राधिका यादव केस: इन 3 वजह से पिता ने ली बेटी की जान।

या नहीं है? दीपक पुलिस की टीम हॉस्पिटल पहुंची थी तो पाया गया था कि वो युवती थी जो मरी अवस्था में थी। कोई लव एंगल या फिर ऑनर किंगलिंग तो नहीं है? सर सर कुछ समझ में नहीं आ रहा क्या हुआ क्या नहीं हुआ? क्या एक पिता अपनी बेटी को रील बनाने के लिए मार सकता है? या पड़ोसियों को इस ताने से नाराज होकर कि बाप बेटी की कमाई खाता है? क्या यह ताना तब भी किसी की का कारण बनेगा जब पिता महीने के लगभग ₹17 लाख कमा रहा हो?

बेटी ने अपनी मेहनत से एक बिजनेस खड़ा किया। मालिकाना हक पिता को ना मिलना। क्या यह है मर्डर की असली वजह? ऐसे तमाम सवाल गुरुग्राम के राधिका यादव मर्डर केस से जुड़े हैं। आज के शो में इन्हीं के जवाब ढूंढने की कोशिश करेंगे। बात ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार मंच पर आए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के बयान की भी करेंगे। विदेशी मीडिया को तस्वीर वाली चुनौती देकर तस्वीर साफ कर दी है।

प्रधानमंत्री का जेसीबी वाला मजाक उड़ाते मुख्यमंत्री को कहां से समझाइश मिली है यह भी जानेंगे। दो राज्यों की करेंगे बात जो मजदूरों को हिरासत में लेने पर भिड़ गए हैं और जानेंगे कि वड़ोदरा पुल हादसे पर आई जांच रिपोर्ट से क्या पता चल रहा है। नमस्ते हम है सिद्धार्थ और आप देख रहे हैं लल्लन टॉप शो। ब्रॉट टू यू बाय मिस स्पेक्टर्स सेंसरेंट के एंड शारदा यूनिवर्सिटी मिसेज स्पक्टर्स क्रमिका नॉनस्टॉप लाइट जीराबाइट नॉनस्टॉप डिलाइट गुरुग्राम में रहने वाली 25 साल की टेनिस प्लेयर राधिका यादव एक प्राइवेट टेनिस एकेडमी चलाती थी ।

अलग से कुछ हाई प्रोफाइल क्लाइंट्स को भी टेनिस की ट्रेनिंग दे रही थी सोशल मीडिया पर भी एक्टिव थी लेकिन 10 जुलाई को सुबह 10:30 बजे सब कुछ खत्म हो सुशांत लोक एक्सटेंशन स्थित घर में उनकी हत्या कर दी गई। इल्जाम उनके पिता दीपक यादव पे। राधिका के चाचा कुलदीप यादव ने इस मामले में एफआईआर लिखवाई। उसके मुताबिक राधिका अपने पिता दीपक और मां मंजू के साथ सेक्टर 57 में मौजूद घर में रहती थी। तीनों लोग पहली मंजिल पर और कुलदीप ग्राउंड फ्लोर पे। 10 जुलाई को सुबह करीब 10:30 बजे कुलदीप ने तेज आवाज सुनी। आवाज सुनते ही कुलदीप पहली मंजिल की तरफ भागे।

देखा कि उनकी भतीजी किचन में अचेत पड़ी है। फर्श पे खून बिखरा हुआ है। इसी बीच कुलदीप का बेटा पीयूष भी पहली मंजिल पे आ जाता है। दोनों राधिका को उठाते हैं। सेक्टर 56 स्थित एशिया मेरिंगो हॉस्पिटल ले जाते हैं। जहां राधिका को मृत घोषित कर दिया जाता है। एफआईआर में कुलदीप की तरफ से कुछ और ब्यरे भी दिए जाते हैं। राधिका एक बहुत अच्छी टेनिस प्लेयर थी। बहुत सारी ट्रॉफी उसने जीती थी। मुझे समझ नहीं आ रहा है कि उसको खत्म कर दिया दीपक के पास32 बोर की है। वो वहीं पड़ी हुई थी। यह भी बताया जा रहा है कि के समय राधिका की मां मंजू दूसरे कमरे में थी। उन्हें बुखार था। की आवाज सुनने के बाद वो किचन की तरफ दौड़ी। इस बीच पुलिस की तरफ से बयान आए हैं। जिनमें कहा जा रहा है कि दीपक ने अपनी बेटी के का इल्जाम कुबूल लिया है। यह भी कि पिता और बेटी के बीच टेनिस एकेडमी चलाने को लेकर अनबन थी। दीपक को पसंद नहीं था कि बेटी अलग से पैसे कमाए। आसपोस के लोग यह भी तंज कसते थे कि दीपक अपनी बेटी के पैसों पर जी रहा है।

