प्यार की वजह से खत्म कर लिया करियर और आखिरी सांस भी ली तो मोहब्बत की अमर कर दिया।

रिसेंटली हमने फिल्म इंडस्ट्री की एक बहुत ही टैलेंटेड आर्टिस्ट को खो दिया। सुलक्षणा पंडित जी जो एक एक्ट्रेस भी थी और सिंगर भी थी। सुलक्षणा पंडित वो आर्टिस्ट थी जो बहुत ही सिंसियर थी अपनी आर्ट को लेकर और एक बहुत ही भली इंसान थी। इमोशनल बहुत थी। सुलक्षणा पंडित के बारे में इंडस्ट्री में जब भी कोई बात करता है तो वो लोग यही कहते हैं कि इतनी अच्छी आर्टिस्ट थी लेकिन बहुत ही मासूम रही।

सुलक्षणा पंडित की पर्सनल लाइफ ट्रेजडीज से भरी रही और उनकी लव लाइफ को सुनकर तो सभी लोग यही कहते हैं कि जिंदगी में अगर आपका प्यार सक्सेसफुल नहीं हो तो मूव ऑन हो जाओ क्योंकि अगर आप मूव ऑन नहीं हुए तो फिर आप अपने आप को ही खत्म कर देंगे। ऐसी कुछ कहानी थी सुलक्षणा पंडित की। आज कब की और कैसे में हम इन्हीं शानदार आर्टिस्ट के बारे में बात करेंगे।

सुलक्षणा पंडित जी की जिंदगी से जुड़ी कुछ ऐसी बातें मैं आपको बताऊंगी जो आपने शायद ही सुनी होंगी। कब सुलक्षणा पंडित को कम उम्र में ही घर की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी। क्यों सुलक्षणा पंडित ने कभी शादी नहीं की? और कैसे 6 नवंबर 2025 जो सुलक्षणा पंडित की डेथ की डेट है उसी डेट ने उनकी प्रेम कहानी को पूरा कर दिया। [संगीत] सुरक्षना पंडित म्यूजिशियंस की फैमिली से आती है। महान पंडित जसराज जी उनके अंकल हैं। घर में गाने का माहौल था। यही वजह है कि बचपन से ही वो सुरीला ही गाती थी। नाइंथ की उम्र से तो उन्होंने प्रोफेशनल सिंगिंग शुरू कर दी और छोटे-मोटे इवेंट्स में वह गाना गाने लग गई थी। इसी बीच घर में कुछ ऐसी चीजें हुई जिससे घर में फाइनेंसियल क्राइसिस आए और सुलक्षणा पंडित प्रोफेशनली गाकर अपना घर चलाती थी। अपने छह भाई बहनों को उन्होंने पाला भी है। सुलक्षणा पंडित के भाई-बहनों की अगर बात करें तो फेमस जतिन ललित जो है वो उनके भाई है। इनका एक और भाई है जिसका नाम है मंदीर। इसके अलावा एक्ट्रेस विजेता पंडित इनकी छोटी बहन हैं।

सुलक्षणा की दो और बहनें हैं जिनका नाम माया और संध्या है। सुलक्षणा पंडित ने लेट 60ज में फिल्मों में गाना शुरू कर दिया। इनिशियली तो छोटे-मोटे सॉन्ग्स मिलते थे लेकिन बाद में उन्हें अच्छे सॉन्ग्स मिलने लगे और एक टाइम ऐसा आया जब उनका गाना इतना बड़ा हिट हुआ कि उन्हें उस गाने के लिए फिल्मफेयर का अवार्ड भी मिला। यह फिल्म थी संकल्प इस फिल्म का गाना तू ही सागर है तू ही किनारा। इस गाने को बहुत पसंद किया गया था और इसी के लिए उन्हें अवार्ड मिला।

सेम ईयर में सुलक्षणा ने एक फिल्म की थी उलझन और इस फिल्म से ही उन्हें नहीं पता था कि उनका दिल उलझ जाएगा फिल्म के को-एक्टर संजीव कुमार के साथ। संजीव कुमार को सुलक्षणा अंदर ही अंदर चाहने लगी और धीरे-धीरे उनसे प्यार हो गया। सुलक्षणा उन्हें बहुत पसंद करती थी। संजीव कुमार को भी सुलक्षणा का टेंशन अच्छा लगता था। दोनों काफी टाइम भी साथ में स्पेंड किया करते थे। फिर एक टाइम आया जब इस रिश्ते को नाम देने की बात आई। यह वो जमाना था जब प्यार के बाद शादी होती थी। डेटिंग कोडशिप इन सारी चीजों में ज्यादा बिलीव नहीं किया जाता था। यही वजह है कि सुलक्षणा पंडित ने तब संजीव कुमार को प्रपोज किया।

