एयर इंडिया विमान दुर्घटना ब्लैक बॉक्स: 50 घंटे बाद…’55 सेकेंड’ के पल पल की पड़ताल |

अहमदाबाद में हुए प्लेन हादसे की जांच जारी है और इसमें भारत ब्रिटेन और अमेरिका की एजेंसियां भी शामिल हैं प्लेन का ब्लैक बॉक्स भी बरामद कर लिया गया जल्द ही अब प्लेन क्रैश की जो मिस्ट्री है उससे पर्दा उठने वाला है इस बीच ड्रीम लाइनर 787 को लेकर के बड़ी जानकारी सामने आई है हादसे का शिकार विमान 5 साल पहले तक 7 महीने ग्राउंडेड था 17 नवंबर 2019 से 7 महीने तक ग्राउंडेड रहा था मुंबई एयरपोर्ट पर स्टोरेज में रखा गया था विमान 14 जून 2020 को दोबारा से सर्विस में आया था यह विमान 12 जून दोपहर 1:38 से 1:40 के बीच ऐसा क्या हुआ जो फ्लाइट नंबर AI171 फट गया।

12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही बोइंग 7878 ड्रीम लाइनर में ऐसी क्या खराबी आ गई कि 30 सेकंड के भीतर विमान 625 फीट से सीधे जमीन पर आ गया अहमदाबाद प्लेन हादसे को 50 घंटे से ज्यादा बीत चुका है इन 50 घंटों में प्लेन का ब्लैक बॉक्स मिल चुका है इमरजेंसी लोकेटर ट्रांसमीटर मिल चुका है डीवीआर मिल चुका है अब प्लेन हादसे के हर एक राज से पर्दा हटेगा अब प्लेन हादसे की असली थ्योरी सामने आएगी इमेज शोस द एयरप्लेन वि द नो राइजिंग इट कंटिन्यू एयरप्लेन मेकिंग लिफ्ट्स पोजीशन हार्ड टू बट लुकिंग बिहाइंड लुक लाइक पोजीशन एक्सपेक्टस इमेज क्वालिटी टू मेक इट्स जस्ट एरिया देना लुक अहमदाबाद प्लेन हादसे की जांच इस वक्त कई लेवल पर हो रही है एनएसजी की टीमें हॉस्टल की छत पर मलवे की जांच कर रही है।

जबकि दूसरी तरफ टेक्निकल पहलुओं की जांच की जा रही है और इस जांच में सबसे बड़ी लीड ब्लैक बॉक्स को लेकर मिली है यह नारंगी रंग का वही ब्लैक बॉक्स है जो बोइंग 787 ड्रीम लाइनर की फ्लाइट नंबर AI171 के क्रैश के बाद मिला है विमान क्रैश के पीछे वजह तकनीकी खराबी थी पायलट की गलती थी या फिर मौसम कसूरवार था यह ब्लैक बॉक्स हर राज से पर्दा हटाएगा।

ब्लैक बॉक्स विमान के टेल में मिला है टेल का वो हिस्सा डॉक्टर हॉस्टल के मेस में फंसा था जहां एनएसजी की टीम ने ब्लैक बॉक्स को बरामद किया है ब्लैक बॉक्स की जांच के बाद ही सच सामने आ पाएगा कि हादसा कैसे हुआ लेकिन यह जानना जरूरी है कि ऑरेंज कलर के दिखने वाले इस डिवाइस को ब्लैक बॉक्स क्यों कहा जाता है और यह होता क्या है ब्लैक बॉक्स किसी भी विमान का एक अहम हिस्सा होता है और हादसे का सबसे बड़ा गवाह होता है जिसमें फ्लाइट का पूरा डाटा रिकॉर्ड किया जाता है इसलिए क्रैश के बाद इसकी तलाश सबसे पहले होती है ब्लैक बॉक्स के दो हिस्से होते हैं एक में पूरी फ्लाइट का डाटा स्टोर होता है और दूसरा कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर होता है जिसमें पायलट्स और एटीसी के साथ हुई बातचीत रिकॉर्ड होती है।

ब्लैक बॉक्स से पहले डीवीआर यानी डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर भी मौके से बरामद हो गया है डीवीआर आमतौर पर सिक्योरिटी कैमरों से फ्लाइट का वीडियो रिकॉर्ड करता है और इसके जरिए भी यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि प्लेन क्रैश होने के पहले आखिरी के पल में क्या हुआ था क्या कुछ स्थिति थी ब्लैक बॉक्स के दो हिस्से होते हैं और इन दो हिस्सों में पहला हिस्सा जो होता है वो कॉकपिट के अंदर जो बातचीत होती है वो रिकॉर्ड होता है और दूसरा जो हिस्सा होता है उसमें जिसे डीएफडीआर कहते हैं डिजिटल फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर होता है और उसमें जो भी मैकेनिकल चीजें होती हैं जो भी तकनीकी चीजें होती हैं वह सारा रिकॉर्ड होता है यानी कि प्लेन में अगर कोई खराबी आई हो तो वह डीएफडीआर में रिकॉर्ड होता है जबकि सीवीआर यानी कि अह कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर में जिसमें जो दोनों जो पायलट होते हैं पायलट और को-पायलट उनकी बातचीत रिकॉर्ड होती है।

