मिडिल ईस्ट में l अब सिर्फ जमीन और आसमान तक सीमित नहीं रही। यह जंग अब आपके मोबाइल तक पहुंच चुकी है। सोशल मीडिया पर अचानक एक सनसनीखेज दावा वायरल होता है। क्या अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की हो गई है?
वीडियो, पोस्ट और यह तेजी से फैलती खबरें। लेकिन सच्चाई क्या है? आइए करते हैं इस पूरे मामले का फैक्ट चेक। दरअसल बता दें कि जंग के मैदान में जहां एक तरफ मिसाइलें और बम बरस रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इंटरनेट पर भी एक अलग तरह की लड़ाई छिड़ चुकी है। इसे कहते हैं साइबर वॉर जहां दुश्मन देश अब हथियारों के साथ-साथ डिजिटल दुनिया का इस्तेमाल कर रहे हैं। सरकारी वेबसाइट को हैक करने की कोशिश की जा रही है।
संवेदनशील डाटा चोरी करने की साजिश और सबसे खतरनाक फेक न्यूज़ और अफवाहों का जाल। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक बड़ी अफवाह तेजी से फैल रही है। यह दावा किया जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की मौत हो गई है।
एक वीडियो भी वायरल होता है जिसमें कहा जाता है कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लेकिन जब इस वीडियो की जांच की गई तो सच्चाई कुछ और ही निकली। यह वीडियो आज का नहीं बल्कि जुलाई 2024 का है। जब पेंसिलनिया के बटलर में गोली लगने के बाद ट्रंप अस्पताल से बाहर निकलते हुए दिखाई दिए थे।
यानी इस वायरल वीडियो का मौजूदा जंग या हालात से कोई लेना देना ही नहीं है। अब सबसे अहम बात ट्रंप की मौत की कोई भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। एक्सपर्ट्स का यह साफ कहना है कि यह खबर पूरी तरह से फेक और भ्रामक है और यह साइबर वॉर का हिस्सा हो सकती है जिसका मकसद है डर और भ्रम फैलाना। बता दें कि यह ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। इसके पहले भी सितंबर 2025 में भी ट्रंप की मौत की अफवाह फैलाई गई थी। सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर ट्रंप इज डैड और वेयर इज ट्रंप ट्रेंड करने लगे थे। TikTok पर लाखों लोगों ने वीडियो बनाए और तरह-तरह के दावे किए।
किसी ने कहा कि स्ट्रॉक आया है तो किसी ने कहा कि गंभीर बीमारी के चलते ट्रंप की मौत हो गई है। लेकिन इन अफवाहों के बीच ट्रंप खुद कैमरे के सामने आए थे। वाइट हाउस में नजर आए थे। अपने परिवार के साथ दिखाई दिए थे और पूरी तरह से यह स्वस्थ दिखे। यानी अब जंग सिर्फ सरहदों पर नहीं बल्कि आपकी स्क्रीन पर भी लड़ी जा रही है। एक फेक खबर लाखों लोगों को गुमराह कर सकती है और यही इस नई तरह की जंग का सबसे बड़ा बन चुका है। तो अगली बार जब आप सोशल मीडिया पर कोई चौंकाने वाली खबर देखें तो उसे तुरंत सच मानने की गलती बिल्कुल भी मत कीजिए। क्योंकि आज के दौर में सबसे बड़ा है फेक न्यूज़।
फिलहाल ट्रंप पूरी तरह से सुरक्षित है और सक्रिय है और यह खबर सिर्फ एक अफवाह है जिसमें उनकी की बात कही जा रही थी। वहीं बता दें कि मिडिल ईस्ट की जंग अब टेक्नोलॉजी के नए दौर में प्रवेश कर चुकी है जहां हथियारों के साथ-साथ डिजिटल दुनिया भी का मैदान बन गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप पहले भी आरोप लगा चुके हैं कि ईरान इस में एआई वीडियो और फेक न्यूज़ फैलाने का काम कर रहा है।
