एक जैसी शक्ल और आवाज़ के दो कलाकार, दोनो ने छोटी उम्र में गवाई जान।

आज मैं मशहूर अभिनेता और दूरदर्शन के सबसे लोकप्रिय शख्सियत मोहन गोखले की कहानी लेकर आई हूं। इन्हें शायद फिल्मों से इतनी पहचान नहीं मिली थी। लेकिन दूरदर्शन पर इनके चाहने वाले दर्शकों की संख्या काफी अच्छी खासी हुआ करती थी। यह पहचान उन्हें मिली मिस्टर योगी सीरियल के कारण। 1988 से 1989 के बीच इस सीरियल का प्रसारण हुआ था और सिर्फ 13 एपिसोड्स के साथ मोहन घोखले को भारी सफलता मिली। इसी सीरियल की एक खास और मजेदार बात भी है।

दरअसल इस सीरियल की कहानी 12 राशियों की लड़कियों पर आधारित है और मोहन गोखले ने एक एनआरआई की भूमिका निभाई है जो अमेरिका में एमबीए की जॉब कर रहा है और शादी के लिए इंडिया आया हुआ है। इंडिया में आकर उसकी नजर एक किताब पर पड़ती है जिसमें 12 राशियों की लड़कियों के स्वभाव के बारे में लिखा हुआ है। तो बस इससे मिस्टर योगी प्रभावित हो जाते हैं और आने वाले 12 एपिसोड में एक-एक राशि की लड़की से हुई उनकी मुलाकातों की कहानी देखने को मिलती है।

दोस्तों, यह कहानी बड़ी ही मजेदार है और खास बात यह भी है कि कुछ एपिसोड्स आपको यू ट्यूब पर भी मिल जाएंगे। इस सीरियल की कहानी सुनकर आपको बॉलीवुड की फिल्म वस्य राशि पक्का याद आ गई होगी। तो मैं आपको बता दूं कि इस फिल्म की कहानी मिस्टर योगी से ही ली गई है। मिस्टर योगी के अलावा भी मोहन गोखले का बहुत सारे सीरियल्स में बोलबाला था। उनमें लेखू नाम का सीरियल शामिल है। इस सीरियल के एपिसोड्स भी आपको कहीं नहीं मिलने वाले।

इसलिए गुगल या यू ट्यूब पर सर्च करके अपना समय ना बर्बाद करें। क्यों? तुम्हें कैसे मालूम? ये पिक्चर बहुत गर्म है सर। ठंडे दिमाग से देखिए। थैंक यू। चलो फिल्म का टाइम हो गया। ओ या ऑफ़ कोर्स वेल थैंक यू सुनो क्या तुम्हारा अहमदाबाद में कोई जुड़वा भाई तो नहीं? दोस्तों अगर आप भी शक्तिमान के फैन हैं तो आपको भी इनविज़िबल मैन का किरदार जरूर याद होगा। उस किरदार को भी हमारे मोहन गोखले ने ही निभाया था। इसके अलावा यात्रा, भारत एक खोज, अल्पविराम, युगांतर, मिट्टी के रंग, श्वेतांबर जैसे यादगार टीवी सीरियल्स में भी मोहन गोखले दिख चुके हैं। कभी-कभी तो मुझे ऐसा लगता है कि अगर मेरा भी जन्म 1980 के जमाने में हुआ होता, तो मैं भी शायद उन यादगार सीरियल्स को याद कर पाती। हकीकत रेत की तरह मुट्ठी से निकल जाती है।

किस्मत फट के हाथ में आ जाती है और यह इश्क सोडा वाटर के झाग की तरह बैठ जाता। खैर अब क्या ही कर सकते हैं? इन सीरियल्स को देखने के लिए हमें दूरदर्शन के अर्काइव डिपार्टमेंट पर निर्भर रहना पड़ेगा। अब मोहन गोखले की महिमा मंडन खत्म करते हैं और उनकी बायोग्राफी की तरफ चलते हैं।

