मिडिल ईस्ट में जारी के बीच अमेरिका ने बड़ा सैन्य कदम उठाया है। अमेरिका के लगभग 5000 मरीन सैनिक और कम से कम एक पश्चिम एशिया की ओर बढ़ रहे हैं। इस कदम से क्षेत्र में सैनिकों की संख्या में भारी वृद्धि होगी। दरअसल ईरान की ओर से होमजिस्ट्रेट में जहाजों पर बढ़ते हमलों और खतरों के बाद अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सेना की मौजूदगी बढ़ाने का फैसला किया है।
इसी कड़ी में अमेरिकी रक्षा विभाग ने लगभग 5000 मरीन सैनिकों और एक को पश्चिम एशिया में भेजने की मंजूरी प्रदान कर दी है। ऐसा माना जा रहाहै। यह कदम समुद्री मार्गों की सुरक्षा और क्षेत्र में तेजी से प्रतिक्रिया देने की क्षमता बढ़ाने के लिए उठाया गया है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक रक्षा मंत्री पीट हेक्सद ने संयुक्त राज्य सेंट्रल कमांड के निवेदन को मंजूरी देते हुए
इस तैनाती का आदेश दिया है। इस योजना के तहत करीब 5000 मरीन सैनिकों को मिडिल ईस्ट में भेजा जा रहा है। इनके साथ ही कम से कम एक भी क्षेत्र में पहुंचेगा। यह कदम ऐसे वक्त में उठाया गया है जब होरमज स्टेट से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। इस तैनाती में 21वीं मरीन यूनिट केसैनिक शामिल हैं। इनके साथ यूएसएस त्रिपोली को भी मिडिल ईस्ट के लिए रवाना किया जा रहा है। इस जहाज को सैनिकों, हेलीकॉप्टरों और सैन्य उपकरणों को लेकर समुद्री अभियानों में तेजी से कारवाई करने में सक्षम माना जाता है। इस तैनाती को क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ताकत में बड़ा इजाफा माना जा रहा है। मरीन यूनिट को संकट की स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार रखा जाता है।
यह दल समुद्र से हमला करने, आपातकालीन सैन्य अभियान चलाने और अस्थिर क्षेत्रों में तेजी से समर्थन देने में सक्षम होते हैं। इसलिए इसे दुनिया के किसी भीसंकटग्रस्त इलाके में जल्दी तैनात किया जा सकता है। ऐसा माना जा रहा है कि इन सैनिकों को अमेरिका के कैलिफोर्निया में स्थित मरीन ट्रेनिंग सेंटर में से भेजा जा रहा है। ये अमेरिका के सबसे बड़े मरीन ट्रेनिंग सेंटर्स में से एक है। यहां से ट्रेन सैनिकों को संकट के वक्त अलग-अलग क्षेत्रों में भेजा जाता है। होमज स्टेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक माना जाता है। इस रास्ते से दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल समुद्री जहाजों के जरिए भेजा जाता है।
हाल के वक्त में यहां जहाजों पर हमले और खतरे बढ़ने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकरचिंताएं बढ़ गई हैं। बता दें कि ईरान से जारी अमेरिका और इजराइल के का आज 15वां दिन है। इस में अब तक कम से कम 2200 लोगों की हो चुकी है। जिनमें से ज्यादातर ईरान में हुई है। ईरान में लगभग लगभग 1400 से 1500 लोगों की जान गई है। वहीं लेबनान में भी 500 से 600 लोगों की हुई है। इजराइल में मौतों की संख्या अभी 20 पार नहीं हो पाई है। मध्य पूर्व के अलग-अलग देशों में भी कुछ हुई हैं।
