सुधा चंद्रन ने बताया, क्यों बॉलीवुड का हिस्सा नहीं हैं गोविंदा? एक्टर के कमबैक पर बोलीं…

दिग्गज एक्ट्रेस सुधा चंद्रन ने बॉलीवुड एक्टर गोविंदा के बारे में बात की है। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने गोविंदा के साथ काम किया तब उनका बर्ताव कैसा था। सुधा चंद्रन ने यह भी बताया कि इस वक्त गोविंदा बॉलीवुड का हिस्सा क्यों नहीं है। इतना ही नहीं सुधा चंद्रन ने गोविंदा के छोटे-छोटे इवेंट्स में डांस करने वाले वीडियोस पर भी कमेंट किया।

आइए बताते हैं उन्होंने क्या कहा। सुधा चंद्रन ने सिद्धार्थ करन को दिए इंटरव्यू में कहा सच कहूं तो मैंने उस दौर को बहुत करीब से देखा है। उस समय हर कोई गोविंदा को अपनी फिल्म में लेना चाहता था। हर प्रोड्यूसर हर डायरेक्टर हर बैनर उन्हें कास्ट करना चाहता था। वो मना करते थे कि मेरे पास समय नहीं है लेकिन फिर भी लोग रिक्वेस्ट करते थे।

अब जब एक कलाकार सबको खुश करने के लिए छह-सात फिल्में कर रहा है तो वह मशीन तो है नहीं। उन्हें भी सिर्फ 24 घंटे ही मिलते हैं। उन्हें भी सोने, खाने, एक सेट से दूसरे सेट पर जाने का समय चाहिए था। ऐसे में देरी होना लाजमी था। सुधा चंद्रन बोली, पहले उन्होंने रिक्वेस्ट करके उन्हें फिल्में साइन करने के लिए मजबूर किया और फिर उन्हीं की बुराई करके उनका करियर खत्म कर दिया। मैंने उनके साथ में काम किया है। डेविड धवन के सेट पर वह हमेशा समय पर जाते थे।

उनकी टाइमिंग, उनका डांस, उनकी एक्टिंग, वह सचमुच इस देश के बेहतरीन स्टार्स में से एक हैं। मैंने उनके साथ स्टेज शोज़ भी किए हैं। साउथ अफ्रीका टूर भी किया है। शो के बाद हम देर रात बैठकर अध्यात्म और उनकी मां के बारे में बात करते थे। सुधा चंद्रन ने आगे कहा आज लोग सोशल मीडिया पर वीडियो डालते हैं और कमेंट करते हैं कि वह छोटे इवेंट्स में डांस कर रहे हैं। लेकिन मुझे सिर्फ एक ही चीज दिखती है वो यह कि आज भी वह जहां भी परफॉर्म करते हैं पूरी शिद्दत से परफॉर्म करते हैं। वही चमक वही रौनक क्या फर्क पड़ता है लोग क्या लिखते हैं।

उन्होंने कभी खुद को जस्टिफाई नहीं किया। कभी काउंटर स्टेटमेंट नहीं दिया। वह उस तरह के इंसान नहीं हैं। सुधा चंद्रन बोली, “मुझे लगता है कि वह इस वक्त बॉलीवुड में नहीं हैं क्योंकि उनके लिए बहुत सारे रॉन्ग नैरेटिव सेट किए गए थे। कुछ गलतियां उनकी भी होंगी। उन्हें सोचना चाहिए और समय के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

अमिताभ बच्चन जी इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं। देखिए ना वह समय के साथ बढ़ने की कोशिश करते हैं। खुद पर काम करते हैं। मैं चाहती हूं कि गोविंदा भी खुद पर काम करें और कमबैक करें। मुझे उनका कमबैक देखना है।

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