इस्लामाबाद में हजारों लोगों ने ट्रंप की तस्वीरें हाथों में लेकर, कड़ी निंदा की…!

पाकिस्तान के कराची और राजधानी इस्लामाबाद की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ यहां हजारों की तादाद में लोग सड़कों पर निकले हैं। सैयद पर कुर्बान है। अमेरिका मुर्दाबाद। यह लोग अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर हाथों में लेकर ईरान पर अमेरिका के हवाई हमलों की निंदा कर रहे हैं।

ये लोग सड़कों पर तब निकले जब पाकिस्तान की सरकार ने ईरान के प्रतिष्ठानों पर करने के ट्रंप के फैसले की निंदा की। मुर्दाबाद अमेरिका या हुसैन या हुसैन लबे या हुसैन कौन सी पूरी ताकतजो सबसे बड़ी ताकत है जो अल्लाहू अकबर की ताकत है जो अल्लाह की वादानियत की ताकत है शैतजीम वाहिद डिमांड ये है कि ईरान की जिस तरीके से मुमकिन हो सिफारती अखलाकी माली असीरी इमदाद की जाए और ये इमदाद दर हकीकत पाकिस्तान के जोहरी प्रोग्राम की जमानत देती है।

ये इमदाद पाकिस्तान की ईरान के लिए इस मौके पर दर हकीकत एक ऐसा इदाम होगा जिसे पाकिस्तान में सुनहरी हरफों से याद रखा जाए। मैं फकत अपने हुकूमत पाकिस्तान को सिर्फ ये कहना चाहूंगी कि देखिए इस जलसे को इस आवाम को कि जो ना सुन्नी है शिया है सब मौजूद है यहां पर। लेकिन येआपको बताना चाह रहे हैं कि हम सब ईरान के साथ खड़े हुए हैं और आप इस सिचुएशन में टर्म को नोबेल प्राइज देना चाह रहे हैं। जबकि जब से इस हुकूमत में आया है हमने नहीं देखा कि गजा पे कोई की हो। हमने ही नहीं देखा कि उसने फिलस्तीन के लिए कुछ किया हो। दरअसल ये जंग ईरान की जंग नहीं है। ये दरअसल जंग इस्लाम की है।

ये लड़ाई ईरान में रुकेगी नहीं। ये उसके बाद अगला मरहला पाकिस्तान है। हमें आज अगर हम इसराइल के खिलाफ डट के खड़े हो जाएंगे तो इंशाल्लाह वो आगे जंग नहीं बढ़ेगी। आज हमारी हुकूमत वक्त से अफवाजे पाकिस्तान सेमुतालिबा है तो अमली तौर पे जो है इंकलाब इस्लामी ईरान के साथ खड़े हैं। वाशिंगटन डीसी में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर की मुलाकात के कुछ दिनों बाद यह प्रदर्शन हो रहा है। जिंदाबाद ना मंजूर ना मंजूर [प्रशंसा] प्रदर्शनकारी यहां अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करने के सुझाव की आलोचना कर रहे हैं।

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