मेरा नाम मोहम्मद दीपक…’, उत्तराखंड में दुकान का नाम बदलने के विवाद पर क्या बोले विनोद अग्निहोत्री

जी मुझे नहीं पता ये प्रवक्ता इस पर बोलेंगे या नहीं। एक और मुद्दा कल से दो दिन से जो चल रहा है उत्तराखंड के कोर्टद में आपने देखा होगा बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ता एक दुकान पर गए। एक बाबा ने वहां पर अपने दुकान के आगे बाबा लगाया हुआ था। उन्होंने कहा बाबा हटाओ बाबा हिंदू शब्द है। वहां पर दीपक नाम का और एक विनय नाम का दो लोग थे। उन्होंने उन बजरंग दल वालों का सामना किया। उनको वहां से जाने के लिए मजबूर कर दिया। उस लड़के से पूछा गया मेरा तुम्हारा नाम क्या है?

उसने कहा मोहम्मद दीपक वो था हिंदू। मतलब उसने एक तरह से एकता की बात की गई। जी और उसने बचाया उस मुस्लिम बाबा को बाबा लिखा था जिस मुस्लिम शख्स ने दुकान पर कल बजरंग दलेल दल वाले वहां पहुंच गए बड़ी संख्या में उसको सबक सिखाने के लिए पुलिस को आना पड़ा काफी बवाल हुआ है वहां पर मैं आपकी राय जानना चाह रहा हूं बजरंग दल वालों का कहना है कि अगर आप मुस्लिम हो तो दुकान के आगे मुस्लिम नाम लिखो बाबा क्यों लिख रहे हो? मोहम्मद दीपक या दीपक कुमार जो है वो ये कह रहा है भाई तुम लोग कौन होते हो बजरंग दल वाले आके दुकान दुकान पे ये पूछने वाले कि नाम क्या है.

और अंदर कौन बैठा है बजरंग दल वाले ये सबक सिखाने पहुंच गए कि तुम हमें रोक क्यों रहे हो पुलिस को समझ में नहीं आ रहा क्या करें नहीं बताइए इस देश में संविधान है संविधान में लिखा हुआ है कहीं कि मुसलमान जो है वो हिंदू नाम नहीं लिख सकता या हिंदू मुसलमान नहीं लिख सकता नाम होते हैं भाई शबनम नाम हिंदुओं में भी होता है मुसलमानों में भी होता है.

समीर नाम हिंदुओं में भी होता है मुसलमानों में भी होता है शबीर नाम मुसलमानों में भी होता है हिंदुओं में भी होता दिलावर नाम हिंदुओं में भी होता है, मुसलमानों में भी होता है। शमशेर नाम हिंदुओं में भी होता है, मुसलमानों में भी होता है। तो अब क्या करोगे आप? सुल्तान नाम। अच्छा कुछ लोग कह रहे हैं बाबा भी यूज़ होता है मुसलमानों में। बिल्कुल यूज़ होता है। बाबा कई जगह लेकिन पीर बाबा जैसे पीर बाबा है। ये तो साझी संस्कृति क्योंकि सैकड़ों साल साध रहे हैं तो भाषा एक दूसरे के साथ हो जाती है। देखिए ऐसा है। अब आप अब आप ऐसे बहुत सारे शब्द जो है कौन से निकाल देंगे भाई आप खाना खाएंगे। तो आप कह देंगे ये मुसलमानी शब्द है। पानी जो है मुसलमानी शब्द है। जल ही पिएंगे। तो ये तो मतलब एक सेकंड एक सेकंड देखिए एक सेकंड एक बात एक सेकंड देखिए जो आपने बात बोली वो दीपक ने अच्छा नाम किया सुनिए एक राष्ट्रीयता की बात की राष्ट्र को आगे ले जाने की बात की संविधान का सम्मान किया और जो संविधान का सम्मान करते हैं ना उनका सम्मान होना चाहिए जो संविधान का अपमान करते हैं .

उनका सम्मान होना ही नहीं चाहिए क्योंकि देश संविधान से चलेगा ना देश संविधान न्यायपाल कैसे चलेगा ऐसे तो सब लोग अपने-अपने बांट लेंगे ये मेरा ये तेरा तो इससे देश तो वाजपेयी जी क्या कह जी बोलिए मैं कुछ यह कह रहा था कि इमरजेंसी का दौर विनोद जी को याद होगा आपको भी याद होगा उस वक्त एक गाइडलाइन निकाल दी लॉ के नोटिफिकेशन करके कि जो बोर्ड दुकान का लगेगा वो एक कलर में लगेगा फिर उसके नीचे प्रोपराइटर का नाम भी लिखेंगे आप तो मेरा सिर्फ कहना यह है कि ये सरकारें अक्सर इस तरह के काम करती रहती हैं और उसके पीछे कई भावनाएं होती हैं। समाज ठीक से चले, रूल ऑफ़ लॉ से चले, अगर मान लो दीपक की बात है, क्यों भैया आप अपने हाथ में लोगे कानून? जाइए थाने में।

मैं उसके खिलाफ जाऊंगा उसी के खिलाफ जाओगे। उसी के खिलाफ जाओगे बजरंग दल वाले के खिलाफ। लेकिन कौन जिसका काम है उसी को रहा है? अरे कोई हम इनको पीटने लग जाए तो आप बचाएंगे कि नहीं बचाएंगे? इनको बताइए। मेरी बात सुनिए। मेरी बात सुनिए। एक मिनट सुनिए। हम इनको लग तो सुनिए। हम इनको लगे। अभी क्या करोगे आप? हम इनको लग जाएंगे। आपके इनको नहीं छुड़ाएंगे हमें छुड़ाएंगे कि नहीं छुड़ाएंगे कमाल की बात कर रहे .

हैं आप रहने दीजिए एक सेकंड वाजपेय जी एक सेकंड एक सेकंड अनुराग एक सेकंड अनुराग एक मिनट एक मिनट एक सेकंड पहले मैं तथ्य ठीक कर दूं वहां पीट पिटाई नहीं हो रही थी आप ये मत बोलिए लगूंगा नहीं हो रही थी वहां वहां की बात नहीं हो रही है कमाल कर रहा हूं ये कह रहे हैं.

हर बात पे जैसे मानो इनकी इनकी मेरी बातें नहीं हो रही है अच्छा मतलब वाजपेयी जी का वाजपेयी जी का कहना यह है के वहां दीपक जो थे या उनके साथी जो थे उनको भी बजरंग दल वालों के साथ उलझना नहीं चाहिए था। पुलिस में शिकायत करनी चाहिए थी। ओके। आलोक जी कुछ कहना चाह रहे यहां आलोक जी आप भी बोल

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