तो जैसे ईरान की मदद दूसरे देश कर रहे हैं। उसी तरह अमेरिका की मदद भी कई और दूसरे देश कर रहे हैं। बहुत सी यूरोपियन कंट्रीज। अमेरिका ने अपने डिफेंस सिस्टम की तैनाती दूसरे देशों में कर रखी है। ये थर्ड डिफेंस सिस्टम अमेरिका का है। जिस पर किया था पहले ईरान ने। इसी तरह अमेरिका ने अपने जो है वो दूसरे देशों में तैनात कर रखे हैं। ब्रिटेन में भी एक ये तस्वीर आई देखिए बमबर और विमान आगे पीछे हैं और बी2 बमबर ईंधन लेता हुआ आसमान में। ये इन की खासियत होती है इन विमानों की कि उड़ते हुए आसमान में ही ये तेल भर सकते हैं। दूसरी तरफ ब्रिटेन का भी वॉरशिप पहुंच गया है।
युद्धपोत जहां जंग हो रही है उसके नजदीक अमेरिका की मदद करने के लिए इंग्लैंड से रवाना हुआ है । अब देखिए ट्रंप की मदद करने कर करने के लिए कौन-कौन से देश आगे आए। फ्रांस चार्ल्स डिगोल विमान वाहक पोत रवाना कर दिया है। फ्रांस ने आठ एयर डिफेंस युद्धपोत तैनात कर दिए हैं। दो मिस्ट्रोल क्लास हेलीकॉप्टर तैनात कर दिए हैं। ब्रिटेन ने 200 जवानों के साथ एचएमएस ड्रैगन डिस्ट्रयर रवाना कर दिया है। यह रॉयल नेवी टाइप 45 युद्धपोत हैं। और B52 और B1 फाइटर प्लेन मुस्तैद हैं।
ग्रीस ने दो छोटे पोत साइपरस भेज दिए हैं और दो F16 साइपरस में तैनात कर दिए हैं। इटली ने पूर्वी भूमध्य सागर में भेजे हैं। मेलोनी ने एयर डिफेंस भेजने का भी ऐलान कर दिया है। स्पेन ने पूर्वी भूमध्य सागर में युद्धपोत भेज दिए हैं। ये दुनिया भर के देश खासतौर से यूरोपीय देश अमेरिका और इजराइल की मदद को आगे आए।
अब जरा सुनिए इन देशों के राष्ट्र अध्यक्ष क्या कह रहे हैं। मैं दक्षिणी ईरान के मिनाव स्कूल में हुई छोटी बच्चियों के नरसंहार की कड़ी निंदा करती हूं। पीड़ितों के परिवारों के साथ अपनी संवेदना व्यक्त करती हूं और अनुरोध करती हूं कि इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार लोगों का शीघ्र पता लगाया जाए। इस युद्ध को और फैलने से पहले ही रोकना होगा। हमें दुख है कि महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों या आम नागरिकों के बीच कोई भेदभाव किए बिना एक पूरी आबादी जिनकी इन घटनाओं के लिए कोई जिम्मेदारी नहीं है, उनको भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। आज से दुनिया में कोई भी अभी यह नहीं कह सकता कि यह सब कब तक चलेगा।
लेकिन यह महत्वपूर्ण है कि लोगों की सुरक्षा जल्द से जल्द प्रभावी ढंग से शुरू हो जाए। स्थिरता हमारे लिए भी महत्वपूर्ण है। जो लोग अब यूक्रेन से मदद मांग रहे हैं, उन्हें हमारी रक्षा में सहायता जारी रखना चाहिए। सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण हमारी हवाई रक्षा में इस संघर्ष की शुरुआत से ही गैस की कीमतों में 50% और तेल की कीमतों में 27% की वृद्धि हुई है।
अगर इसे यूरो में बदले तो के इन 10 दिनों में यूरोपीय करदाताओं को ईंधन की आयात पर 3 अरब यूरो का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ेगा। यही हमारी निर्भरता की कीमत है नुकलिया। अब इस में सब एक दूसरे का साथ दे रहे हैं। क्या किम जोंग भी में उतरने वाले हैं? अपनी ताकत दिखा रहे हैं। किम जोंग ने आज एक खतरनाक l का परीक्षण किया है। यह वो तस्वीरें खुद ही वो रूम में बैठे थे और देख रहे थे । अब देखिए किम जोंग ने कब क्या कर दें कोई नहीं जानता। एक ओर इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रही है। दूसरी ओर अमेरिका और साउथ कोरिया सैन्य अभ्यास कर रहे हैं। इधर उत्तर कोरिया ने नेवी की स्ट्रेटेजिक क्रूज की टेस्टिंग की।
