विराट कोहली टीम इंडिया के सबसे फिट खिलाड़ी हैं 35 साल के विराट कभी हार्डकोर नॉनवेजिटेरियन थे बटर चिकन उनकी फेवरेट डिश हुआ करती थी हालांकि फिर उनके साथ कुछ ऐसा हुआ जिसके बाद विराट ने नॉनवेज खाना तो दूर उसे देखने से भी तौबा कर लिया अब एक समय पर दबाकर बटर चिकन खाने वाले विराट कोहली ने नॉनवेज खाना क्यों छोड़ा चलिए आपको बताते हैं विराट कोहली वेजिटेरियन डाइट फॉलो करते हैं.
उनका अधिकतर खाना ग्रिल्ड स्टीम और पैन फ्राइड होता है मगर हमेशा से ऐसा नहीं था वह पक्के नॉनवेजिटेरियन थे एक इंटरव्यू के दौरान कोहली ने अपनी फिटनेस से जुड़े कई राज खोले हैं जिसमें उन्होंने नॉनवेज छोड़ने का भी कारण बताया है विराट कोहली ने वेजिटेरियन बनने के पीछे के कारण के बारे में विस्तार से बात की है उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि उनके वेजिटेरियन होने के पीछे फैंस अलग-अलग कारण सोचते हैं मगर असल में उन्हें शारीरिक समस्याओं की वजह से वेजीटेरियन बनना पड़ा.
2018 में इंग्लैंड के दौरे पर उन्होंने वेजिटेरियन बनने का फैसला लिया क्योंकि उससे पहले 2018 में ही साउथ अफ्रीका दौरे पर उन्हें सर्वाइकल स्पाइन की एक समस्या हुई थी स्पाइन बोन की वजह से उनकी गर्दन से लेकर सीधे हाथ की छोटी उंगली तक जाने वाली एक नस दब रही थी जिसके कारण उन्हें हाथ में झनझनाहट होती थी इसके दर्द और असुविधा की वजह से वह रात भर सो नहीं पाते थे जब विराट कोहली ने टेस्ट करवाए तो उनका पेट एसिडिक निकला.
उनकी बॉडी बहुत ज्यादा एसिडिक हो गई थी और ज्यादा यूरिया एसिड बना रही थी पेट हड्डियों से कैल्शियम छीन रहा था और इसकी वजह से सर्वाइकल स्पाइन की दिक्कत हुई थी कैल्शियम मैग्नीशियम लेने के बाद भी उनकी हड्डियों में कमजोरी बनी हुई थी फिर डॉक्टर की सलाह पर उन्होंने इंग्लैंड टूर के दौरान वेजिटेरियन होने का फैसला लिया मीट छोड़ने के बाद उनके यूरिक एसिड और एसिडिक बॉडी में काफी आराम मिला.
आपको बता दें कि हर खाने को पचाने के लिए पेट का एड काम आता है अगर आप लाइट फूड खाते हो तो पेट उसके लिए उस लायक एसिड बनाता है अगर आप हैवी खाना खाते हैं तो पेट ज्यादा एसिड बनाएगा मीट और नॉनवेज में काफी ज्यादा प्रोटीन और फैट होता है इसे पचाने के लिए ज्यादा एसिड की जरूरत पड़ती है.
जब पेट लंबे समय तक ज्यादा एसिड बनाता रहता है तो दिक्कतें ज्यादा होती हैं और यही वजह है कि विराट कोहली ने यूरिक एसिड को कम करने के लिए नॉनवेज से पूरी तरह परहेज कर लिया और अपनी डाइट में वेज चीजें शाम की इसके बाद उन्हें सेहत से जुड़ी परेशानियों से काफी हद तक राहत मिली.
