गंभीर बीमारी से जूझ रही टीवी एक्ट्रेस। दोस्तों की निधन का लगा गहरा सदमा। पल-पल डर में जी रही एक्ट्रेस। बेचैनी में कटता एक-एक दिन। नाजुक हालत में पति बना सहारा। हालत देख परिवार की उड़ी नींद। घर की बहू की सासससुर को सताई चिंता।
टीवी की पॉपुलर एक्ट्रेस और बॉलीवुड सुपरस्टार गोविंदा की भांजी ने कुछ ऐसे खुलासे किए हैं जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया है। अब गोविंदा की भांजी सुनकर आप भी कहीं ना कहीं यह तो समझ ही गए होंगे कि यहां हम बात कर रहे हैं आरती सिंह की। यूं तो आपने आरती सिंह को अक्सर ही सोशल मीडिया पर हंसते मुस्कुराते हुए देखा होगा।
लेकिन क्या किसी ने कभी सोचा था कि वही आरती डिप्रेशन और एंजायटी से जूझ रही होगी? जी हां, सुनकर लगा ना झटका। इस बात का खुलासा आरती ने खुद एक हालिया इंटरव्यू के दौरान किया है। उन्होंने बताया कि किस तरह उनके करीबी दोस्तों, शेफाली, जरीवाला और सिद्धार्थ की अचानक मौत ने उनके जीवन को हिला कर रख दिया। इस बात से तो सभी वाकिफ हैं कि साल 2025 बॉलीवुड के साथ-साथ टीवी इंडस्ट्री पर कहर बन बरसा है। इस साल कई परिवार वालों ने कई फैंस ने अपने चाहने वालों को हमेशा हमेशा के लिए खो दिया है। इसमें से एक नाम कांटा लगा गर्ल शेफाली जरीवाला का भी है।
42 साल की उम्र में शेफाली का यूं दुनिया को अलविदा कह देना किसी गहरे सदमे से कम नहीं था। उनके परिवार वाले, उनके दोस्त अभी भी इस सदमे से उभर नहीं पाए हैं। आरती ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में उनके जीवन में एक ऐसा मोड़ लिया जहां खुशी और दर्द एक्ट्रेस ने दोनों एक साथ देखे हैं। सुबह उठते ही डर और बेचैनी ने उन्हें घेर लिया और रात को सोने से पहले तक वो लगातार अपने मन में कई सवाल और डर लिए रहती थी। इस बारे में बात करते हुए एक्ट्रेस ने कहा यह बहुत डरावना है और मुझे बहुत घबराहट होती है यह सोच कर भी कि सिद्धार्थ शुक्ला और शेफाली जरीवाला अब हमारे साथ नहीं है।
मैं बहुत डर जाती हूं। कई बार मैं भावुक हो जाती हूं और खुद को संभालने के लिए पारस छावड़ा को फोन करती हूं। यह सब मुझे बहुत डराता है। आरती ने आगे कहा कि ऐसे समय में उनके पति दीपक उनका सबसे बड़ा सहारा बने। उनके पति दीपक ने उनकी जिंदगी में काफी शांति ला दी है। खासकर उन पलों में जब उन्हें घबराहट और डर महसूस होता है। इस बारे में बात करते हुए एक्ट्रेस ने कहा शादी के बाद मैं काफी शांत हो गई हूं। मेरी घबराहट और ज्यादा उत्तेजित होने की आदत काफी कम हो गई है क्योंकि दीपक बहुत समझदार है।
जब मैं परेशान हो जाती हूं तो वह स्थिति को बहुत समझदारी और शांति से निभाते हैं और मुझे भी शांत कर देते हैं। इन मुश्किल हालातों के बावजूद आरती सिंह ने हार नहीं मानी। डर, डर और बेचैनी के बीच उन्होंने यह साबित कर दिया कि अगर अपनों का साथ मिल जाए तो सबसे अंधेरे दौर से भी बाहर निकला जा सकता है। पति दीपक का प्यार और समझदारी आज आरती की सबसे बड़ी ताकत है जो उन्हें हर दिन नया हौसला देती है। सिद्धार्थ और शेफाली के निधन के बाद आरती अब खुद को धीरे-धीरे संभालने लग गई।
