इस एक्ट्रेस ने खोली गोविंदा की पोल बताया बर्बादी का असल कारण क्या था?

गोविंदा क्यों बर्बाद हुए? क्यों 90 के दशक में एक बड़े सुपरस्टार का दर्जा हासिल करने वाले आज उन्हें बॉलीवुड इंडस्ट्री में कोई पूछ नहीं रहा है। इसके पीछे की अब असल वजह सामने आ चुकी है। कभी अपनी कॉमेडी और बेमिसाल डांस से बॉक्स ऑफिस पर राज करने वाले सुपरस्टार गोविंदा आज बड़े पर्दे से दूरी बनाए हुए हैं। एक दौर था जब उनका नाम ही फिल्म की गारंटी माना जाता था।

लेकिन उस समय के साथ उनके करियर के ढलान सेट पर देरी से पहुंचने की खबरें और निजी जिंदगी से जुड़ी चर्चाएं खासकर तलाक और अफेयर की अफवाहएं लगातार सुर्खियों में रही। अब इस मुद्दे पर दिग्गज अभिनेत्री सुधा चंद्रन ने खुलकर बातचीत की है और कई चौंका देने वाले खुलासे भी किए हैं। होता यूं कि अभी हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में सुधा चंद्रन ने बताया कि उन्होंने गोविंदा का सुनहरा दौर बहुत करीबी से देखा है।

उनके मुताबिक उस समय इंडस्ट्री का हर बड़ा बैनर डायरेक्टर प्रोड्यूसर सिर्फ गोविंदा को अपनी फिल्में कास्ट करना चाहता था। हालात ऐसे थे कि गोविंदा के पास डेट्स नहीं होती थी। लेकिन लोग उनके पीछे पड़ जाते थे और किसी भी तरह उन्हें फिल्म साइन करने के लिए मना ही लेते थे।

गोविंदा पर अक्सर यह आरोप लग रहा है कि वह सेट पर घंटों से देरी से पहुंचते थे। इस पर सुधा चंद्रन ने तार्किक पक्ष रखते हुए कहा कि जब कोई अभिनेता एक साथ छ से सात फिल्में कर रहा हो तो वह मशीन नहीं बन सकता। दिन में सिर्फ 24 घंटे होते हैं। उन्हें भी आराम, खाना और एक सेट से दूसरे सेट तक पहुंचने का समय चाहिए। उनके अनुसार जब किसी कलाकार से जरूर से ज्यादा काम लिया जाता है तो देरी होना स्वाभाविक है। लेकिन इंडस्ट्री ने इसी बात को मुद्दा बनाकर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया। सुधा चंद्र ने यह भी साफ किया कि गोविंदा हमेशा लेट लतीफ नहीं थे। खासतौर पर निर्देशक डेविड धवन के सेट पर वह समय के बाब रहते थे। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि पहले लोगों ने उनसे हाथ जोड़कर फिल्में साइन करवाई और बाद में उन्हीं बातों को हवा देकर उनके करियर को साइडलाइन कर दिया। सुधा ने गोविंदा को देश के सबसे बेहतरीन और वर्सटाइल अभिनेताओं में से एक बताया।

आजकल सोशल मीडिया पर गोविंदा के एक छोटे इवेंट से शादियों में डांस करने के वीडियो भी वायरल होते हैं। जिन पर कुछ लोग उन्हें ट्रोल भी करते हैं। इस पर सुधा चंद्र ने दो टूक कहा कि एक सच्चे कलाकार के लिए मंच कभी छोटा या बड़ा नहीं होता। गोविंदा जहां भी परफॉर्म करते हैं पूरे जोश और ऊर्जा के साथ करते हैं और यही एक असली कलाकार भी पहचान है। सुधा चंद्रन के इस बयान से इस नैरेटिव पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जिसने कभी इंडस्ट्री पर राज करने वाले गोविंदा को धीरे-धीरे हाशिए पर ला दिया। अब उनके फैंस एक बार फिर सोशल मीडिया पर उनके समर्थन में आवाज उठा रहे हैं। सवाल वही है। क्या इंडस्ट्री ने अपने ही सुपरस्टार के साथ न्याय किया है या फिर समय और हालात ने यह दूरी पैदा कर दी।

Leave a Comment