एयर इंडिया हादसा हुआ है। सबसे पहले तो उसका एक बेसिक रिपोर्ट के बारे में बताएं। उसको आप कैसे देखते हैं? हां बेसिक रिपोर्ट जो अभी आती है 30 डेज के अंदर एक तो वो कट टू कट 30 डेज पे आई है। तो उसमें बेसिकली ये बताया गया कि उस दिन क्या-क्या हुआ? एयरक्राफ्ट कौन सा था? कहां से आया? क्या उसमें डिफेक्ट्स पाए गए थे? पायलट्स का एक्सपीरियंस क्या था? एंड उन्होंने अपना कितना रेस्ट था उनके पास। किस टैक्सी वे पे थे, कहां से टेक ऑफ किया? क्या स्पीड्स आई? कितनी हाइट तक गए। तो एक बेसिक-बेसिक आया। दूसरा जब क्रैश हुआ तो एयरक्राफ्ट के कौन-कौन से पार्ट्स किस कंडीशन में इन्वेस्टिगेटर्स को मिले। इन्वेस्टिगेटर्स कौन-कौन है। तो बड़ा इंपॉर्टेंट है कि आप देखेंगे कि जो फ्लैप वाली थ्योरी थी वो खत्म हो गई। रैट निकला है कि नहीं वो कंफर्म हो गया कि रैट निकला था। थ्रस्ट लीवर्स किस पोजीशन पे थे हादसे में। और बाकी चीजें तो मतलब उस दिन क्या-क्या हुआ वो उसमें मेंशंड है। लेकिन एक्सीडेंट क्यों हुआ वो जब मेन रिपोर्ट आएगी उसमें तो आई थिंक काफी टाइम लग जाता है। साल दो साल लग जाता है। वो उसके बाद में आएगी।
अच्छा इस पूरे रिपोर्ट में कुछ कुछ चीजें हैं जिन पर बहुत चर्चा हो रही है। जिन पर बहुत बात हो रही है। लगातार उसप डिस्कशन चल रहा है वो ये है। सबसे पहले तो जो फ्यूल की बात की जा रही है कि स्विचेस कट ऑफ से कैसे ये वर्क करता है? क्या ये मिड एयर प्रॉब्लम है? मैनुअली वर्क करता है या यह सॉफ्टवेयर वर्किंग है। क्या कुछ होता है? कैसे फ्यूल जाता है? जी देखिए जो रिपोर्ट में है फ्यूल कट ऑफ के बारे में ही थोड़ा बात की गई है। तो अभी इससे ये अनुमान लगाया जा सकता है कि समथिंग वेंट रोंग विथ द फ्यूल कट ऑफ स्विचेस। क्योंकि वहीं पे एक डेथ डायरेक्शन दी गई है इस इन्वेस्टिगेशन को। तो फ्यूल बेसिकली देखिए कोई भी एयरक्राफ्ट कैसे काम करता है। आप फ्यूल इंट्रोड्यूस करते हैं। एक कंबस्शन होता है। फ्यूल इग्नाइट होता है। प्रेशर बनता है। वो फिर हाई प्रेशर से पीछे से निकलता है। एंड देन दैट्स हाउ दी इंजन जनरेट थ्रस्ट। तो अगर आप बेसिक चीज है फ्यूल और इग्निशन। तो फ्यूल ही काट देंगे तो इंजन तो बंद हो गया आपका।
तो उसमें वही बताया गया है कि यार फ्यूल कट ऑफ स्विच था वो रन से कट ऑफ में आ गया। रन मतलब फ्यूल जा रहा है और कट ऑफ मतलब आपने काट दिया उसको। तो आपके जो पायलट के पास भी थ्रस्ट लीवर्स होते हैं और इंजन के कंट्रोल होते हैं तो यू आर कंट्रोलिंग दी कितना फ्यूल जा रहा है उसमें। तो उसमें रिपोर्ट में जो लिखा गया है कि हां वो रन से कट ऑफ में गए और 10 सेकंड बाद कह रहा है कि कट ऑफ से रन में आ गए। अब ये कंफ्यूजन उन्होंने छोड़ दिया कि उसमें लिखा है वन ऑफ द पायलट्स आस्क्ड द अदर कि तुमने मैनुअली किया कि नहीं। वो कहता है नहीं मैंने मैनुअली नहीं किया। तो इतना भी कंफर्म हो गया कि यार उसको अंदेशा हुआ कि मैनुअली हुआ है।
उसने कंफर्म किया नहीं हुआ। नाउ अब कुछ इंफॉर्मेशन होती है ना ऐसी कि पायलट्स को नहीं दी जाती। तो मैन्युफैक्चरर बोलता है कि यार इतनी इंफॉर्मेशन है आपको जरूरी नहीं है। बहुत चीजें बोइंग और एयरबेस ऐसी बनाते हैं जो कि एयरक्राफ्ट खुद ही करता है। कुछ पायलट्स के लिए होती है। कुछ इंजीनियर्स के लिए होती है और कुछ मतलब लिखी होती है बट आपके लिए जाननी जरूरी नहीं है। तो अब वो क्या बोइंग ने ऑटोमेटिक उसको कट कर दिया। वापस इंट्रोड्यूस कर दिया। तो वो जब डीप इन्वेस्टिगेशन होगी इसके बारे में तब पता चलेगा।
