया था।
उन्होंने सिर्फ इतना कहा था कि वह कानूनी प्रक्रिया के मुताबिक इस अपील पर विचार करेंगे। राष्ट्रपति कार्यालय का कहना है कि इजराइल एक संप्रभु देश है और यहां सभी फैसले कानून के मुताबिक ही लिए जाएंगे। वहीं कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इस समय माफी दी जाती है तो इसे विदेशी राजनीतिक दबाव मानकर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है।
फिलहाल की स्थिति के कारण अदालत की कारवाही सीमित है। लिमिटेड है और नित नेहू का ट्रायल फिलहाल रुका हुआ है। इजराइल कानून के मुताबिक माफी पाने के लिए आरोपी को अपनी गलती को स्वीकार करना होता है और पछतावा भी जताना पड़ता है।
लेकिन नितू अब तक किसी भी आरोप को मानने से इंकार करते आए हैं। यही वजह है कि यह मामला अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में बड़ा सवाल यहां पर यह है कि क्या ईरान के साथ चल रहे तनाव के बीच नितियाू को राजनीतिक राहत मिलेगी या फिर जंग खत्म होने के बाद उन्हें अदालत का सामना करना पड़ेगा। फिलहाल इस पूरे मामले में आप क्या सोचते हैं? आपकी क्या कुछ राय है? कमेंट्स में जरूर बताएं।
