सीनियर एक्टर संजय खान की पत्नी जरीन खान का कल निधन हो गया। 81 की उम्र में उन्होंने एज रिलेटेड इशज़ की वजह से आखिरी सांस ली। जहां एक तरफ संजय खान फिल्म इंडस्ट्री के एक फेमस हीरो है। वहीं दूसरी तरफ उनकी पत्नी जरीन खान भी बॉलीवुड वाइफ्स के सर्कल में काफी पॉपुलर रही। जरीन खान के बच्चे भी फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा रहे। जहां उनकी बेटी सुजैन ने रतिक रोशन के साथ शादी की थी।
वहीं उनकी दूसरी बेटी फारा खान ने डीजे अकील से शादी की। उनकी एक और बेटी है सिमोन जिन्होंने हिंदू धर्म में शादी की है। इसके अलावा उनके बेटे जाहिद खान भी फिल्मों में काम कर चुके हैं। मेहुना जैसी फिल्म का वह हिस्सा रह चुके हैं। कल जरीन खान के फ्यूनरल में फिल्म इंडस्ट्री के कई लोग शामिल हुए। यह बताता है कि खान परिवार पूरी इंडस्ट्री से जुड़ा हुआ था।
लेकिन इसी बीच एक चीज जिसने सबको हैरान किया वो यह कि जरीन खान के फ्यूनरल में उन्हें अर्थी पर ले जाया गया और उनका अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज से किया गया। जरीन एक मुस्लिम परिवार से आती है।
उन्होंने अपने पति के साथ मुस्लिम धर्म ही निभाया है। फिर ऐसा क्यों हुआ कि उनकी मौत के बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया। जबकि मुस्लिम रीति-रिवाज के हिसाब से तो उन्हें दफनाना चाहिए था। वेल इसके पीछे एक बहुत पुरानी कहानी है। जरीन खान बेसिकली एक पारसी फैमिली से आती थी और उन्होंने संजय खान से 14 साल की उम्र में शादी कर ली थी।
जरीन खान और संजय खान कह सकते हैं कि साथ ही बड़े हुए। दोनों ने एक खुशहाल परिवार बनाया। जहां एक तरफ संजय खान फिल्म इंडस्ट्री के नामी हीरो थे तो वहीं उनकी खूबसूरती पर कई हीरोइनें भी फिदा थी। शादीशुदा होने के बावजूद संजय खान का नाम कई सारी एक्ट्रेसेस के साथ जुड़ा।
जिसमें से ज़ीनत अमान के साथ के किस्से तो जग जाहिर है। लेकिन इस दौरान भी जरीन ने अपने आप को टूटने नहीं दिया और अपने परिवार को उन्होंने संभाल के रखा। जरीन अपने सभी बच्चों से बेहद क्लोज थी। इनफैक्ट लास्ट ईयर ज़रीन के बर्थडे पर सुजैन ने उनके साथ एक स्पेशल वीडियो भी पोस्ट की थी।
जरीन की डेथ ने हर किसी को हैरान कर दिया। और जरीन जी की डेथ का दुख उनके बेटे जाहिद खान के चेहरे पर साफ नजर आया जब वो अर्थी के आगे कलश लेकर चले। जहां तक बात है जरीन जी के हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार की तो बताया जाता है कि उनकी इच्छा यही थी। उन्होंने पहले ही अपने परिवार वालों को कह दिया था कि जीते जी मैं चाहे किसी भी धर्म को निभाऊं लेकिन मेरा अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज से ही होना चाहिए। परिवार ने उनकी इस अंतिम इच्छा को ध्यान में रखते हुए उनका अंतिम संस्कार हिंदू रीति रिवाज से ही।
