सुपरस्टार धर्मेंद्र के बारे में तो हर कोई जानता है लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि धर्मेंद्र के एक भाई भी थे जिन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी किस्मत आजमाई थी और किस्मत क्या आजमाई थी उन्होंने 26 से ज्यादा फिल्मों में काम किया था। वह आगे चलकर एक डायरेक्टर और प्रोड्यूसर भी बने और फिर शायरी में भी उन्होंने अपना बड़ा नाम किया था। यह और कोई नहीं धर्मेंद्र के छोटे भाई अजीत सिंह देओल है।
और आज कब की और कैसे में अजीत सिंह देओल की लाइफ से जुड़ी वह बातें मैं आपको बताऊंगी जो आपने शायद ही सुनी होंगी। कब अजीत जो रेलवे स्टेशन पर काम करते थे वो मुंबई आकर बने हीरो। क्यों अजीत सिंह देओल धर्मेंद्र जितना बड़ा नाम नहीं बना पाए और कैसे अजीत सिंह देओल के जाने के बाद धर्मेंद्र को एक बात का हुआ पछतावा।
अजीत सिंह देओल धर्मेंद्र के छोटे भाई थे। जहां एक तरफ धर्मेंद्र कॉन्टेस्ट जीतकर फिल्म इंडस्ट्री में काम करने आ गए थे। वहीं दूसरी तरफ अजीत सिंह देओल अपनी लाइफ आगे बढ़ा रहे थे। वो गुरदासपुर रेलवे स्टेशन पर जॉब किया करते थे। इधर बात करें धर्मेंद्र की तो इनिशियली उन्हें भी मुंबई में काफी स्ट्रगल करना पड़ा था। जो फिल्में उनकी बनने वाली थी वो नहीं बन पाई। लेकिन धीरे-धीरे उन्हें फिल्में मिलने लग गई और उनका बड़ा नाम हो गया। जब धर्मेंद्र ठीक-ठाक तरीके से मुंबई में अपने पांव जमा चुके थे तब उन्होंने अपने छोटे भाई अजीत सिंह देओल को भी मुंबई ही बुला लिया।
अजीत अपनी पत्नी उषा को लेकर मुंबई आ गए। ईयर 1965 में वह भी फिल्मों के लिए ट्राई करने लगे। इसी बीच अजीत सिंह देओल को एक फिल्म मिली जिसका नाम था चिलमन। 1965 में अजीत सिंह देओल ने ये फिल्म साइन कर ली थी और अजीत सिंह देओल सपना देख चुके थे कि वो भी अपने भाई की तरह स्टार बनने ही वाले हैं। लेकिन अफसोस वो फिल्म शेलफ हो गई। इसके बाद अजीत सिंह देओल ने एक और फिल्म साइन की। जहां जागे वही सवेरा। ये फिल्म भी बंद हो गई। यही वजह है कि उनके करियर का सवेरा होते-होते एक बार फिर से अटक गया। फाइनली अजीत सिंह देओल ने एक हिंदी फिल्म की सोल्जर ठाकुर दलेर सिंह। इस बार यह फिल्म पूरी बनी।
फिल्म रिलीज भी हुई। लेकिन अजीत सिंह इस फिल्म से स्टार नहीं बन पाए। रीजन यह रहा कि इस फिल्म में वो अपने ही भाई धर्मेंद्र से कंपेयर हो गए। ना सिर्फ लुक्स के मामले में बल्कि कई लोगों को महसूस हुआ कि अजीत सिंह देओल कुछ नया नहीं कर पा रहे हैं। वह धर्मेंद्र की तरह ही एक्ट कर रहे हैं। धर्मेंद्र के कंपैरिजन की वजह से ही अजीत सिंह देओल को धर्मेंद्र का रिप्लेसमेंट माना जाने लगा और उसके बाद हुआ यह कि उन्हें लीड हीरो की फिल्म्स मिलने के बजाय कैरेक्टर रोल्स वाली फिल्में मिलने लगी। जिसके बाद उन्होंने फिल्मों में कैरेक्टर रोल्स ही करने शुरू कर दिए। इसमें खोटे सिक्के, मेहरबानी जैसी फिल्में शामिल है। अजीत सिंह देओल ने अपने भाई धर्मेंद्र के साथ एक फिल्म की थी। इस फिल्म का नाम था रेशम की डोर और इस फिल्म में अजीत और धर्मेंद्र के बीच एक फाइट सीन भी है। इस फाइट सीन का जिक्र धर्मेंद्र ने 4 साल पहले अपनी एक सोशल मीडिया पोस्ट में किया था।