पुलिस के द्वारा एक्यूज़ से इंटेरोगेशन की गई है, पूछताछ की गई है। तो उनके द्वारा इसमें बताया गया है कि वो उसकी टेनिस एकेडमी चलाने से नाराज थे। जिसको कि बंद करने को लेकर वो काफी बार बोल चुके थे। एक्यूज़ का कहना था कि वो आर्थिक रूप से बिल्कुल समृद्ध है। तो उसकी लड़की को कोई भी ट्रेनिंग एकेडमी चलाने की जरूरत नहीं है। परंतु बात बार-बार मना करने के बाद भी वह ट्रेनिंग एकेडमी चलाती रही और उसने बंद करने से मना कर दिया।

इसी बात के ऊपर कुछ पारिवारिक विवाद हुआ और यह गुस्से में आकर के उन्होंने अपने लाइसेंसी वेपन से तीन गोलियां मार के अपनी बेटी की कर दी। ऐसा सर पैराबिन गॉन तो उसका करंट ऑन व्हाट दैट इसके पोटेशियम आयंस का टूट का करंट गॉन, लाइव का करंट ऑन। लेकिन कहानी सिर्फ इतनी नहीं है। इस में तरह-तरह के एंगल्स निकाले जा रहे हैं। मसलन दीपक यादव का आर्थिक रूप से संपन्न होना और किराए की प्रॉपर्टीज से लाखों की कमाई होना। एक एंगल यह भी है कि बेटी का सोशल मीडिया पर एक्टिव होना और रील्स बनाना दीपक को पसंद नहीं आता था। बातें यह भी हो रही हैं कि दीपक चाहता था कि बेटी की ट्रेन टेनिस एकेडमी का मालिकाना हक उसके पास हो यानी दीपक के पास हो। इन सारे एंगल्स पे बात करेंगे। पहले जानते हैं राधिका की कहानी।

23 मार्च 2000 इस दिन राधिका का जन्म हुआ। अपने भाई धीरज के साथ बड़ी हुई पिता दीपक यादव की ओल्ड गुरुग्राम में कार पार्ट्स की दुकान थी। दीपक एक्स दीप एक्सेसरीज के नाम से परिवार आर्थिक रूप से स्टेबल था। राधिका की पढ़ाई स्कॉटिश हाई इंटरनेशनल स्कूल से हुई। साल 2018 में उसने 12वीं पास किया कॉमर्स से। रिपोर्ट्स के मुताबिक शुरुआत से ही राधिका को टेनिस में रुचि थी। पिता दीपक ने उसकी ट्रेनिंग करवाई और इसका फल जल्द जल्द ही देखने को मिला। पहले स्टेट और फिर नेशनल लेवल पर राधिका की पहचान बन गई।

कई सारे टूर्नामेंट्स में उसने हिस्सा लिया। कई सारे मेडल्स और ट्रॉफीज़ उसके झोली में आई। इंटरनेशनल टेनिस फेडरेशन की रैंकिंग में इंटरनेशनल लेवल पे 113वीं रैंक पे वो पहुंच गई और हरियाणा में पांचवें नंबर पे दोनों रैंकिंग वुमेन डबल्स की। एक टेनिस प्लेयर के तौर पर राधिका को उसकी स्पीड और गेम सेंस के लिए जाना जाता था।

हर्षिनी विश्वनाथ सुन विफान मारूरी सुहिता जैसी जानेमानी टेनिस प्लेयर्स के साथ राधिका ने मुकाबले खेले और अपना नाम बनाया। लेकिन इस स्टोरी में करीब 2 साल पहले एक ट्विस्ट आया था। साल 2023 में एक मैच के दौरान राधिका को कंधे में चोट लगी। टेनिस खेलना बंद करना पड़ा। लेकिन टेनिस के लिए राधिका का पैशन कम नहीं हुआ। उसने कोचिंग पर फोकस किया।