उन्होंने कहा कि आप मुझसे शादी कर लीजिए। मुझे अपनी पत्नी बना लीजिए। संजीव कुमार भी सुलक्षणा को पसंद करते थे क्योंकि सुलक्षणा संजीव कुमार की एक बीवी की तरह ही देखरेख करती थी। लेकिन संजीव कुमार ने इस शादी के लिए मना कर दिया। संजीव कुमार के शादी के लिए मना करने के पीछे दो रीजन है जो मीडिया में है। एक रीजन तो वो जो खुद सुलक्षणा ने अपने एक ओल्ड इंटरव्यू में बताया था। उन्होंने एक बार बताया था कि मैं और संजीव कुमार जी दिल्ली के एक हनुमान मंदिर में गए थे और उस दिन मंदिर में मैंने संजीव कुमार जी को कहा था कि आप मेरी मांग में यहीं से सिंदूर लेकर भर लो और हम दोनों शादी कर लेते हैं।

तो संजीव कुमार जी ने कहा कि नहीं मैं ऐसा नहीं कर सकता हूं क्योंकि मैं अपने पहले प्यार को नहीं भुला पाया हूं। बताया जाता है कि संजीव कुमार पसंद करते थे एक्ट्रेस हेमा मालिनी को। उन्होंने हेमा मालिनी को शादी के लिए प्रपोज भी किया था। लेकिन हेमा मालिनी ने उनका प्रपोजल रिजेक्ट कर दिया। उससे संजीव कुमार इतने टूट गए कि उन्होंने डिसाइड किया कि वह किसी से शादी नहीं करेंगे। यही वजह है कि संजीव कुमार ने सुलक्षणा से कभी शादी नहीं की। वहीं अगर बात करें सुलक्षणा की बहन विजेता की तो उन्होंने अपने एक इंटरव्यू में बताया कि संजीव कुमार मेरी दीदी सुलक्षणा को बहुत चाहते थे। दोनों एक दूसरे को बहुत पसंद करते थे।

दोनों पति-पत्नी की तरह ही रहते थे। लेकिन संजीव कुमार ने सुलक्षणा के साथ शादी इसलिए नहीं की क्योंकि उनकी हार्ट सर्जरी हो चुकी थी और वह कभी भी मर सकते थे। यही वजह है कि वह सुलक्षणा को अकेला नहीं छोड़ना चाहते थे और उन्हें एक विधवा बनाकर नहीं छोड़ना चाहते थे। इसीलिए उन्होंने सुलक्षणा से कभी शादी नहीं की। कहते हैं कि संजीव कुमार के आखिरी दिनों में सुलक्षणा ने संजीव कुमार की एक पत्नी की तरह ही देखरेख की और उन्हें बहुत संभाला। ईयर 1985 में संजीव कुमार चले गए।

सुलक्षणा अपने मां-बाप को भी खो चुकी थी और अब संजीव कुमार भी नहीं थे। सुलक्षणा जिंदगी में अकेली हो गई थी। इस अकेलेपन की वजह से और इस टूटे प्यार की वजह से वो डिप्रेशन में चली गई। काम में और किसी भी चीज में मन नहीं लगता था। यही वजह है कि धीरे-धीरे उन्होंने काम करना भी बंद कर दिया और कहीं आना-जाना भी बंद कर दिया। वह घर में ही रहने लगी। इसी बीच हुआ यह कि एक बार सुलक्षणा अपने बाथरूम में गिर गई। इसकी वजह से उन्हें एक हिप इंजरी हो गई। जिस वजह से कई महीनों तक उन्हें बेड में रहना पड़ा। अब सुलक्षणा जी अगर चाहती तो भी वह काम नहीं कर सकती थी। उन्हें बिस्तर में ही रहना पड़ा और इस वजह से हुआ यह कि उनके ऊपर कुछ कर्जा भी हो गया। उनके पास पैसे नहीं थे। उन्हें फाइनेंशियल क्राइसिस से झूझना पड़ा और तब काम आए बॉलीवुड एक्टर जितेंद्र। सुलक्षणा अपना घर बेचना चाहती थी, लेकिन वह घर रिपेयर मेंटेनेंस मांग रहा था। सुलक्षणा के पास उस घर को रिपेयर करवाने के भी पैसे नहीं थे। तब जितेंद्र ने अपने जीजा को तैयार किया। सुलक्षणा का घर उन्होंने अपने जीजा को दिलवाया और जो पैसे आए सुलक्षणा के उससे उनका कुछ कर्जा चुकाया गया और तीन फ्लैट्स जितेंद्र ने उन्हें दिलवाए। कुछ इस तरह से सुलक्षणा के फाइनेंशियल क्राइसिस जितेंद्र ने सॉल्व करवाए।