जब से प्लेन टेक ऑफ करना शुरू करता है रनवे पर आता है और टेक ऑफ करना शुरू होता है तब से दोनों पायलट के बीच में जो बातचीत होती है वो रिकॉर्ड होती है उसमें और उससे यह पता चल पाता है कि क्या आखिरी लम्हों में कोई दिक्कत हुई थी कोई तकनीकी दिक्कत हुई थी या कोई मैनुअल एरर था यह पता चल पाता है तो टेल में यह रहता है यानी कि विमान के पिछले हिस्से में रहता है और विमान का पिछला हिस्सा जो इस वक्त आपको कैमरामैन मेस में फंसा हुआ था और जो सूत्र हैं वो बताते हैं कि पहले ही दिन एयर इंडिया के लोगों ने डीजीसीए के लोगों ने लोकेट कर लिया था कि आखिर यह ब्लैक बॉक्स कहां है लेकिन रेस्क्यू का वेट कर रहे थे जब एक बार रेस्क्यू खत्म हो गया तो उसे फिर अगले दिन निकाल लिया गया अहमदाबाद प्लेन हादसे की जांच कई लेवल पर हो रही है कई सारी एजेंसियां इसमें शामिल है विदेशी एजेंसियां भी जांच में सहयोग कर रही है आठ एजेंसियां इस जांच में शामिल है जिनमें एनआईए यानी नेशनल गुजरात पुलिस एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एिएशन यूनाइटेड किंगडम की एयर एक्सीडेंट्स इन्वेस्टिगेशन ब्रांच यूनाइटेड स्टेट्स की नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड और फेडरल एिएशन एडमिनिस्ट्रेशन जांच में शामिल है।

अह व्हेन द प्रोसेस ऑफ़ डिप्लॉयंग ए टीम फ्रॉम द एफए फ्रॉम द एनटीएसपी अह वी आल्सो हैव जी एंड बोइन अह दैट आर डिप्लॉय देयर रिसोर्सेज अह एंड इन्वेस्टिगेटर्स अह टू इंडिया अह आई जस्ट नो दैट इंडिया लीड्स दी इन्वेस्टिगेशन वर देयर टू प्रोवाइड एनी असिस्टेंस दैट इंडिया मे नीड एस दे गो थ्रू व्हिच टू बी यू नो सम इन्वेस्टिगेशन ऑन दिस क्रैश आर हार्ट्स गो आउट टू द फॅमिलीज़ ऑफ़ द विक्टिम्स हु लॉस्ट लव्ड ऑन दैट फ्लाइट एट द एट द एफए सेफ्टी कम्स फर्स्ट एंड इन दिस इन्वेस्टिगेशन वी आर गोइंग टू फॉलो द फैक्ट्स अहमदाबाद प्लेन क्रैश की जांच को लेकर सिविल एिएशन मिनिस्ट्री भी एक्टिव मोड में है आज एयर सेफ्टी को लेकर सिविल एिएशन मिनिस्टर राममोहन नायडू ने अहम बैठक भी की है।

इसके साथ अहमदाबाद हादसे की जांच के लिए हाई लेवल मल्टीडिसिप्लिनरी कमेटी बना दी गई है वी आर गोइंग टू फॉर्म अनदर हाई लेवल कमिटी बिफोर एंड इमीडीएटली वी हैव कॉन्स्टिट्यूटेड द कमेटी आल्सो यस्टरडे अंडर दी चेयरमैनशिप ऑफ होम सेक्रेटरी अहमदाबाद प्लेन क्रैश की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे बोइंग ड्रीम लाइनर 787 को लेकर कई तरह के दावे और थ्योरी सामने आ रही है एक दावा यह भी है कि हादसे का शिकार हुआ बोइंग ड्रीम लाइनर 7878 VT ANB 36279 17 नवंबर 2019 से 7 महीने तक ग्राउंडेड रहा था हालांकि इसकी वजह आज तक सामने नहीं आई है इंटरनेशनल एिएशन इंडस्ट्री के लिए गहराई से रिसर्च रियल टाइम ट्रैकिंग करने वाली कंपनी सीरियम के मुताबिक ग्राउंडेड के वक्त विमान मुंबई एयरपोर्ट पर स्टोरेज में रखा गया फिर 14 जून 2020 को दोबारा सर्विस में आ गया ।