उन्होंने इस फाइट सीन के कुछ स्क्रीनशॉट्स डाले थे और कहा था कि यह फिल्म मैंने मेरे छोटे भाई अजीत के साथ की थी। इस सीन में मुझे मेरे भाई के साथ फाइट करना था। मुझे बहुत बुरा लगा यह सीन करते हुए। धर्मेंद्र अपने भाई अजीत से इतना ज्यादा प्यार करते थे कि उन्हें फिल्मी सीन में भी अपने भाई को पीट कर बहुत बुरा और गिल्टी महसूस हुआ। धर्मेंद्र अजीत से प्यार करते क्यों नहीं? अजीत धर्मेंद्र की हर बात सुनते थे और धर्मेंद्र ने भी अजीत के करियर का खूब ख्याल रखा। इधर बात करें भाई अजीत की तो उन्होंने धर्मेंद्र को लाइफ की बहुत टफ सिचुएशंस में भी सपोर्ट किया। धर्मेंद्र की लाइफ में एक टफ सिचुएशन तब आई थी जब वो प्रकाश कौर से शादीशुदा होने के बावजूद एक्ट्रेस हेमा मालिनी से शादी कर रहे थे। तब दोनों परिवारों के बीच काफी प्रॉब्लम्स आ रही थी हेमा मालिनी और प्रकाश कौर के परिवार के बीच और धर्मेंद्र दोनों परिवारों में फंस गए थे। तब अजीत ने दोनों परिवारों के बीच बहुत हद तक समझौता कराया और माहौल को एकदम सही तरीके से संभाला। हम सब जानते हैं कि धर्मेंद्र के पहले परिवार ने हेमा मालिनी और उनकी बेटियों को अपनाया नहीं था। घर से 5 मिनट की दूरी पर रहने के बावजूद भी इतने सालों में हेमा मालिनी की बेटी एशा देओल एक या दो बार ही देओल्स के घर में गई है और उसकी भी वजह थी अजीत सिंह देओल ही। उनकी वजह से ही एशा देओल की एंट्री उनके घर में हुई। इनफैक्ट जब हेमा मालिनी की बेटियों की शादी हुई और सनी देओल और बॉबी देओल इस शादी में नहीं आए।
ऑब्वियसली वह अपनी मदर प्रकाश कौर के साथ खड़े रहे। तब अभय देओल ने भाई का रोल निभाया। हाल ही में जब हमने देखा कि धर्मपाल जी ब्रच कैंडी हॉस्पिटल में एडमिट थे और सनी देओल और बॉबी देओल अपनी मदर प्रकाश कौर के साथ थे तो इधर हेमा मालिनी और एशा देओल को संभालते नजर आए। वो उनके साथ उनकी गाड़ी में बैठकर सेफली उन्हें घर तक ड्रॉप करते नजर आए। यानी कि अजीत देओल ने जो बैलेंस परिवार में बनाने की शुरुआत की थी, उस बैलेंस की जिम्मेदारी अब अभय देओल पर है जिसे वह बखूबी निभा रहे हैं।
अजीत सिंह देओल के करियर की ही अगर बात करें तो हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में वह बड़ा नाम बतौर एक्टर नहीं बना पाए उनके भाई धर्मेंद्र के कंपैरिजन में तो उसके बाद उन्होंने कुछ फिल्में प्रोड्यूस की, कुछ फिल्में डायरेक्ट भी की। उन्होंने बॉबी देओल की बरसात फिल्म में भी एक कैरेक्टर रोल किया था और इसके बाद उन्होंने पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री में फुल फ्लेज तरीके से फिल्में बनाई और कहते हैं कि पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री को इस्टैब्लिश करने में अजीत सिंह देओल का बहुत बड़ा हाथ है। अपने उम्र के एक पड़ाव के बाद अजीत सिंह देओल ने शायरी की तरफ रुख कर लिया था और वह शायरी और कविताएं बहुत ज्यादा रखते थे। कई बड़े शायर हैं जो उनके दोस्त भी हुआ करते थे। 2015 में अजीत सिंह देओल ने अपनी आखिरी सांस ली।
बताया जाता है कि उन्हें ब्लैडर रिलेटेड समस्याएं थी और इसके चलते वह लंबे समय से हॉस्पिटल में एडमिट थे। वो रिकवर नहीं हो पाए और 2015 में वह चल बसे। अपने छोटे भाई को अपनी आंखों के सामने जाते देखना। धर्मेंद्र के लिए बहुत भारी समय था।
वह अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए। अपने छोटे भाई के फ्यूनरल पर धर्मेंद्र फूट-फूट कर रोए थे। अजीत सिंह देओल मैरिड थे उषा देओल से और इस शादी से उन्हें दो बच्चे थे। एक बेटी जिसका नाम वीरता है वह कैलिफोर्निया में सेटल्ड है। वहीं बेटा अभय देओल आज किसी पहचान के मोहताज नहीं है। जहां एक तरफ सनी देओल और बॉबी देओल ने कमर्शियल सिनेमा में अपना बड़ा नाम कमाया है। वही आर्ट सिनेमा और डिफरेंट सिनेमा में अभय देओल बहुत बड़ा नाम