हालांकि पायलट्स के पास भी स्विच होता है और आई एम श्योर एयरक्राफ्ट का जो इंटरनल लॉजिक है क्योंकि एयरक्राफ्ट आर वैरी स्मार्ट। एयरक्राफ्ट का इंटरनल लॉजिक भी उसको कंट्रोल करता होगा। उसमें लिखा है कि वो ग्राउंड से एयर मोड पे आ गया। तो बट अब एक्चुअली क्या हुआ है? किसने किया है? इट्स अ बिग ओनर्स ऑन द मैन्युफैक्चरर आल्सो नाउ। उसकी भी जवाबदेही काफी बन जाती है। अच्छा इसमें वॉल की भी चर्चा चल रही है। वो क्या होता है? कैसे वर्क करता है? क्या एनरोलमेंट? तो, जब आप कोई स्विच कंट्रोल करते हैं, बेसिकली वॉल भी कंट्रोल कर रहे हैं। उसकी वॉल को खोल रहे हैं या बंद कर रहे हैं स्विच को। तो जब आप रन पोजीशन में है, तो वॉल खुली हुई है या फ्यूल फ्लो कर रहा है। जब कट ऑफ पोजीशन में तो वॉल बंद कर दी। फ्यूल वहां बंद हो गया। अब दुख की बात यह है कि जिस तरह रिपोर्ट में लिखा है कि रन से कट ऑफ गया। जैसे ही उसने टेक ऑफ किया।
हमें जब कि देखिए ऐसा लग रहा था कि शुरू में जब देखा हमने वीडियो कि काफी दूर तक गया फिर इंजन फेल हुआ। और उसमें लिखा है नहीं। उसने एयरपोर्ट की पेरीमीटर वॉल भी क्रॉस नहीं की थी। 180 न्स पे वह रन से कट ऑफ में चला गया। 155 पे लिफ्ट ऑफ हुआ। स्पीड बिल्ड हुई 180। 180 पे वो कट हो गया। एयरपोर्ट की पेरीमीटर वॉल भी क्रॉस नहीं हुई थी। बिकॉज़ ऑफ़ द इनर्शिया इट गेन लिटिल ऑल्टीट्यूड। क्योंकि थोड़ी एनर्जी होती है आप में। में एनर्जी लूज़ करते-करते टाइम लगता है। उस एनर्जी से भी आप कार में एकदम से एक्सेलरेटर छोड़ेंगे तो गाड़ी रुक थोड़ी ना जाएगी। थोड़ी आगे जाती है ना। तो इनर्शिया से ऊपर गया। एंड देन वो कट ऑफ हुआ। 10 सेकंड के बाद दोबारा आ भी गया।
एयरक्राफ्ट फेडेडक जो होता है फुल अथॉरिटी डिजिटल इंजन कंट्रोल वो एक समझ लीजिए एक तरीके के इंजन का माइंड है वो वो सारी चीजें कंट्रोल करता है पायलट जब हम लोग जब इंजन स्टार्ट करते हैं तो हम दो चीजें करते हैं मतलब मैं अपने एयरक्राफ्ट की बता रहा हूं इग्निशन ऑन ताकि उस कंप्यूटर का पावर जाए और मास्टर स्विच ऑन दो काम करते हैं हम नॉर्मल इंजन स्टार्ट में बाकी सब फेडेडक करता है कब फ्यूल डालना है कितना टेंपरेचर है ईजीटी मेजर करेगा इट्स लाइक समझ लो आप एआई तो फेडेडक ने दोबारा जब फ्यूल शट ऑफ ऑफ आया रन पोजीशन में दोबारा उसने इंजन रीलाइट किया डिसलरेशन स्टॉप भी हुआ उसने फाइट भी मारा बट दैट आई थिंक टाइम वास टू लेस वो स्टार्ट नहीं कर पाया एंड देन जब इनर्शिया था जब कटा ऊपर गया ना जब नीचे आया तब भी इनर्शिया काम कर गया वो गेट अच्छा इन सबके बावजूद एआईबी ने एडवाइस किया है कि अभी कोई इमीडिएट सेफ्टी एक्शन नहीं है ये क्या एक स्टैंडर्ड प्रैक्टिस है या कंसर्न रे करती है कि जो वनेरबिलिटीज एयरक्राफ्ट के देखिए ये हां एज अ पर्सनल सजेशन मुझे तो लगता है कि इसमें बोइंग को जरूर सामने आके कुछ क्लेरिफिकेशन देनी चाहिए ताकि लोगों का ट्रस्ट थोड़ा सा बने क्योंकि जब 737 का एमकस का भी इशू आया था अब एकदम से ये आ गया तो बोइंग हैज़ बीन इंटू सम इशूज़ सिंस लास्ट सिक्स से 7 8 इयर्स
अब एक्चुअली जब इस रिपोर्ट में भी साफ नहीं हुआ कि पायलट ने किया है कि सॉफ्टवेयर ने किया है। और यह लिखा हुआ है कंफर्म कि पायलट ने बोला उसको क्योंकि अगर पायलट गलती से कर भी देगा ना वह ऑन ऑफ 10 सेकंड में करना मुश्किल है। अगर काट देगा वो कहेगा हां ठीक है ठीक है करता हूं दोबारा कर देगा तो बट ऑन ऑफ दोबारा हुआ तो ज्यादा प्रोबेबिलिटी ऐसा लग रहा है कि कुछ सिस्टम एयरक्राफ्ट का था ऐसा कि सॉफ्टवेयर ऐसा था कि उसने कट करके ऑन किया कुछ किया