एक टेनिस एकेडमी खोली जहां यंग प्लेयर्स को ट्रेन किया जाने लगा। एकेडमी से मिले पैसों ने राधिका को फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस दी और इसी को लेकर पिता के साथ तनाव की स्थिति बन गई और फिर उसकी हत्या कर दी गई। अब आते हैं अलग-अलग एंगल्स पे और कुल तीन एंगल्स पे बात कर रहे हैं हम लोग। पहला बेटी की कमाई पर जीने के लिए दीपक यादव पर तंज कसे जाते थे। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि रेंटेड प्रॉपर्टीज से दीपक की अच्छी खासी कमाई हो जाती थी। कई जगहों पर यह आंकड़ा महीने का 16 से 17 लाख का बताया जाता है। दूसरा टेनिस एकेडमी के मालिकाना हक को लेकर विवाद। रिपोर्ट्स बताती है कि दीपक यादव चाहता था कि उसकी बेटी के एकेडमी का मालिकाना हक उसके पास हो जैसा हमने पहले बताया। तीसरा एंगल कि राधिका की सोशल मीडिया पर मौजूदगी दीपक को पसंद नहीं थी। खासकर उसका रील्स बनाना।

इन सब एंगल पे हमने साथी पत्रकारों से बात की। लेकिन पहले थोड़ी सी बात सोशल मीडिया वाले एंगल पे। दरअसल चोट लगने के बाद से ही राधिका अपना करियर बनाने के लिए अलग-अलग डोमेनस को एक्सप्लोर कर रही थी। इसी सिलसिले में उसने सोशल मीडिया पे अपनी मौजूदगी बढ़ाई। रील्स बनाई जिनमें वो अपनी लाइफस्टाइल और टेनिस अचीवमेंट्स दिखा दी। एक साल पहले उसका एक म्यूजिक वीडियो भी आया था। कारवा नाम से वीडियो में राधिका के कुछ रोमांटिक सीन्स थे।

ऐसा कहा जा रहा है कि दीपक को यह सब पसंद नहीं आया। एनएल एक्सप्रेस से जुड़े अभिमन्यु हजारिका ने राधिका और दीपक को जानने वाले कुछ लोगों से बात की है। बातचीत में सुशांत लोक एक्सटेंशन आरडब्ल्यूए के प्रेसिडेंट पवन यादव ने बताया कि कुछ स्थानीय लोग राधिका की सफलता को हजम नहीं कर पा रहे थे। उसकी एक रील पर कुछ आपत्तिजनक कमेंट कर दिए गए थे। घरवाले नाराज हुए जिसके चलते राधिका को अकाउंट डिलीट करना पड़ा। इसी तरह टेनिस सर्विस लेने वाली एक क्लाइंट ने कहा कि राधिका ने बताया था कि उसके माता-पिता रूढ़िवादी हैं। बहुत प्यारी लड़की थी। वो हमें कोचिंग देती थी। यह बता दी कि कैसे अपना गेम अच्छा करना है। अब सुनते हैं साथी पत्रकारों को। जांच रिपोर्ट के हिसाब से राधिका यादव को कुल चार लगी। जो एफआईआर है उसके हिसाब से दीपक यादव यानी उसके पिता ने पांच गोलियां चलाई थी। इसमें से एक गोली मिसफायर हुई होगी। जो एफआईआर है उसके हिसाब से दीपक यादव ने यह कहा कि उस वक्त उसने राधिका को मारी जब वो किचन में थी और पीठ उसकी तरफ थी।

