माता पिता से इतने लंबे है अर्जुन तेंडुलकर, कैसे बढ़ाएं बच्चे की हाइट?

गॉड ऑफ क्रिकेट सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर जल्द ही शादी के मंदिर में बनने जा रहे हैं। द एंटायर फैमिली लुक्स पिक्चर परफेक्ट। लेकिन इन पिक्चर्स में एक और चीज हाईलाइट हो रही है जिसके बारे में नेटिजंस बात कर रहे हैं। हाउ इज अर्जुन तेंदुलकर दिस टॉल? जहां मास्टर ब्लास्टर सचिन की हाइट लगभग 55 है, वहीं उनकी वाइफ अंजलि की हाइट लगभग 53 या 54 के बीच है। हैरान करने वाली बात यह है कि इनके बेटे अर्जुन की हाइट 63 है। यानी वो अपने पेरेंट्स से काफी ज्यादा लंबे हैं।

यह डिफरेंस देखकर बहुत लोगों के माइंड में एक ही सवाल आता है। जब दोनों पेरेंट्स रिलेटिवली शॉर्ट हैं तो अर्जुन इतने टॉल कैसे हो गए? क्या इसके पीछे कोई स्पेशल ट्रीटमेंट है या फिर कोई सीक्रेट फार्मूला? आज हम सिंपल लैंग्वेज में समझेंगे कि साइंस इस क्वेश्चन का क्या जवाब देती है? सबसे पहले जेनेटिक्स की बात करते हैं। एक्सपर्ट्स के अकॉर्डिंग किसी भी इंसान की हाइट का लगभग 80% पार्ट जेनेटिक्स से डिसाइड होता है।

मतलब हाइट सिर्फ पेरेंट्स से ही नहीं बल्कि ग्रैंड पेरेंट्स और प्रीवियस जनरेशन से भी आ सकती है। कभी-कभी ऐसा होता है कि पेरेंट्स शॉर्ट होते हैं लेकिन फैमिली ट्री में कहीं टॉल जींस मौजूद होते हैं जो नेक्स्ट जनरेशन में एक्टिवेट हो जाते हैं। इसी वजह से कुछ बच्चे अपने पेरेंट्स से काफी ज्यादा टॉल हो जाते हैं। रिसर्च भी यह सजेस्ट करती है कि हाइट सिर्फ मदर और फादर की हाइट पर डिपेंड नहीं करती बल्कि इन्हहेरिटेड जींस का कॉम्बिनेशन होती है। अब बात करते हैं लाइफस्टाइल और न्यूट्रिशन की जो हाइट ग्रोथ में बहुत इंपॉर्टेंट रोल प्ले करते हैं।

रिपोर्ट्स के अकॉर्डिंग अर्जुन तेंदुलकर के पेरेंट्स ने बचपन से ही उनकी डाइट पर काफी ध्यान दिया। उनकी मील्स बैलेंस्ड और न्यूट्रिएंट रिच होती थी। जिसमें प्रोटीनंस, विटामिंस और मिनरल्स का प्रॉपर कॉम्बिनेशन होता था। एक एथलीट होने की वजह से उनकी डाइट में दाल, रोटी, वेजिटेबल्स, चिकन और फिश जैसे हाई प्रोटीन फूड्स इंक्लूड किए जाते थे। प्रोटीन बॉडी की ग्रोथ और मसल डेवलपमेंट के लिए बहुत जरूरी होता है।

स्पेशली ग्रोइंग एज में। अगर किसी बच्चे को चाइल्डहुड से प्रॉपर न्यूट्रिशन मिलता है, तो उसकी हाइट अपनी मैक्सिमम जेनेटिक पोटेंशियल तक पहुंच सकती है। डाइट के साथ-साथ अर्जुन का फिटनेस रूटीन भी काफी स्ट्रिक्ट रहता था। वो रेगुलर ट्रेनिंग और वर्कआउट्स फॉलो करते हैं। जिम सेशंस, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और स्पोर्ट्स एक्टिविटीज बॉडी को स्ट्रांग बनाती हैं और ओवरऑल फिजिकल डेवलपमेंट में भी हेल्प करती हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक एक्टिव लाइफस्टाइल और फिजिकल एक्सरसाइज ग्रोथ हॉर्मोनस को नेचुरली स्टिमुलेट कर सकते हैं जो हाई डेवलपमेंट में इनडायरेक्टली कंट्रीब्यूट करते हैं। जब अर्जुन की हाइट इतनी ज्यादा नोटिस होने लगी तो कुछ रमर्स भी स्प्रेड हुए कि शायद उन्होंने ह्यूमन ग्रोथ हॉर्मोन इंजेक्शंस लिए होंगे।

लेकिन आज तक इस बात का कोई साइंटिफिक प्रूफ नहीं मिला है। ज्यादातर एक्सपर्ट्स का मानना है कि अर्जुन की हाइट कंप्लीटली नेचुरल है। जेनेटिक्स, प्रॉपर न्यूट्रिशन और डिसिप्लिन लाइफस्टाइल का कॉम्बिनेशन है। और इंटरेस्टिंग बात यह है कि क्रिकेट में हाइट एक एडवांटेज भी बन सकती है। अर्जुन एक लेफ्ट आर्म फास्ट बॉलर है और उनकी टॉल हाइट उन्हें बॉलिंग में एक्स्ट्रा बाउंस और पेस जनरेट करने में हेल्प करती है। क्रिकेट हिस्ट्री में भी कई टॉल फास्ट बॉलर्स रहे हैं जिनके लिए हाइट एक नेचुरल एडवांटेज रही है। इसी वजह से अर्जुन का फिजिकल बिल्ड उन्हें क्रिकेट करियर के लिए बेनिफिशियल माना जाता है। तो सिंपल वर्ड्स में समझे अर्जुन तेंदुलकर की एक्स्ट्राऑर्डिनरी हाइट किसी एक रीज़न की वजह से नहीं है।

यह एक कॉम्बिनेशन है जेनेटिक्स, बैलेंस डाइट, डिसिप्लिन, फिटनेस रूटीन और हेल्दी लाइफस्टाइल का। यह स्टोरी एक इंपॉर्टेंट रिमाइंडर भी है कि ग्रोथ और हेल्थ में सिर्फ जींस ही नहीं बल्कि एनवायरमेंट और हैबिट्स भी बहुत बड़ा रोल प्ले करती हैं। और शायद इसीलिए अर्जुन तेंदुलकर का एग्जांपल अक्सर डिस्कस किया जाता है क्योंकि यह दिखाता है कि कभी-कभी नेक्स्ट जनरेशन अपने पेरेंट्स से बिल्कुल डिफरेंट फिजिकल ट्रेट्स डेवलप कर सकती है। जेनेटिक्स का गेम कभी-कभी काफी सरप्राइजिंग हो सकता है।

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