साथ ही इस टाइम में सुलक्षणा का सबसे बड़ा सपोर्ट सिस्टम बनी उनकी छोटी बहन विजेता पंडित। जब सुलक्षणा बेड रिडन हो गई, जब उन्हें इंजरी आ गई, तब उन्हें भी समझ आ गया कि अब दीदी को अकेला नहीं छोड़ा जा सकता है। इसीलिए परिवार वाले कुछ-कुछ समय के लिए दीदी का ध्यान रखते थे। लेकिन बाद में विजेता और उनके पति आदेश श्रीवास्तव ने सुलक्षणा को अपने घर पर ही रख लिया अपने परिवार के साथ। परिवार में सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था। लेकिन इसी बीच 2012 का समय आता है और तब सुलक्षणा की बहन संध्या अचानक से गायब हो जाती है। कुछ दिनों बाद उसकी लाश मिलती है। इस इंसिडेंट ने परिवार को तोड़ दिया था। विजेता को पता था कि उनकी एक बहन नहीं रही है। लेकिन उन्होंने यह बात सुलक्षणा को कभी नहीं बताई। रीजन यह था कि सुलक्षणा ऑलरेडी डिप्रेशन में थी। बेड रिडन थी। अगर इस परिस्थिति में उन्हें ऐसी खबर दी जाती तो वह टूट जाती। वह शायद जी ही नहीं पाती। उन्हें बहुत बड़ा शॉक लगता। यही वजह है कि विजेता ने सुलक्षणा से संध्या के मरने की बात एंड तक छिपाए रखी।

इधर 2015 में सुलक्षणा की बहन विजेता के पति आदेश श्रीवास्तव का भी कैंसर से निधन हो गया। परिवार बहुत दुखों से गुजर रहा था। लेकिन सुलक्षणा की बहन विजेता उनका ध्यान रखती रही। पति नहीं बचे सेवा करने के लिए तो बहन विजेता ने बड़ी बहन की ही सेवा करनी जारी रखी। एक साल पहले विजेता पंडित ने एक इंटरव्यू दिया था जिसमें उन्होंने सुलक्षणा जी के बारे में बात करते हुए कहा था कि दीदी मूवीस देखती है। सबकी बातें भी करती है। बाहर नहीं जाती है और बस रेस्ट करती है। वह चल फिर नहीं सकती है। उनकी एक फिजिकल कंडीशन हो गई है हिप इंजरी की वजह से। यह आखिरी अपडेट थी जो सुलक्षणा जी के बारे में उनके फैंस को मिली थी.

विजेता के थ्रू। और फिर आता है 6 नवंबर 2025 और उस दिन खबर मिलती है सबसे बुरी कि सुलक्षणा पंडित इस दुनिया में नहीं रही है। सुलक्षणा के जाने से हर कोई रोया लेकिन इस डेट में एक खास बात थी। इस डेट में खास बात यह थी कि 6 नवंबर जिस दिन सुलक्षणा जी की डेथ हुई कोइंसिडेंट कहो या यह कहो कि इतना गहरा रिश्ता था उनका संजीव कुमार से कि संजीव कुमार जी की डेथ भी 6 नवंबर 1985 को हुई थी और 40 साल बाद सेम डेट को सुलक्षणा पंडित की भी डेथ हुई। बस इस डेट के कॉम्बिनेशन को देखकर लोगों ने यही कहा कि फाइनली संजीव कुमार और सुलक्षणा की जो लव स्टोरी है वह ऊपर जाकर पूरी हुई। यहां धरती पर तो यह दोनों नहीं मिल पाए।

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