और बड़ी खबर है जहां पर आपको बता दें मिडिल ईस्ट में यूएससी ने दखल दिया है। खाड़ी देशों पर तुरंत हमले रोके जाएं। यह कहा गया 13 वोटों से यह प्रस्ताव पारित हुआ है। तो सिक्योरिटी काउंसिल में चीन और रूस ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया।
यानी कि एक तरह से ईरान का अप्रत्यक्ष तौर पर दोनों देश अभी भी साथ दे रहे हैं। और इसी बीच एक बड़ी खबर है। क़तर का ईरान को लेकर बड़ा दावा। ईरान ने नौ बैलेंस दागी ये दावा किया गया। ईरान ने क़तर पर कई ड्रोन दागे हैं। एक मिसाइल छोड़कर सभी को रोका गया। ईरान की एक में गिरी है। यह बड़ी खबर इस वक्त की आपको बता रहे हैं। ईरान ने कतर पर एक साथ कई ड्रोंस दागे हैं। एक मिसाइल छोड़कर सभी को इंटरसेप्ट कर लिया गया। यह दावा क़तर की तरफ से
किया गया इससे पहले क़तर के गैस प्लान को भी ईरान ने टारगेट किया था। क़तर में भी लगातार ईरान के मिसाइल और l स्ट्राइक की कोशिश जारी है। छह तस्वीरें आप देख सकते हैं। मिडिल ईस्ट में की ये छह बड़ी तस्वीरें। तो तेहरान, बेरूत, एरबिल में तनाव बढ़ चुका है। इस पूरे संकट पर ओमान समेत खाड़ी देशों की नजर बनी हुई है। इजराइल के शहर हाइफा तैलवी में हमलों के बीच अलग है।
इलाके में हालात बहुत ज्यादा संवेदनशील और विस्फोटक बने हुए हैं। और मिली पर बड़ा अपडेट है। लेबनान में 630 से ज्यादा लोगों की l हो चुकी है। लेबनान में 1500 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इजराइलकी तरफ से लगातार जारी है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह आंकड़े जारी किए हैं कि 630 से ज्यादा लोगों की अब तक हो चुकी है और 1500 से अधिक लोग अब तक इसमें घायल हैं। में 48 घंटे पहले केमिकल l
की खबर सामने आई। अब लेबनान से बाकायदा इसका वीडियो भी शेयर किया गया। दावा है कि इजराइल ने दक्षिणी लेबनान वाइट फास्फोरस बम का इस्तेमाल किया है।
वीडियो में आसमान से जमीन पर गिरता वाइट फास्फोरस साफ-साफ दिखाई दिया। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि यह जहां भी गिरता है वहां कुछ ही सेकंड में फैल जाता है और जलती हुई राख की तरह हवा में मिलने लगता है। इसके बाद जो भी इसकी चपेट में आता है उसकी चमड़ी जलने लगती है। अगर यह इंसानी शरीर पर गिर जाए तो हड्डियों तक को जला डालता है। सबसे खतरनाक बात यह है कि कई बार इसकी आग पानी से भी नहीं बुझती है। जिस जगह वाइट फास्फोरस बम का असर सबसे ज्यादा होता है, वहां यह परमाणु बम की तरह बर्ताव करता है। मिडिल ईस्ट में यूएनएससी का दखल खाड़ी देशों पर तुरंत हमले रोके।
यह कहा गया ईरान यूएससी में 13 वोटों से प्रस्ताव पारित हुआ। चीन और रशिया ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। लेबन मीडिया का दावा किस बिना पर है? हिसाब नहीं। लेकिन इन चार शर्तों ने पूरी दुनिया में नई बहस छेड़ दी। सवाल है कि आखिरवो तीन शर्तें क्या है? पहली शर्त अमेरिका को यह गारंटी देनी होगी कि भविष्य में ईरान पर फिर हमला नहीं करेगा।
दूसरी शर्त ईरान के एनरचमेंट के अधिकार को मान्यता दी जाए। तीसरा में ईरान का जितना नुकसान हुआ उसकी भरपाई हो और चौथा यह किुल्लाह और यमन के अंसार अल्लाह पर हमले रोके जाए। इसके बाद ट्रंप का बयान आया ईरान बहुत ताकतवर देश है।
