पंजाब के फिरोजपुर में लड़की की बॉडी को आम बताकर फेंका, रेहड़ी वाले ने देखा तो खुला खेल।

लुधियाना की सड़कों पर मंगलवार दोपहर उस वक्त सनसनी फैल गई जब फिरोजपुर रोड के डिवाइडर पर एक बोरी में बंद महिला की बॉडी बरामद हुआ। गुनगुनी दोपहर में आम दिनों की तरह ही शहर की सड़कें व्यस्त थी। लेकिन आरती चौक पर अचानक जो हुआ उसने हर किसी के रोंगटे खड़े कर दिए। नीली मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्ति सड़क किनारे रुके और बड़ी चालाकी से एक भारी बोई डिवाइडर पर पटक कर भागने लगे। जब वहां मौजूद लोगों ने उन्हें टोका तो उन्होंने कहा कुछ नहीं खराब आम है लेकिन यह आम नहीं थे। बोरी में थी एक महिला की बॉडी। सबसे पहले lयह दिखाएगा नहीं मैं कुत्ता है मरा हुआ है यह कहीं से ले आया है टेली वो देख घटना स्थल पर मौजूद अमरजीत सिंह नाम के व्यक्ति को आरोपियों की हरकत पर शक हो गया।

उन्होंने जब उनसे पूछा कि बोरी में क्या है? तो जवाब मिला खराब आम है। फेंकने आए हैं। शक गहराया तो अमरजीत ने मोटरसाइकिल की चाबी खींच ली और आरोपियों को रोका। एक आरोपी सुरक्षा गार्ड की नीली वर्दी में था। उम्र करीबन 55 साल। दूसरा मोटरसाइकिल चला रहा था। अमरजीत के विरोध करने पर दोनों घबरा गए। बोरी वापस उठाई और मोटरसाइकिल स्टार्ट करके भागने की कोशिश की।

लेकिन फिर वही बोरी फेंक दिया और फरार हो गए। कुछ ही देर में बवाल खड़ा हो गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना भेजी और साथ ही मोबाइल से घटना का वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया। जब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा है। एम राइट अचीव बिग एट केआर मंगलम यूनिवर्सिटी वी प्रोवाइड यू द प्लेटफार्म टू टर्न योर ड्रीम्स इनटू रियलिटी एट केआर मंगलम यूनिवर्सिटी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो हैरान रह गई। बोरी एक नहीं डबल परत की थी और उसमें लिपटी हुई एक अधेड़ उम्र की महिला की लाश थी। शव की नाक से खून निकल रहा था जो साफ इशारा करता है कि खत्म किया है बर्बर तरीके से । यह पूरी कहानी है हत्या, धोखा और एक रहस्यमई बोरी की। अब इस मामले में पुलिस की एंट्री होती है। पुलिस द्वारा घटना स्थल की घेराबंदी की गई। मोटरसाइकिल का नंबर वीडियो में साफ दिखाई दे रहा था। PB10CE 7668 बाइक बरामद कर ली गई और अब नंबर प्लेट के जरिए आरोपियों की पहचान की जा रही है।

मगर सवाल कई हैं। महिला कौन थी? उसकी हत्या क्यों की गई? क्या आरोपी वाकई किसी सिक्योरिटी एजेंसी से जुड़े हैं या यह वर्दी महज एक भेष है। शहर के बीचों-बीच दिन के उजाले में कोई महिला की लाश यूं कैसे फेंक सकता है? ऐसे में यह घटना ना केवल एक हत्या का मामला है बल्कि यह सवाल भी खड़ा करता है कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था कितनी लचर है। दिन के उजाले में आम लोगों के सामने की गई बॉडी को फेंक देना कोई मामूली बात नहीं है। इससे यह भी अंदेशा लगने लगा कि आरोपी सोच समझकर साक्ष्य मिटाने और पुलिस को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने महिला के बॉडी को जांच के लिए भेज दिया और उसकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

आसपास के इलाकों में गुमशुदगी की रिपोर्ट को खंगाला जा रहा है। स्थानीय लोगों द्वारा बनाया गया वीडियो अब पुलिस की सबसे अहम कड़ी बन सकता है। साथ ही इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यह कोई फिल्म नहीं है। हकीकत है। यह कोई कहानी नहीं बल्कि लुधियाना की सड़कों पर सच्चाई की चीख है। और यह मामला अभी खत्म नहीं हुआ। असली कहानी तो अब शुरू हुई है।

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