ट्रंप की बादशाहत ईरान ने मिट्टी में मिला दी।

पहले अमेरिका क्या कहता था ईरान के हिस्से का आसमान पूरी तरह उसके कब्जे में है आज ईरान दावा करता है कि यूएस हमने तुम्हारे दो फाइटर जेट मार गिराए हैं वो भी एक ही दिन में और सबसे बड़ी बात एक अमेरिकी पायलट ईरान में कहीं लापता हो गया है अमेरिकी के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने क्या कहा? आगे बताएंगे।

पहले पूरा मामला समझ लेते हैं। घटना की शुरुआत होती है एक F15 ई फाइटर जेट से जो ईरान में मार गिराया जाता है। इस जेट में दो पायलट सवार थे। कहा जा रहा है कि एक को किसी तरह रेस्क्यू कर लिया गया लेकिन दूसरा अब भी गायब है। यह इस जंग का पहला मौका है जब अमेरिका का कोई जेट ईरान की जमीन पर गिरा है।

अमेरिका तुरंत अपने पायलट को ढूंढने के लिए रेस्क्यू मिशन पर भेजता है। लेकिन हालात इतने खराब हैं कि बचाने गए दो हेलीकॉप्टर पर भी हमला हुआ। उन पर फायरिंग होती है। हालांकि वो किसी तरह वापस निकल जाते हैं। इससे साफ हो जाता है कि अब ईरान के अंदर जाना यहां तक कि अपने आदमी को बचाने जाना भी अमेरिका के लिए बेहद जोखिम भरा हो चुका है। इसी बीच उसी दिन अमेरिका को एक और बड़ा झटका लगता है। ईरान दावा करता है कि उसने स्टेट ऑफ हॉरर्मूस के पास यूएस के एक और फाइटर जेट A10 वॉरथॉक को भी मार गिराया है। इस दावे की अमेरिका ने तत्काल तो कोई पुष्टि नहीं की है

लेकिन बाद में रिपोर्ट्स आई कि पायलट की जान बचा ली गई है। मामला यहीं नहीं रुकता। एक F16 फाइटर जेट को भी इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ती है और एक दो KC135 टैंकर जो हवा में फ्यूल भरते हैं उन्हें भी इमरजेंसी डिक्लेअ करनी पड़ती है। अब नजर ईरान की तरफ जाती है। याद कीजिए हमने आपको पहले ही बताया कि एक पायलट अभी भी ईरान की जमीन पर कहीं लापता है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड अब उस लापता पायलट की तलाश में जुट गई है। देश के दक्षिण पश्चिम इलाके में सर्च ऑपरेशन चल रहा है। आम लोगों से कहा गया है कि अगर पायलट दिखे तो जानकारी दे या उसे पकड़े।

यहां तक कि यह भी कहा गया है कि इनाम दिया जाएगा और साथ ही दुश्मन को पकड़ने या मारने की खुली अपील भी की गई है। ईरान के नेताओं ने तो इसे जंग का नया मोड़ बता दिया है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकिर गालिबाफ ने कहा कि अब यह लड़ाई सिर्फ सरकार बदलने की नहीं रही बल्कि अमेरिकी पायलटों की तलाश तक पहुंच गई है। यानी कि थोड़ा तंज कर रहे थे वो। उधर अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इस पूरे ऑपरेशन की हर अपडेट दी जा रही है। लेकिन जब उनसे पूछा गया कि क्या इन घटनाओं से बातचीत पर असर पड़ेगा जो अमेरिका क्लेम करता आया है।

तो उन्होंने कहा कि यह जंग है ऐसा होता है। यानी वे इसे कम करके दिखाने की कोशिश में नजर आए। हालांकि कुछ ही दिन पहले ट्रंप ने दावा किया था कि हमारे जट्स तेहरान यानी कि ईरान की राजधानी के ऊपर उड़ रहे हैं। कोई कुछ नहीं कर सकता। लेकिन अब जब इतने अमेरिकी जहाज एक साथ निशाने पर आ गए हैं तो इस दावे पर सवाल उठने लगे हैं। जानकार कह रहे हैं कि भले ही एयर डिफेंस कमजोर हो लेकिन जमीन से दागी जाने वाली और मोबाइल सिस्टम अब भी खतरा पैदा कर सकते हैं। इस बीच जंग और फैलती जा रही है। ईरान और से इजराइल और अमेरिका के साथ खड़े खाड़ी देशों पर हमला कर रहा है।

कुवैत में जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले हुए। तेल की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई। यानी कि तेल की कीमतें बढ़ गई हैं। जिसका असर आप हम सब पर दिख रहा है। जिससे पूरी दुनिया की इकॉनमी पर दबाव बढ़ा है। सीज फायर की कोशिशें भी लटक गई हैं। पाकिस्तान के जरिए बातचीत शुरू करने की कोशिश हुई थी। लेकिन ईरान ने उसे ठुकरा दिया। अब हालात यह है कि एक अमेरिकी पायलट को ईरान ढूंढ रहा है। इससे यह भी मालूम हुआ कि ईरानी आसमान अमेरिका के लिए उतना भी सेफ नहीं है जितना ट्रंप क्लेम करते आए हैं। तो फिलहाल इस खबर में इतना ही। आपकी इस खबर पर क्या राय है? हमें कमेंट करके जरूर बताएं। मेरा नाम आसिफ असरार है। कैमरे के पीछे हमारे साथी दानिश हैं। देखते रहिए द लंडन टॉक। शुक्रिया।

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