देश की सुरक्षा सिर्फ सीमा पर तैनात सैनिक नहीं करते बल्कि उनके पीछे खड़े वो परिवार भी करते हैं जो हर बार उन्हें विदा करते हैं बिना कुछ कहे नमस्ते मैं हूं असीम और आप देख रहे हैं एनडी मेजर विक्रम गुप्ता भारतीय सेना में एक चाबाज अधिकारी हाल ही में राजस्थान के कोटा में अपनी रिशेदारी में कुछ सुकून भरे पल बिता रहे थे पत्नी वैशाली और 3 साल की बेटी रिहाना के साथ फिर अचानक सीमा पर तनाव बढ़ा सेना ने भी सभी अफसरों की छुट्टी रद्द कर दी .
देश की पुकार फिर गूंजने लगी तो मेजर विक्रम को लौटना पड़ा लेकिन ड्यूटी पर वापसी की उनकी ये यात्रा एक भयावह मोड़ पर सौंपी दरअसल दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर नौगावा के पास उनकी कार का टायर फटा गाड़ी अनियंत्रित होकर पलटी और इस दर्दनाक हादसे में उनकी पत्नी वैशाली चल बसी 3 साल की नन्ही रिहाना गंभीर रूप से घायल हो गई जिसका इलाज अलवर के एक प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है मेजर विक्रम गुप्ता अब सिर्फ एक आर्मी मैन नहीं एक टूट चुके पिता और पति भी हैं.
लेकिन उन्होंने कभी शिकायत नहीं की क्योंकि वर्दी ने उन्हें यह सिखाया ही नहीं शिकायत करना वर्दी ने उन्हें सिर्फ सहना सिखाया है मेजर विक्रम गुप्ता मूल रूप से दिल्ली के रहने वाले हैं दिल्ली में दिलशाद गार्डन के पास उनका घर है जहां अब मातम पसरा है हाल ही में वह कोटा गए थे जहां से लौटते वक्त उनकी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई और उनकी पत्नी हमेशा हमेशा के लिए उनसे दूर चली गई हम हमेशा सैनिकों को सलाम करते हैं लेकिन उनके परिवारों को भूल जाते हैं उनकी कुर्बानी उनका साहस कभी खबरों में नहीं आता.
