दुनिया में है इन 5 यहूदियों का राज

वर्ल्ड पॉपुलेशन का एक छोटा सा हिस्सा लेकिन दौलत और ताकत पर पकड़ इतनी मजबूत कि पूरी दुनिया हैरान रह जाए। [संगीत] सिर्फ करीब 1.75 करोड़ की आबादी वाली जिओस कम्युनिटी यानी यहूदी। लेकिन जब बात आती है पैसा, टेक्नोलॉजी और ग्लोबल इन्फ्लुएंस की तो इनका नाम सबसे ऊपर दिखाई देता है। यही वजह है कि अक्सर कहा जाता है कि कम नंबर्स लेकिन इंपैक्ट बहुत बड़ा।

हालांकि एक सच यह भी है कि दुनिया की टोटल वेल्थ में सबसे ज्यादा हिस्सा क्रिश्चियन कम्युनिटी के पास है। उसके बाद मुस्लिम्स, फिर हिंदू और फिर यहूदी कम्युनिटी का नंबर आता है। लेकिन इंटरेस्टिंग बात यह है कि अपनी कम आबादी के बावजूद यहूदी कम्युनिटी ने बिजनेस, टेक्नोलॉजी और इनोवेशंस में ऐसा दबदबा बनाया है जो बाकी दुनिया के लिए एक मिसाल बन गया है। अगर हम दुनिया के सबसे अमीर जूस पर्सनालिटीज की बात करें तो सबसे पहले नाम आता है लेरी एलिसन का। ओरेकल के कोफाउंडर एलिसन ने डाटाबेस टेक्नोलॉजी की दुनिया को पूरी तरह बदल दिया। आज उनकी कंपनी क्लाउड कंप्यूटिंग और डाटा मैनेजमेंट में दुनिया की सबसे बड़ी ताकतों में गिनी जाती है।

उनकी दौलत सिर्फ पैसे की कहानी नहीं है बल्कि उस विज़न की कहानी है जिसने पूरी टेक इंडस्ट्री को नई दिशा दी। इसके बाद आते हैं मार्क जुकरबर्ग वो नाम जिसने सोशल मीडिया की डेफिनेशन ही बदल दी। Facebook से शुरू हुआ सफर आज मेटा तक पहुंच चुका है जिसमें Instagram, WhatsApp और वर्चुअल रियलिटी जैसी टेक्नोलॉजीस इंक्लूडेड हैं। जुकरबर्ग ने सिर्फ एक ऐप नहीं बनाया बल्कि पूरी दुनिया के लोगों को जोड़ने का एक नया सॉल्यूशन दिया। इसी लिस्ट में एक और बड़ा नाम है स्टीव बालमर का।

Microsoft के एक्स सीईओ रहे बालमर ने कंपनी को ऐसे दौर में संभाला जब टेक इंडस्ट्री तेजी से बदल रही थी। उनकी लीडरशिप में Microsoft ने जबरदस्त ग्रोथ देखी और आज भी उनका नाम दुनिया के सबसे इफेक्टिव बिजनेस लीडर्स में लिया जाता है। फिर बात आती है लेरी पेज और सरजी ब्रिन की। दो ऐसे दिमाग जिन्होंने इंटरनेट को हमारी जिंदगी का हिस्सा बना दिया। Google सिर्फ एक सर्च इंजन नहीं रहा बल्कि यह हमारी डेली लाइफ का पार्ट बन चुका है। चाहे कुछ नॉलेज ढूंढनी हो, रास्ता ढूंढना हो या वीडियो देखना हो। हर जगह Google मौजूद।

इन सभी कहानियों में तीन चीजें कॉमन है। आईडिया, हार्ड वर्क और रिस्क लेने की हिम्मत। यहूदी कम्युनिटी ने हमेशा एजुकेशन, रिसर्च और इनोवेशन को प्रायोरिटी दी और यही वजह है कि कम नंबर्स होने के बावजूद उनका बोलबाला पूरी दुनिया में दिखाई देता है।

लेकिन इसे सिर्फ राज या कब्जा कहना भी सही नहीं होगा। असल में यह उन लोगों की कहानी है जिन्होंने अपने दिमाग, मेहनत और सोच से दुनिया में अपनी जगह बनाई। क्योंकि आखिर में दुनिया पर राज नंबर से नहीं आईडिया से होता है।

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