यह अवधि सामान्य शेड्यूल मेंटेनेंस टाइम से कहीं ज्यादा है आमतौर पर एओजी यानी एयरक्राफ्ट ऑन ग्राउंड की डिटेल पब्लिक डोमेन में होती है लेकिन इसकी डिटेल आज तक नहीं है अहमदाबाद प्लेन क्रैश मामले में विमान के पायलट सुमित सभ्रवाल का एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को भेजा गया आखिरी मैसेज सामने आया है जिसमें पायलट बोल रहे हैं कि प्लेन को थ्रस्ट यानी उछाल नहीं मिल रहा है पायलट का मैसेज आ गया इस फ्लाइट में पहले सफर कर चुके कुछ पैसेंजर्स ने भी प्लेन के मेंटेनेंस को लेकर सवाल उठाए हैं तो क्या वाकई में जो विमान हादसे का शिकार हुआ उसकी प्रॉपर मेंटेनेंस नहीं थी क्योंकि किसी भी प्लेन की उड़ान से पहले करीब 9 से 10 सेफ्टी जांच किए जाते हैं फ्यूल सिस्टम की जांच यानी ईंधन से जुड़े पैरामीटर सही है या नहीं यह चेक किया जाता है।

केबिन में हवा पहुंचाने वाले सिस्टम की जांच होती है इंजन कंट्रोल सिस्टम को जांचा जाता है इंजन में ईंधन डालने और ऑयल सिस्टम की जांच होती है हाइड्रोलिक सिस्टम की जांच प्लेन के पहहिए और ब्रेक को कंट्रोल करने वाले हाइड्रोलिक सिस्टम की जांच होती है टेक ऑफ के आंकड़ों जैसे रफ्तार वजन की दोबारा समीक्षा की जाती है एक नया फ्लाइट कंट्रोल चेक होता है जो हर स्टॉप पर किया जाता है पावर टेस्ट यानी इंजन की ताकत की जांच की जाती है इसे हर दो हफ्ते में करना जरूरी होता है प्लेन की जिस नौ पैराटर्स में जांच होती है उनमें से एक है इंजन की ताकत की जांच यानी इंजन को सफिशिएंट थ्रस्ट मिल रहा है या नहीं अहमदाबाद प्लेन हादसे का जो वीडियो सामने आया है उसमें ऐसा दिख रहा है कि बिल्डिंग से टकराने से पहले पायलट ने ये कोशिश की है कि प्लेन को थोड़ा ऊपर उठाए जिससे वो बिल्डिंग से टकराने से बच जाए लेकिन शायद प्लेन को प्रॉपर थ्रस्ट नहीं मिला खुद पायलट का आखिरी मैसेज भी थ्रस्ट को लेकर ही था तो क्या यह माना जाए कि प्लेन की जिन पैरामीटर्स पर जांच होती है वो ठीक तरीके से नहीं की गई।

फिलहाल इसका जवाब जांच के बाद ही मिल पाएगा अहमदाबाद में जो प्लेन क्रैश हुआ वह Boeing Dreamliner 787 को Boeing 747 को रिप्लेस कर लाया गया था लेकिन Boeing 787 सेफ्टी इशू को लेकर हमेशा चर्चा में रहा है 2010 में Boeing Dream Liner 787 की अमेरिका में इमरजेंसी लैंडिंग हुई थी 2013 में यूएस में ही इसकी क्वालिटी सिस्टम के ऊपर सवाल उठे थे एक बार 17,000 फीट की ऊंचाई पर Boeing 787 का एक इंजन भी फेल हो गया था अभी कुछ समय पहले अह 2020 में मेरी जानकारी में आया कि 7 महीने तक लगभग 7 मंथ्स तक इस 7 87 रिलैम को किसी टेक्निकल खामी की वजह से ग्राउंड कर दिया गया था।

बॉम्बे में और एक और अभी मेरी जानकारी में किसी मेरे पायलट ने बताया कि यह जब 17,000 फीट पे था कुछ समय पहले तो यही लंदन की फ्लाइट थी दिल्ली से लंदन या किसी और सिटी से जिसमें कि 17,000 फीट के ऊपर इसका एक इंजन फेल हो गया था तो यह कुछ चीजें हैं और एक जो बोइंग के जो इंजीनियर थे उन्होंने जिसको हम लोग विसल ब्लोअर बोलते हैं जिन्होंने कहा था कि इसमें कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है ड्रीम लाइनर की सुरक्षा पर उठ रहे सवाल के बीच डीजीसीए ने एयर इंडिया के बोइंग 787 ड्रीम लाइनर बेड़े के सुरक्षा जांच के आदेश दे दिए हैं यह आदेश 12 जून को अहमदाबाद प्लेन हादसे के बाद दिया गया है इसमें कहा गया है कि बोइंग 7878 और 7879 की हर उड़ान से पहले जांच होगी सभी रिपोर्ट्स डीजीसीए को सौंपी जाएंगी।

अभी एयर इंडिया के पास करीब 35 एयरक्राफ्ट बोइंग के हैं इनमें 26 बोइंग 7878 और सात बोइंग 7879 है दुनिया भर में इस समय 10189 बोइंग विमान ऑपरेशनल हैं अहमदाबाद प्लेन हादसे की जांच फिलहाल जारी है आधा दर्जन से ज्यादा एजेंसियां जांच में कोऑर्डिनेट कर रही है हर पल जांच से जुड़े नए अपडेट्स सामने आ रहे हैं लेकिन जो टेक्निकल एविडेंस जुटाई गई है उनकी जांच की डिटेल आने में 10 से 15 दिन का समय लग सकता है

Leave a Comment