फिल्म मेकर JK बिहारी ने बताई शाहरुख के सफल होने की वजह।

शाहरुख खान को सफल बनाने में उनके एोगेंस का बड़ा हाथ है। ऐसा हम नहीं फिल्म मेकर जे के बिहारी का कहना है। बिहारी ने बीवी हो तो ऐसी फिल्म से सलमान खान को लॉन्च किया था। मगर शाहरुख़ को लेकर उनके विचार थोड़े तल्ख हैं। इसका दोष उन्होंने शाहरुख़ के उसी एरोगेंस को दिया जिसकी वजह से दोनों इंतहा प्यार की फिल्म में साथ काम नहीं कर सके। हुआ ये कि बिहारी इंतहा प्यार नाम की एक फिल्म बना रहे थे। इसमें ऋषि कपूर लीड रोल में थे। सेकंड लीड के लिए शाहरुख को अप्रोच किया गया था। वो इसके लिए तैयार भी हो जाते।

मगर दिक्कत तब आई जब उन्होंने बिहारी से फिल्म की स्क्रिप्ट मांग ली। बस यही बात डायरेक्टर को चुभ गई। सिद्धार्थ कन्नन के साथ हुई इस बातचीत में बिहारी ने बताया, “मैं शाहरुख़ खान के पास गया और उनसे कहा, कि मुझे महबूब स्टूडियो में एक पिक्चर करनी है।” तो उन्होंने मुझसे कहा कि आप मुझे स्क्रिप्ट भेज दीजिए। मुझे बड़ा अफसोस हुआ कि यह मुझसे स्क्रिप्ट मांग रहा है। वो तब किंग अंकल की शूटिंग कर रहा था। तब तक उसने कोई बड़ी फिल्म नहीं की थी। बाजीगर दीवाना जैसी मूवी बाद में आई। इसलिए शाहरुख ने जब मुझसे फिल्म की स्क्रिप्ट मांगी, तो यह बात मुझे अच्छी नहीं लगी।

यह उस दौर की बात है जब हिंदी फिल्मों में बाउंड स्क्रिप्ट का चलन नहीं था। कई फिल्म मेकर्स तो सेट पर ही सीन लिखते थे। कई बार ऑन स्पॉट इंप्रोवाइजेशन किया जाता था। वैनिटी वैन नहीं हुआ करते थे। एक्टर्स तीन-तीन चार-चार शिफ्ट में कई फिल्मों की शूटिंग साथ कर रहे होते थे। प्रमोशन नाम की बला तब सिस्टम का हिस्सा नहीं थी। एक्टर्स की फिल्में कब रिलीज हो रही है उन्हें खुद नहीं पता होता था। ऐसे में शाहरुख खान नाम के एक नए लड़के का स्क्रिप्ट मांगना बिहारी को खल गया। खैर बिहारी इस फिल्म में शाहरुख को इमरान खान की जगह कास्ट करने वाले थे। लीड रोल ऋषि कपूर को दिया गया।

बिहारी के मुताबिक ऋषि कपूर कश्मीर में शूटिंग कर रहे थे। मैंने फोन किया तो उन्होंने फोन पर ही हां कर दिया और शाहरुख मुझसे स्क्रिप्ट मांग रहा है। तो मुझे गुस्सा आया कि मुझे इसे काम नहीं देना है। हालांकि बिहारी ने स्वीकार की कि शाहरुख को सफल बनाने के पीछे उनके इसी एोगेंस का हाथ है। वो कहते हैं यह जो उसकी सक्सेस है ना यह उसकी एोगेंस की ही वजह से है। लोगों को उसे नहीं लेना चाहिए था पर लोग ले रहे थे। रतन जैन ने भी मुझसे कहा कि यह जो लड़का आया है नया वो ऐसी बड़ी-बड़ी बातें करता है। कैसे चलेगा? क्या करता है? मगर वही सक्सेसफुल हुआ। बाद में खुद रतन जैन ने भी उसकी बाजीगर बनाई। वो फिल्म सफल हो गई। यह पूछे जाने पर कि स्क्रिप्ट मांगे जाने से इंसान एोगेंट कैसे हुआ? इस पर बिहारी ने कहा उसने मेरा ईगो हर्ट किया। बात तो सही ढंग से की लेकिन उसने स्क्रिप्ट मांग ली। मैंने उससे कहा कि मैं कहानी सुनाता हूं।

मगर उसने कहा कि मुझे स्क्रिप्ट चाहिए। इससे मैं थोड़ा हर्ट हुआ कि यह नया लड़का आकर मुझसे स्क्रिप्ट मांग रहा है। जहां तक सलमान की बात है उनके फिल्म डेब्यू के पीछे भी एक बड़ी रोचक कहानी है। दरअसल बिहारी बीवी हो तो ऐसी की कास्टिंग कर रहे थे। इस सिलसिले में उन्हें एक यंग एक्टर की जरूरत थी जो फारुख शेख के भाई और रेखा के देवर विक्रम का रोल कर सके।

एक दिन वो अपने गैराज में बैठे थे। तभी सलमान रोड क्रॉस करके उनकी तरफ आते दिखे। बिहारी को उनके चलने का अंदाज बेहद पसंद आया और उन्होंने झट से उन्हें फिल्म में साइन कर लिया। यह सलमान खान के करियर की पहली फिल्म थी। इसके बाद उन्होंने 1989 में सूरज बजात्या की मैंने प्यार किया में काम किया जो 80 के दशक की सबसे कमाऊ फिल्म साबित हुई।

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