चाइना में एक के परिवार के 11 लोगों को मरने की सजा सुना दी गई। कुल 39 लोगों को सजा दी गई है। कुछ को उम्र कैद और कुछ को कई सालों की जेल। यह सुनकर मन में सबसे पहला सवाल आता है कि एक साथ एक परिवार के ही 39 लोगों को ऐसी सजा।
आखिर इन लोगों ने ऐसा किया क्या था? इस परिवार का नाम हैंग परिवार। में परिवार के काले कारनामे सिर्फ चाइना तक ही नहीं बल्कि म्यांमार तक फैले हुए हैं।
चीन और म्यांमार की सीमा के पास लॉकाई नाम का एक कस्बा है। चाइना सेंट्रल टेलीविज़ यानी कि सीसीटीवी की एक रिपोर्ट के माने तो मिंग परिवार ने यहां साल 2015 से कई सारे इललीगल काम किए। इसमें टेलीकॉम फ्रॉड, इललीगल और ट्रैफिकिंग और यानी कि जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं।
बीबीसी की एक रिपोर्ट बताती है कि चीन और उसके आसपास के इलाकों में गैंबलिंग इललीगल थी। इस बात का फायदा उठाया मिंग फैमिली ने। बाद में यही कसीनो मनी ट्रैफिकिंग और धोखाधड़ी का एक बड़ा अड्डा बन गया। इन अड्डों को कहा जाता है।
यह नाम इन्हें संयुक्त राष्ट्र यानी कि यूएन ने दिया। अदालत ने पाया कि मिंग फैमिली ने इन गोरख धंधों से करीब 10 बिलियन युवान यानी कि इस वक्त के हिसाब से ₹1,000 करोड़ कमाए।
कोर्ट ने यह भी पाया कि मिंग फैमिली इन अड्डों पर काम करने वाले कई सारे वर्कर्स के की भी जिम्मेदार है। मिंग फैमिली के अड्डों पर काम करने के लिए विदेश से लोगों को लाया जाता था।
इसमें चाइना नागरिकों की बड़ी संख्या थी। इन वर्कर्स को झूठा झांसा देकर लाया जाता था और फिर काम करने के लिए इन्हें मजबूर किया जाता था। जब वो इसका विरोध करते या फिर भागने की कोशिश करते तो उन्हें किया जाता। अब सवाल यह कि मिंग फैमिली पकड़ी कैसे गई? बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक करीब 2 साल पहले गुटों ने लौकाई इलाके पर कर दिया था। इन गुटों के पीछे चीन का ही हाथ बताया जाता है।
इस वार के दौरान मिंग फैमिली के मुखिया मिंग श्वेचांग ने अपनी जान दे दी थी। बाकी बचे फैमिली मेंबर्स चीनी अधिकारियों के हाथ लग गए थे। मिंग फैमिली को चीन लाया गया। सुनवाई चली और 29 सितंबर को चीन के वेंझाऊ शहर की इंटरमीडिएट पीपल्स कोर्ट ने अपना फैसला दिया। मिंग फैमिली के 11 लोगों को मरने की सजा मिली।
इसके अलावा पांच और लोगों को भी मौत की सजा मिली है। लेकिन फिलहाल उन पांच लोगों की सजा को होल्ड पर रखा गया है। इन 16 लोगों के अलावा और 11 लोगों को उम्र कैद की सजा मिली है और बाकी दोषियों को 5 से 24 साल तक की जेल हुई है।
सभी 39 दोषियों की प्रॉपर्टी भी ज्त कर ली गई है और जुर्माना अलग से लगाया गया। कोर्ट ने माना कि मिंग फैमिली ने समाज को बहुत नुकसान पहुंचाया है। इसीलिए इतनी कठोर सजा सुनाई गई है।