अब जाहिर सी बात है पहली गोली के बाद आदमी उसी पोजीशन में खड़ा नहीं होगा। हो सकता है राधिका मुड़ी हो या फर्श पर गिरी हो। इसके बाद उसने बाकी गोली चलाई। तो एफआईआर में भी पांच गोलियां चलाने की बात है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चार गोली बॉडी से निकली। एक गोली आरपार हो गई थी। ये सब तो ठीक है। लेकिन मोटिव को लेके जो बातें हो रही है। तीन चार बातें हो रही है। एक ये कि गांव वाले ताना मारते थे और इसकी वजह से पिता टेंशन में थे जो एफआईआर में भी है। दूसरी ये कि बहुत सारे लोग कहते थे तुम अपनी बेटी की कमाई खा रहे हो। तीसरी उसके सोशल मीडिया पर एक्टिव होने की बात। लेकिन ये तीनों चीजें बड़ी हल्की हैं। पहली कि ताना मारने की बात तो ताना क्यों? सोशल मीडिया पर राधिका ने ऐसा कोई पोस्ट नहीं डाला था जो आपत्तिजनक हो। बल्कि उससे ज्यादा तो ये है कि पेशेवर टेनिस प्लेयर होने की वजह से जो वो कपड़े पहनती थी और प्लेयर्स को पहनने होते हैं स्ट्रेच के लिए वो छोटे थे। उस पर ताना मार सकते थे।

लेकिन वैसा नहीं था। जिस म्यूजिक एल्बम की बात हो रही है वो एक साल पुरानी है। एक साल बाद उस म्यूजिक एल्बम पर बाप को गुस्सा है। यह भी गले नहीं उतरती। जो बेटी की कमाई खाने की बात है तो अभी मई में इसी साल टेनिस एकेडमी खोला था गुरुग्राम में दीपक यादव ने ही खोला सारे पैसे दीपक यादव ने दिए और एज ए प्रोफेशनल प्लेयर बहुत ज्यादा पैसे कभी नहीं कमाए राधिका ने कि उससे घर चले तो घर चलने वाली बात भी गले नहीं उतरती बल्कि इसके मुकाबले ये है कि पिछले 15 सालों में दीपक यादव ने अपनी बेटी के प्रोफेशनल करियर पर बहुत पैसे खर्च किए कई करोड़ रुपए अगर एकेडमी को भी जोड़ लें और जहां-जहां टूर्नामेंट होता था खुद ट्रैवल करते थे साथ लेकर तो पैसे अभी घर जो है दीपक यादव चला रहे थे। लेकिन क्या हुआ कल सुबह 10:30 बजे उस कमरे के अंदर जहां बाप और बेटी थे क्योंकि मां तो अलग कमरे में थी। इसकी पूरी सच्चाई अभी आई नहीं और पुलिस इन्वेस्टिगेशन के बाद ही असल में जो मोटिव मकसद है कि क्या था इसके पीछे सिर्फ ताना मारना बेटी की कमाई ये बात थोड़ी सी अभी गले नहीं उतर रही है।

एक्चुअल में इसके पीछे कोई और एंगल कोई और वजह कुछ भी हो सकता है। तो उसके लिए थोड़ा सा इंतजार करना पड़ेगा और देखना पड़ेगा कि आखिर एक बाप ने अपनी बेटी को क्यों मारा? जो एक सवाल होता था हमेशा कि क्या पेरेंट्स बच्चों को मार सकते हैं? कम से कम राधिका जिस तरीके से मारा गया है यह बात तो अभी तक तो है कि हां एक बाप अपनी बेटी को मार सकता है। इस मर्डर केस ने सबको चौंकाया। ओलंपियन नीरज चोपड़ा भी बोले जो कहा उसका सार था कि हरियाणा की महिला खिलाड़ी दुनिया में देश का नाम करती है। परिवार में हमें एक दूसरे का साथ देना चाहिए। जो महिला खिलाड़ी अच्छा कर रही हो। परिवार उन्हें आदर्श की तरह देखें। बढ़ावा दें, अगवा बनने दें उन्हें। इस के कारण सोशल मीडिया पर गिनाए जा रहे हैं। पुलिस भी वजह बता रही है। कारण कुछ भी हो सकता है लेकिन जो हुआ वह डराता है।

उम्मीदें तोड़ता है। एक लड़की जिंदगी भर की मेहनत के बाद अपना नाम बनाती है। चोट खाती है। फिर खड़ी होती है। एक बिजनेस खड़ा करने की कोशिश करती है। स्वतंत्र होना चाहती है। लेकिन उसका अंत उसके ही किसी अपनों के हाथों होता है। ऐसा कहा जा रहा है। यह दुखद है। पूरी दुनिया में हो रहा है। खबर की सबसे एतरासद बात एक साथ कई जगहों पर घट रही है और यही तथ्य हमें सबसे ज्यादा डराता है।

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