मैं कहां मना कर रहा हूं कि मैंने गलती नहीं की। मुझे पढ़ना चाहिए था क्योंकि ये मेरे घर का मसला था। इसलिए मैंने वकीलों को इन्वॉल्व नहीं होने दिया। षड्यंत्र में फंस गए राजपाल यादव। जेल भेजने पर उतारू हुए दुश्मन।
पैसे नहीं चाहिए था बदला। प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक्टर ने खोले बड़े राज। एक गलती की कीमत चुका रहे राजपाल। बिना पढ़े साइन किया ऐसा कॉन्ट्रैक्ट। डिटेल्स जान उड़ गए फैंस के होश। राजपाल यादव इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। चेक बाउंस विवाद के चलते पिछले दिनों वो काफी चर्चा में रहे। एक्टर 13 दिन तक तिहाड़ जेल में बंद थे। लेकिन 17 फरवरी को जमानत मिलने के बाद वह जेल से रिहा हो गए। वहीं अपने काम पर भी लौट आए हैं।
कहा जा रहा है कि उन्होंने अक्षय कुमार की भूत बंगला और वेलकम टू द जंगल की शूटिंग भी शुरू कर दी है। हालांकि राजपाल यादव ने अपने चेक बाउंस मामले पर कोई रिएक्शन नहीं दिया था। जिसके बाद अब उन्होंने मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस रखी है जिसमें उन्होंने अपने साइड की स्टोरी को बताया आखिर उनके साथ हुआ क्या था। पहले तो राजपाल यादव ने उन लोगों का धन्यवाद किया है जिन लोगों ने उनकी मदद की है।
इस बीच चेक बाउंस मामले में उन्होंने कहा मैंने एग्रीमेंट पड़े नहीं यह मुझसे गलती हुई। मैं जुबान पर विश्वास करता गया। जितने भी लोगों ने मेरी मदद की है उन सभी लोगों से मुझे समय चाहिए। मैं सबका पैसा वापस करूंगा। इसी बीच राजपाल यादव के वकील ने शिकायतकर्ता को लेकर कहा, हम यहां इस बात का खुलासा करने आए हैं कि वो झूठ फैला रहे हैं। उनकी मंशा पैसे लेने की नहीं थी बल्कि जेल भिजवाने की थी। लेकिन वो अपने इंटरव्यू में बोल रहा है कि हम उन्हें कभी जेल पहुंचाना नहीं चाहते थे।
राजपाल यादव के साथ षड्यंत्र हुआ। राजपाल यादव के वकील के अनुसार 5 करोड़ के लोन पर 60% ब्याज लगाया गया था। राजपाल यादव ने भी साफ कहा कि उन्होंने एग्रीमेंट ठीक से नहीं पढ़ा था और साइन कर दिया था जिसके चलते वह बड़े षड्यंत्र में फंस गए। बता दें एक्टर राजपाल यादव ने सोशल मीडिया के जरिए फैंस को जानकारी दी है कि वह अपना यू ट्यूब चैनल खोल रहे हैं।
उन्होंने वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा नई शुरुआत नया सफर अभी सब्सक्राइब करिए मेरे यूट्यूब चैनल पे। बता दें मामला 2010 का है जब राजपाल यादव ने अपनी फिल्म अता पता लापता को बनाने के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग ₹5 करोड़ का लोन लिया था। हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई जिसके चलते लोन चुकाने में देरी हुई और एक्टर ने जो चेक दिए थे वो बाउंस हो गए।
मीम इसके बाद नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था और दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्टर को कई अवसर भी दिए लेकिन बार-बार भुगतान ना करने के कारण अदालत ने उन्हें नोटिस जारी किया और 4 फरवरी को सरेंडर करने का आदेश दिया था। वहीं एक्टर ने कानून का पालन किया और सरेंडर कर दिया। जिसके बाद भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए उन्होंने जमानत याचिका दी थी। तिहाड़ जेल में रहने के बाद कुछ रकम अदा करने के बाद उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया। वहीं अब 18 मार्च को अगली सुनवाई होनी है।
