जाको राखे साइयां मार सके ना कोई। यह कहावत गुरुवार को हुए अहमदाबाद विमान हादसे में 242 यात्रियों में से एकमात्र जिंदा बचे यात्री पर एकदम फिट बैठती है जो मौत के मुंह से बाहर निकल आया। यानी मौत को टक से छूकर वापस आ गई। 40 साल के शख्स का नाम विश्वास रमेश कुमार है जो भारतीय ब्रिटिश नागरिक हैं।
दरअसल गुरुवार को अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट AI171 दोपहर 1:30 बजे के करीब टेक ऑफ के ठीक 59 सेकंड बाद क्रैश हो गई। इस विमान में क्रू मेंबर समेत 242 यात्री सवार थे और सिर्फ एक यात्री को छोड़कर बाकी सभी मौत के मुंह में समा गए। लेकिन इस बीच विश्वास रमेश का इस हादसे में बचना किसी चमत्कार से कम नहीं था।
दरअसल सवा लाख लीटर फ्यूल से भरा विमान जब टेक ऑफ के चंद सेकंड में क्रैश हुआ तो बड़े आग के गोले में तब्दील हो गया। यह आग इतनी भयंकर थी कि इस भीषण हादसे में किसी भी यात्री का बचना मुश्किल था। लेकिन यहां एक यात्री की जान बच गई। अब इसे किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है और वह खतरे से बाहर हैं।
दरअसल इस हादसे में एकमात्र बचे विश्वास रमेश कुमार ने बेहद ही हैरान करने वाली दास्तान अब साझा की।lजब विश्वास कुमार से पत्रकार ने पूछा कि यह हादसा कैसे हुआ और आप इकलौते इस हादसे में कैसे बच गए और यह सब हुआ कैसे? विश्वास कुमार ने बताया कि यह सब मेरी नजरों के सामने हुआ था। मुझे खुद यकीन नहीं हुआ कि मैं इस हादसे में एकमात्र जिंदा कैसे बचा। क्योंकि कुछ पल के लिए मुझे भी लगा था कि मैं मरने वाला हूं। लेकिन जब मेरी आंख खुली और मैंने देखा कि मैं जिंदा हूं। तो मैंने अपनी सीट बेल्ट निकालने की कोशिश की तब मैं वहां से निकला। मेरे सामने वहां सब मर गए थे। टेक ऑफ के 1 मिनट के अंदर ही 10 सेकंड के लिए ऐसा लगा जैसे प्लेन रुक गया।
बाद में मुझे लगा कि कुछ हुआ। इसके बाद प्लेन में ग्रीन और वाइट लाइट ऑन हो गई। पायलट ने प्लेन को ऊपर उठाने की कोशिश की लेकिन प्लेन नीचे ही गिरता जा रहा था। फिर जाकर प्लेन एक हॉस्टल में घुस गया। मैं जहां लैंड हुआ वो नीचे की साइड थी। जैसे मेरा डोर टूटा तो मैंने देखा कि वहां थोड़ा स्पेस है। तो मैंने निकलने की कोशिश की और फिर मैं वहां से निकल गया। अब मुझे भी नहीं पता कि यह सब कैसे हुआ और मैं कैसे बचा। मुझे खुद यकीन नहीं हो रहा। मैं वहां से फिर पैदल चलकर आया। जब प्लेन में लगी तो मेरा लेफ्ट हैंड भी जल गया। जिसके बाद मुझे एंबुलेंस से अस्पताल लाया गया। विश्वास कुमार ने कहा कि यहां इलाज बहुत अच्छा चल रहा है। स्टाफ बहुत सपोर्टिव है और अब मैं ठीक हूं। बता दें कि विश्वास की शुरुआत में पहचान 11 ए पर बैठे यात्री के रूप में हुई थी। जिसके बाद शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना स्थल का दौरा किया और हादसे में एकमात्र बचे विश्वास से मुलाकात की।
विश्वास ने बताया कि टेक ऑफ के 1 मिनट के अंदर ही 510 सेकंड के बाद लगा कि प्लेन जम गया है। विश्वास ने बताया कि वह फ्लाइट के जिस हिस्से में थे, वह00:03:12 हिस्सा हॉस्टल के ग्राउंड फ्लोर पर लैंड हुआ था। वह जिस तरफ बैठे थे, उस तरफ थोड़ा स्पेस था और इसलिए वह निकल सके। उन्होंने बताया कि जिस समय लगी उनका बाया हाथ जल गया था और उन्हें लोग एंबुलेंस में लेकर आए। वहीं जहां यह प्लेन गिरा वहां भी करीब 24 लोग इस हादसे का शिकार हो गए। वहीं कई अन्य लोग जख्मी हैं जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। यानी कुल मिलाकर इस हादसे में अब तक 265 लोगों की निधन हो चुकी है।
