300 मीटर तक… अहमदाबाद विमान हादसे में बड़ा खुलासा, अगर चेत जाता ATC तो ना होता हादसा?

12 जून को हुए इस हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी का निधन हुआ था। आज उनका पार्थिव शरीर राजकोट आवास लाया गया और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ। गृह मंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नेता वहां मौजूद थे। हादसे के 4 दिन बाद भी बॉडी की पहचान का काम अभी भी चल रहा है। अब तक 99 डीएनए सैंपल मैच हो पाए हैं और इनमें से 64 बॉडी को उनके परिजनों को सौंप दिया गया है।

विमन हादसे की जांच भी रफ्तार पकड़ रही है। 15 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रमुख सचिव डॉ. पीके मिश्र ने अहमदाबाद का दौरा किया और अधिकारियों के साथ बैठक की। की इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक जहां से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर और कॉकपेट वॉइस रिकॉर्डर का पता लगा लिया गया है। माना जा रहा है कि इससे दुर्घटना का कारण पता लगाने में सहूलियत होगी। उधर अमेरिकी एक्सपर्ट्स की टीम भी जांच में जुटी है।

इनमें 17 साल के आर्यन अंसारी का वीडियो एकमात्र जीवित बचे विश्वास कुमार रमेश का विमान के अंदर की घटनाओं के बारे में बयान। अहमदाबाद हवाई अड्डे से टेक ऑफ का सीसीटीवी फुटेज और मेडिकल कॉलेज परिसर से बरामद डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर यानी डीवीआर फुटेज शामिल है।

इंडियन एक्सप्रेस ने एक जांच अधिकारी के हवाले से लिखा कि एयर ट्रैफिक कंट्रोल यानी एटीसी के रिकॉर्ड से मालूम पड़ा कि विमान रनवे पर कम से कम 300 मीटर अधिक चला। यानी जिस स्पीड से चलना था उस स्पीड से नहीं चला। लेकिन एटीसी को इसमें कुछ भी अजीब नहीं लगा। अधिकारी ने बताया कि अहमदाबाद एयरपोर्ट से विमान ने दोपहर 1:38 पर उड़ान भरी और 1 मिनट बाद 1:37 और और उसमें थोड़ा समय जोड़ लें। 1:40 के आसपास पायलट ने नो थ्रस्ट मे डे मे डे के मैसेज भेजे। इसके बाद संपर्क टूट गया और00:01:31 हादसे की आवाज सुनाई दी।

हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया कि विमान के हवा में जाने और हादसा होने के बीच क्या हुआ। अगली सुर्खी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साइपरस के दौरे पर हैं दो दिन के। वहां उन्हें साइप्रेस के सर्वोच्च सम्मान ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस थर्ड से सम्मानित किया गया। इस मौके पर पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा मैं सम्मान के लिए साइप्रेस सरकार और साइप्रेस के लोगों का दिल से आभार व्यक्त करता हूं कि केवल मेरा नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है। सम्मान से दोनों देशों के राष्ट्र अध्यक्षों के बीच बैठक भी हुई और इस मौके पर पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया और यूरोप में चल रहे संघर्ष पर चिंता जताई।

पश्चिम एशिया और यूरोप में चल रहे कॉन्फ्लिक्ट को लेकर हम दोनों ने चिंता व्यक्त की है। इनका नकारात्मक प्रभाव केवल उस क्षेत्र तक सीमित नहीं है। हम दोनों मानते हैं कि यह युद्ध का युग नहीं है। संवाद से समाधान और स्थिरता की बहाली यह मानवता की पुकार है। यह ऑपरेशन सिंदूर के बाद पीएम मोदी की पहली आधिकारिक विदेश यात्रा है। यह यात्रा ऐतिहासिक संदर्भों में भी खास है। पिछले दो दशक में किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली साइपर्स यात्रा इससे पहले 2002 में अटल बिहारी वाजपेयी इस देश के दौरे पर गए थे।

तीसरी सुर्खी केंद्र सरकार ने जनगणना को लेकर आधिकारिक नोटिफिकेशन गजट नोटिफिकेशन जारी किया। इसके मुताबिक देश के ज्यादातर हिस्सों में जनगणना के लिए 1 मार्च 2027 की रात 12:00 बजे को आधार तारीख माना जाएगा। जबकि लद्दाख, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फीले इलाकों में यह तारीख 1 अक्टूबर 2026 तय की गई है। इस नोटिफिकेशन के मुताबिक जनगणना दो चरणों में होगी। पहला चरण हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन जिसमें हर घर की स्थिति, संपत्ति और सुविधाओं की जानकारी ली जाएगी और दूसरा चरण होगा जनसंख्या गणना का जिसमें हर व्यक्ति की जनस सांख्यिकी, सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और दूसरी जानकारियां इकट्ठा की जाएंगी। देश में आखिरी बार जनगणना 2011 में हुई थी। इस बार की जनगणना में 1931 के बाद पहली बार जाति आधारित गणना भी शामिल है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गृह मंत्री अमित शाह ने 15 जून को गृह सचिव गोविंद मोहन और अन्य अधिकारियों के साथ जनगणना की तैयारियों की समीक्षा बैठक भी की थी।

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