यूएस-ईरान की दोस्ती कराएगा पाकिस्तान ?

ईरान अमेरिका इजराइल जंग रोकने के लिए पाकिस्तान में एक मीटिंग तय की गई है यह दावा न्यूज़ एजेंसी रइर्स ने किया है। रिपोर्ट के मुताबिक इस्लामाबाद में को रोकने और शांति बनाए रखने पर बैठक होने वाली है। ऐसा बताया जा रहा है कि पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र देश साथ मिलकर तैयारी कर रहे हैं कि दोनों तरफ़ के नेताओं को बातचीत के लिए राजी कैसे किया जाए।

एक इजराइयली अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया कि बैठक में अमेरिका और ईरान के कुछ बड़े नेताओं को बुलाने की तैयारी चल रही है। मीटिंग में अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति जे डी वेंस शामिल हो सकते हैं। अब यूके बेस्ड फाइनेंसियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान खुद को मीडिएटर की रूप में आगे रख रहा है और रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि को लेकर पाकिस्तान की सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बात भी हुई है। बातचीत में पाकिस्तान ने सुझाव दिया है कि बैठक का स्थान इस्लामाबाद को चुना जाए।

हालांकि वाइट हाउस की तरफ से फिलहाल इस मीटिंग को लेकर हरी झंडी नहीं दिखाई गई है। एएनआई के मुताबिक इस्लामाबाद में होने वाली मीटिंग पर वाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेवेट ने कहा कि जब तक वाइट हाउस इस मीटिंग की औपचारिक घोषणा ना कर दे तब तक इस बैठक की पुष्टि नहीं कर सकते।

यह संवेदनशील डिप्लोमेटिक चर्चाएं हैं। यह नाजुक समय है। चीजें बदल रही हैं। ऐसे समय में किसी भी बैठक को तब तक फाइनल ना माना जाए जब तक वाइट हाउस इसका ऐलान ना कर दे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 23 मार्च को एक पोस्ट भी शेयर किया। शरीफ ने भी अपनी बात में बैठक का जिक्र नहीं किया। एक्स पर लिखा कि मैंने अपने भाई राष्ट्रपति मसूद फैजिशियन से बात की। उन्हें और ईरान के लोगों को ईद की मुबारकबाद दी।

एक अच्छे पड़ोसी देश के नाते मैंने जाहिर किया कि पाकिस्तान बहादुर ईरानियों के साथ है। मृतकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के स्वस्थ होने की प्रार्थना की। हमने गंभीर स्थिति पर चर्चा की।

तनाव कम करने, बातचीत करने और कूटनीति की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की। शहबाज ने इस्लामाबाद में होने वाली संभावित मीटिंग का कोई जिक्र नहीं किया लेकिन दो देशों के बीच बातचीत और डिप्लोमेसी पर जोर जरूर दिया। एक तरफ पाकिस्तान में मीटिंग की खबर है और दूसरा दावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की तरफ से किया जा रहा है। ट्रंप का कहना है कि ईरान अमेरिका से बातचीत करना चाहता है।

23 मार्च को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करके उन्होंने लिखा कि मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि पिछले दिनों अमेरिका और ईरान में काफी अच्छी और पॉजिटिव बात हुई। इसका मकसद मिडिल ईस्ट में मिलिट्री टेंशन को पूरी तरह खत्म करना है। बातचीत के माहौल को देखते हुए मैंने रक्षा विभाग को आदेश दिया कि ईरान के पावर प्लांट और एनर्जी स्ट्रक्चर पर होने वाले सारे हमलों को 5 दिनों के लिए टाल दिया जाए। ट्रंप ने इस बात पर भी जोर दिया कि बातचीत के लिए ईरान का कॉल उनके पास आया था ना कि उन्होंने ईरान को कॉल किया था।

हालांकि ईरान ट्रंप के दावों को झूठ बोलता है। ईरान के समाचार एजेंसी फाल्स न्यूज़ ने एक ईरानी सुरक्षा अधिकारी के हवाले से कहा कि अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हो रही है। ट्रंप को जब एहसास हो गया कि ईरान पश्चिम एशिया में मौजूद पावर प्लांट को निशाना बनाएगा तो इससे डरकर उन्होंने अपनी से कदम पीछे खींच लिए। आपको याद दिला दें कि ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। लेकिन 48 घंटे खत्म होने से पहले ही अपनी बात से ट्रंप पलट गए और अब खबर आ रही है कि शांति के लिए इस्लामाबाद में मीटिंग हो सकती है।

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