मिडिल ईस्ट में हो रही लड़ाई को लेकर अब बॉलीवुड के जानेमाने लेखक जावेद अख्तर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। जैसे कि आप सभी जानते हैं कि मिडिल ईस्ट में चल रही लड़ाई अब ऐसे खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है जिसने पूरी दुनिया को हैरान व परेशान कर दिया है। खबर है कि अमेरिका और इजराइल के हमले में ईरान के बड़े नेता अली खमे की मौत हो गई है।
इस खबर के सामने आते ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मच गई और कई देशों ने इस सैनिक कारवाही पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। इस मुद्दे पर अब बॉलीवुड के मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने भी अपनी विवाहक राय रखी है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट करते हुए जावेद अख्तर ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोन्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन ने तनया की कड़ी आलोचना की है। इस पर उनका कहना है कि इस बार ट्रंप और इजराइल ने अपनी सारी सीमाएं पार कर दी है।
अगर उन्हें इस तरह की कारवाही के लिए माफ किया गया तो दुनिया में अंतरराष्ट्रीय कानून और संतुलन पर से भरोसा उठ सकता है। जावेद अख्तर का मानना है कि इस तरह की ताकत दिखाने वाली राजनीति दूसरे देशों को मजबूरन जवाब देने के लिए उकसा सकती है। जिससे वैश्विक शांति को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
वैसे आपकी जानकारी के लिए बताना चाहेंगे कि जावेद अख्तर अपनी बेबाक राय के लिए काफी ज्यादा मशहूर रह चुके हैं। देश और दुनिया के कई सारे मुद्दों पर जावेद अख्तर ने इसी बेबाक तरीके से अपनी प्रतिक्रियाएं दी है।
यही बड़ी वजह है कि मिडिल ईस्ट में हो रही जंग को लेकर उन्होंने इस तरह अपनी प्रतिक्रिया दी जिस पर उन्होंने अपना गुस्सा भी जाहिर किया है। अली खमे की मौत के बाद से ही पूरी दुनिया भर में हलचल सा माहौल है और लोगों को लग रहा है कि शायद वर्ल्ड वॉर 3 की भी शुरुआत हो सकती है। यही बड़ी वजह है कि बॉलीवुड के जानेमाने लेखक व गीतकार जावेद अख्तर ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। वहीं दूसरी ओर सिर्फ जावेद अख्तर नहीं बल्कि बॉलीवुड अभिनेत्री ईशा गुप्ता जो इस समय अबू धाबी में मौजूद हैं।
उन्होंने भी वहां के हालात को लेकर चिंता जाहिर की। ईशा गुप्ता ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए बताया कि हालत काफी भयानक और तनावपूर्ण है।
हालांकि इस पूरे मामले पर चाइना ने भी अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। चीन के विदेश मंत्रालय ने इस सैन्य कारवाही को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए तीखी निंदा भी की है। चीन का इस पर कहना है कि हमला ईरान की संप्रभुता और सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन है और इससे क्षेत्र में तनाव और भी बढ़ सकता है। ओ