लेकिन उससे पहले मैं एक सवाल पूछना चाहूंगी। खास करके उन लोगों से जिन्होंने मोहन गोखले के सारे सीरियल्स देखे हैं। क्या आपको नहीं लगता कि शाहरुख खान मोहन गोखले की कॉपी करते हैं? इस सवाल का जवाब जरूर ईमानदारी से कमेंट बॉक्स में देना। अनिला कामदार है। व्हाट? अनिला कामदार। मतलब वो हेयर ब्रश वाली। वही ओ 7 नवंबर 1953 को पुणे में जन्मे मोहन गोखले का सिनेमा से गहरा नाता तो जरूर था। उनके पिताजी वसंत गोखले एक जानीमाने पत्रकार और सकाल जैसे प्रतिष्ठित अखबार के संपादक थे। उनके भाई संजय गोखले भी अपने क्षेत्र में सक्रिय रहे थे। लेकिन मोहन जी का पहला प्यार तो मंच था। पुणे के फर्गसन कॉलेज के दिनों में ही नाटकों ने उन्हें अपनी ओर खींच लिया था। इसलिए तो फिल्मी पर्दे पर आने से पहले उन्होंने थिएटर की दुनिया में खूब नाम कमाया। इसी थिएटर की दुनिया में उन्होंने एक कारनामा करके दिखाया।

क्या आपको पता है कि नाना पाटेकर को स्टेज पर किसने उतारा? कोई और नहीं हमारे मोहन गोखले ने ही। जी हां दोस्तों, उस मराठी नाटक का नाम था भा मुरार राव। इस नाटक को लिखा था महान लेखक विजय तेंदुलकर ने। थिएटर के अलावा कुछ हिंदी फिल्मों में भी मोहन गोखले ने कमाल के किरदार निभाए थे। जैसे कि स्पर्श, आदत से मजबूर, मोहन जोशी हाजिर हो, मिर्च मसाला और हीरो हीरालाल। इसके अलावा उन्होंने एक गुजराती फिल्म भवनी भवाई और एक अंग्रेजी फिल्म मिसेस शिपी मसाला में भी काम किया था। यू नो अबाउट विप्लश ही विल से व्हेन शी हिट माय कार माय नेक गॉट अ झटका एंड माय स्पाइन इज डैमेज फॉर एवर एंड सो आई एम स्विंग यू फॉर जस्ट $1 मिलियन चलिए अब उनके निजी जीवन पर नजर डालते हैं। उन्हें जरा और करीब से जानने के लिए आप इस तस्वीर को देखिए। हां, इन्हें आपने सब टीवी के कई सारे सीरियल्स में देखा होगा। इनका नाम है शुभांगी गोखले और यह मोहन गोखले की पत्नी हैं।

अब आपके मन में सवाल आया होगा कि इतने जबरदस्त कलाकार आजकल कहां गायब हैं? लेकिन यह जानकर आपको दुख होगा कि इतने बेहतरीन कलाकार ने साल 1999 में ही इस दुनिया से विदाई ले ली थी। 29 अप्रैल 1999 को वे कमल हासन की हे राम फिल्म की शूटिंग कर रहे थे और रात के समय के कारण उनका देहांत हो गया। आपको यह भी बता दूं कि वे शराब और का हद से ज्यादा सेवन करते थे। शायद इसी के चलते वे मात्र 45 की उम्र में हम सबको छोड़कर चले गए।

मराठी फिल्म इंडस्ट्री में आज भी उन्हें याद किया जाता है और उनकी बेटी सखी गोखले भी कुछ फिल्मों में दिख चुकी हैं। वीडियो के आखिर में मैं आपकी एक गलतफहमी तोड़ना चाहूंगी। आपने जब मोहन गोखले को गुगल पर सर्च किया होगा तो आपने देखा होगा कि गुगल विक्रम गोखले को उनका भाई बता रहा है। लेकिन यह बात सरासर गलत है। मोहन गोखले और विक्रम गोखले के बीच कोई भी संबंध नहीं था। इस बात का खुलासा खुद सुमित राघवन ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स के जरिए किया था।

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