उत्तर कोरिया के कमांडर किम जोंग उन ने इस परीक्षण को खुद बैठकर लाइव देखा। खबरों की मानें तो यह मिसाइलें चोहन नाम के वॉरशिप से दागी गई हैं। चोहन उत्तर कोरिया का 5000 टन का नया है और इस से छह मिसाइलें दागी गई जो 169 मिनट तक हवा में रही। जिसके बाद उन ने एक टारगेट आइलैंड पर हमला किया। किम जोंग उन के साथ उनकी बेटी ने भी का परीक्षण देखा है। किम की 13 साल की बेटी को उनका उत्तराधिकारी माना जाता है। परीक्षण का उद्देश्य के समय कमांड सिस्टम की जांच करना और उत्तर कोरिया की ताकत का प्रदर्शन करना था।
इस परीक्षण के बाद यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या किम जंग में उतरेंगे? दरअसल नॉर्थ कोरिया ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर का समर्थन किया और कहा कि ईरान की जनता को सर्वोच्च नेता चुनने का पूरा अधिकार है। उत्तर कोरिया ने अमेरिका और इजराइल पर निशाना साधा और कहा कि उनके कदमों से दुनिया में अस्थिरता बढ़ रही है। सुनिए जरा डिफेंस एक्सपर्ट क्या कह रहे हैं। नॉर्थ कोरिया ने एक और स्ट्रेटेजिक क्रूज मिसाइल का टेस्ट किया।
यह एक हफ्ते में दूसरी बार टेस्ट हुआ है जो कि दिखा रहा है कि कितना फोकस इनका हथियारों की डेवलपमेंट के ऊपर है। आम आदमी वहां पर गरीबी है और डेवलपमेंट नहीं हो रही है। सिर्फ हथियारों की इंडस्ट्री आगे बढ़ रही है और हथियारों के मामले में वो आगे बढ़ रहे हैं और नए-नए हथियारों का प्रशिक्षण करते रहते हैं। सारा खर्चा इनका इसी पर हो रहा है। ये सोच है उनकी और जिसकी वजह से नॉर्थ कोरिया, साउथ कोरिया और उस इलाके में पूरी टेंशन का माहौल बना रहता है। और आईएस जंग के बीच एक खबर आई है जासूसी की। भारत से कौन पाकिस्तान के आईएसआई तक भारत की सीक्रेट चीजें पहुंचा रहा है। आईएसआई के लिए जासूसी पर गिरफ्तारी हुई है इस शख्स की। इसका नाम आदर्श है और आदर्श पर आरोप है। यह नेवी में लांसनायक है आदर्श।
आदर्श पर आरोप है। आदर्श युद्धपोत पर थे और वहां से तस्वीरें पाकिस्तान और आईएसआई तक पहुंचा रहे थे। भाई आपको बताऊं आदर्श की गिरफ्तारी एटीएस ने की है और कैसे गिरफ्तारी हुई आदर्श की यूपी एटीएस के लांसनायक आदर्श कुमार लकी को गिरफ्तार किया गया आदर्श पर आईएसआई को भारत की युद्धपोध की तस्वीरें भेजने का आरोप है पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई एजेंट को पैसा ट्रांसफर किया आगरा के कागरल का रहने वाला है यह आरोपी केरल के कोच्ची में दक्षिणी नौसैनिक कमान में तैनात था पाक खुफिया एजेंसी को संवेदनशील जानकारी भेजने का आरोप है। इंटेलिजेंस इनपुट के बाद 10 मार्च को गिरफ्तारी हुई है।
नेवी के लांसनायक आदर्श से पूछताछ जारी है। उन्होंने उनके फोन डिटेल्स भी खंगाले जा रहे हैं। क्या एक ही हैंडलर के साथ उसने जानकारी शेयर की? के साथ और कौन सी जानकारी भेजी है? जांच टीम हर एंगल से पूरे मामले की जांच कर रही है और 22 दिन पहले आदर्श की शादी हुई थी। दावा है हनीमून मनाने दुबई गया था। 3 दिन पहले दुबई से लौटा है। इसके बाद यूपी एटीएस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। लकी के पिता के मुताबिक बेटा दुबई नहीं मनाली गया था। अब उसकी गिरफ्तारी हो चुकी है और पूछताछ कर रही
