सलमान खान की बैटल ऑफ गलवान के एक्शन डायरेक्टर एजाज गुलाबः एक फोन और भाईजान ने करवाया मेरा इलाज।

एक्सीडेंट्स तो काफी हुए मेरे लाइक वीरगति में भी मेरा एक्सीडेंट हुआ था जब जही नगर स्टेशन में हम लोग शूट कर रहे थे और जब सलमान खान के साथ में फाइट हो रही थी तो वहां पे एक जुबेर करके थे जिनका डुप्लीकेट मैं कर रहा था तो वहां से वो दो लोगों को उठा के फेंकते और सर्कल मार के दोनों लैंड करते हैं ऐसा दिखा था तो मैंने ऊपर से जंप किया था सर्कल करते हुए बॉक्स पे सेफ लैंडिंग हुआ था बट पता नहीं कैसे लचक करके जो है वो मेरी जो फीमर बोन है जो लेफ्ट साइड का फीमर बोन है मांडी का हिस्से का तो वो टूट गया था तो इट ब्रोक इन टू पीसेस जी फिर उसके बाद वो इमीडिएटली ऑपरेशन का बोला था डॉक्टर ने।

बट क्योंकि 95 में एक हिस्सा हुआ था तो 95 में डर लगता था कि अगर पैर ड्राफ्ट करेंगे कुछ करेंगे तो पैर छोटा बड़ा हो जाएगा मेरी लाइफ खराब हो जाएगी आगे स्टंट नहीं कर पाऊंगा तो मैंने डर के मारे उसका ऑपरेशन नहीं कराने का मैं सोचा आयुर्वेदिक से किसी ने सजेस्ट किया ठीक हो जाएगा तो मुझे उन लोगों ने हॉस्टल से निकाल के घर लेके गए घर लेके गए थे और वहां पर आयुर्वेदिक डॉक्टर आया तो उसने प्लास्टर वगैरह किया था।

बट जैसे ही सलमान खान भाई को मालूम पड़ा, सलमान खान को मालूम पड़ा तो उन्होंने इमीडिएटली मेरे एक्शन डायरेक्टर जो थे उस टाइम पे हनीफ भाई अब्बास भाई उनको बोला कि मुझे इजाज से मिलना है। और उस टाइम पे मैं बॉम्बे सेंट्रल में नवाब चौ में रहता था।

तो सलमान भाई खुद मिलने के वास्ते आए घर पर और मिलने के बाद उन्होंने मुझे पूरा भरोसा दिलाया कि तुम ऑपरेशन करा लो क्योंकि ऑपरेशन करोगे तो जल्दी अच्छे है वरना ये जो जिस हिसाब से एक्सरे में इनू टू पीसेस है तो इसका जुड़ना बहुत मुश्किल है आयुर्वेदिक तरीके से या हो सकता है कि काफी टाइम भी लग जाए बट क्योंकि मैं थोड़ा सा डरा हुआ था तो मैंने बोला भाई देखते हैं क्योंकि एक महीना के अंदर बोला है डॉक्टर ने कि एक महीने में कुछ इफेक्ट दिखेगा फिर भी उन्होंने मुझे फोन नंबर वगैरह दिया करके उस टाइम में मोबाइल्स होते नहीं थे। लैंडाइन नंबर्स थे तो घर का लैंडाइन नंबर दिया था उन्होंने और कहा कि जब भी कुछ जरूरत पड़े कभी भी जरूरत पड़े एनी टाइम कॉल कर देना मुझे। एक महीना एक्सरे एक महीना मतलब इलाज कराने के बाद आयुर्वेदिक का जब मुझे एंबुलेंस में डाल के एक्सरे के रास्ते लेके गए देखे तो एक्सरे में बिल्कुल भी फर्क नहीं पड़ा था।

इनफैक्ट काफी डिस्टेंस बढ़ गया था। तो हो सकता है कि शायद मुझे उठाने ले जाने में आने में शायद हां लेकिन इतना था कि आयुर्वेदिक और जो होम्योपैथिक मेडिसिन चल रही थी उसमें मेरा दर्द काफी कम था तो मुझे ऐसा लगता था कि हील हो रहा है बट वो हील नहीं हुआ था और जब सेकंड एक्सरे देखने के बाद में तो थोड़ा डर गया था मैं तो डर के फिर मैंने बोला कि क्या करें क्या नहीं करें तो मैंने फोन किया सलमान भाई के घर पे तो मम्मी ने फोन उठाया बहुत प्यार से बात की कहा कि बेटा मैं वो हैदराबाद में है मैं उनको इनफॉर्म कर दूंगी शायद शायद इवनिंग में उनका फोन आता है। जब भी फोन आता है हम इनफॉर्म कर देंगे। और क्योंकि मेरे बॉस लोग भी अब्बास भाई हनीफ भाई भी हैदराबाद में शूट कर रहे थे।

एंड फॉर्चूनेटली वो लोग एक ही होटल में थे। जहां सलमान भाई थे सेम होटल में वो लोग ताज रेजिडेंसी में रुके हुए थे। तो उन्होंने कहा ठीक है हम लोग शाम में मिलेंगे तो मुलाकात होगी तो उनसे बात करेंगे हम लोग। बट उनके मुलाकात से पहले ही सलमान भाई का फोन आ गया। तो उन्होंने मुझे फोन किया क्या हुआ बेटा? तो मैंने कहा ऐसीसी बात है ये हुआ बोले चलो खैर कोई बात नहीं अपुन देर हो गए लेकिन कोशिश करते हैं।

उसमें फिर हैदराबाद से उन्होंने बैठे-बैठे सारा अरेंजमेंट किया और सोहेल भाई को बोला कि मुझे कॉल करें फिर सोहेल भाई का फोन आया उन्होंने बोला कि आप लोग एंबुलेंस करके नाना वटी हॉस्पिटल आ जाओ और उसके बाद हमने सारा अरेंजमेंट कर दिया उनकी निगरानी में डॉक्टर एमए शाह ने जिन्होंने अमजद खान साहब का ऑपरेशन किया था तो वही बेस्ट डॉक्टर्स मिले उस टाइम पे तो उनके थ्रू मेरा ऑपरेशन हुआ और अल्हम्दुलिल्लाह मैं उसके बाद भी काफी स्टंट्स किया। लाइक 95 में किया तो मैं 2006 तक स्टंट्स करता रहा। उसके बाद भी काफी बड़े स्टंट्स किए।

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