10 नवंबर को दिल्ली में लाल किले के पास एक कार ब्लास्ट हो गई थी जिसमें 12 लोगों की निधन हो गई थी। उस जो व्यक्ति कार ड्राइव कर रहा था उसका नाम डॉक्टर उमर था। उसकी भी देहांत हो गई थी उस वार में। अब डॉक्टर उमर का एक लिंक सामने आया है।
उसके हैंडलर का नाम सामने आया। हमारे साथ सुप्रिया है जो बताएंगे कि हैंडलर का नाम क्या था और उसके बारे में क्या दावे किए जा रहे हैं। विभावरी जो जांच एजेंसियां हैं उनको शक है कि जो उमर था वो एक हैंडलर के संपर्क में था और उसका नाम उकासा था और उमर जिस हैंडलर के संपर्क में था उसकी जो लोकेशन है वो तुर्की की राजधानी अंकारा से मिल रही है। वहां पे बताई जा रही है। उकासा ये नाम है।
क्या वो हैंडलर का नाम है या वो किसी तरीके के कोड नेम भी हो सकता है जो आमतौर पर इस तरीके के बड़े धमाके में जो होते हैं वो इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा इंडिया टुडे से जुड़े सूत्रों के मुताबिक इंडिया टुडे के अरविंद ओजा की रिपोर्ट के मुताबिक ये उमर जो था और बाकी संदिग्ध जो थे वो उकासा जो नाम है जो कोड वर्ड है या फिर हो सकता है ये हैंडलर का नाम हो ये भी जांच का विषय है।
लेकिन उससे एक सेशन एप्स के थ्रू बातचीत कर रहे थे। ये एक ऐसा ऐप है जिसमें इंक्रिप्टेड बातचीत होती है और ऐसा कहा जाता है कि काफी प्राइवेसी का काफी ध्यान रखा जाता है। तो इसके जरिए वो अंकारा में बैठे अपने हैंडलर से बात कर रहे इसमें तुर्की का नाम आया।
तुर्की की राजधानी अंकरा का नाम इसमें सामने आ रहा है। ऐसे दावे किए जा रहे हैं। अभी दावे हैं केवल पुष्टि नहीं हुई है। दावा यह किया जा रहा है कि जो इस हमले में शामिल थे उनका लिंक अंकरा से है। हम तो ये क्या ये भी दिल्ली पुलिस और जांच एजेंसियों ने के सूत्रों ने बताया है कि और ये कि जो उमर है वो 2022 में अंकरा गया था।
तुर्की की राजधानी और ये कनेक्शन इसलिए भी जोड़ा जा रहा है क्योंकि फरीदाबाद से गिरफ्तार हुए डॉक्टर मुजमिल ने भी अपनी पूछताछ में इस बात को माना है कि वो भी तुर्की गया था ।
विजिट पे तो ऐसा ना हो कि ये सारे संदिग्ध जो है ये जब तुर्की गए थे तो वहीं ये जैश-ए-मोहम्मद के संपर्क में आए थे और वहीं से इस पूरे पूरे की प्लानिंग बनी थी। तो इसलिए इस पूरे और इसकी पूरी जो भी जांच हो रही है उसमें बार-बार तुर्की की राजधानी अंकरा का जिक्र हो रहा है कि क्या वहीं पे बैठे हैंडलर ने इस पूरे की कहानी रची और बुनी थी।
इसमें डॉक्टर मुजमिल का नाम सामने आया। आपको बता दें कि डॉक्टर मुजमिल भी उसी यूनिवर्सिटी पे पढ़ाता था जिस पे डॉक्टर उमर पढ़ाता था अलफला यूनिवर्सिटी और डॉक्टर मुजम्मिल के ठिकाने से 2900 किलो बरामद हुए थे। अभी वो गिरफ्तार किया गया है और इन्वेस्टिगेशन चल रही है।
पूछताछ चल रही है। उसने भी अपनी पूछताछ में तुर्की का नाम लिया है। तो तुर्की का नाम बार-बार सामने आ रहा है तो तुर्की की तरफ से कोई बयान अगर सामने आया हो उसमें। तुर्की ने पहले तो उन सारी मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है। जिसमें भारत में जो हुआ है लाल किले के पास जो आतंकी हमला हुआ है उसका संबंध तुर्की से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। तुर्की की ओर से आए बयान में क्या कहा गया है?
यह भी हमारे लिए काफी अहम हो जाता है। तुर्की के संचार निदेशालय की ओर से आधिकारिक बयान में कहा गया है कि कुछ विदेशी मीडिया संस्थान तुर्की को भारत में आतंकी घटनाओं से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। जिससे ये आरोप लगाया गया जिसमें ये आरोप लगाया गया कि तुर्की ने आतंकी संगठनों को वित्तीय और लॉजिस्टिक की कूटनीति मदद की। यह दावे पूरी तरह झूठे हैं और तथ्यहीन है।
तुर्की ने इसे नई दिल्ली और अंकरा के द्विपक्षीय रिश्तों को नुकसान पहुंचाने वाली एक मुहिम या फिर उसने कहा कि जो दोनों देशों के बीच रिश्ते हैं उसको नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। इसी संदर्भ में इस तरीके के आरोप लगाए जा रहे हैं।
मतलब साफ तौर पर कहें तो तुर्की ने इस पूरे मामले से खुद को अलग कर लिया है कि उसकी यहां से इस तरीके की कोई प्लानिंग नहीं की गई है। तो ये उन्होंने अपने देश का पक्ष रखा है। लेकिन जो हमारे देश की जो भारत की एजेंसियां हैं वो इसकी पुष्टि करेंगी। वो इसकी जांच करेंगी कि तुर्की से भी क्या इन का कोई कनेक्शन है जिनका नाम रेडफोर्ट में के पास जो कार हुई है उसमें सामने आया है। तो अभी हालिया अपडेट सामने ये है कि जो डॉक्टर उमर को लेकर जो दावे किए जा रहे थे कि कार वही ड्राइव कर रहा था लेकिन उसकी पुष्टि नहीं हुई थी।
अब उसकी पुष्टि हो चुकी है। टेस्ट पॉजिटिव आया है। यानी कि कार डॉक्टर उमर चला रहा था। इसकी पुष्टि हो गई है। बार-बार तुर्की से नाम जोड़ा जा रहा था। तुर्की ने अपनी तरफ से बोल दिया है कि हमारा इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। लेकिन जांच एजेंसियां इस पे जांच करेंगी और बात की पुष्टि करेंगी।
