ईरान इजराइल का के 11वें दिन भी हमला लगातार जारी है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बड़ा ऐलान किया है। सबसे बड़ी बात यह है ट्रंप ने कहा है कि वह जो एक नया प्रोजेक्ट शुरू करने जा रहे हैं उसमें भारत के अरबपति मुकेश अंबानी की कंपनी Reliance Industries निवेश करेगी। भारत की Reliance Industries के इन्वेस्टमेंट से टेक्सास के ब्राउन सिविले में नई ऑयल रिफाइनरी खोली जाएगी। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में यह बातें लिखी।
दरअसल अमेरिका में पिछले 50 साल के दौरान यह पहला नया बड़ा रिफाइनरी प्रोजेक्ट है। ट्रंप की तरफ से इसे अमेरिकी एनर्जी सेक्टर के लिए ऐतिहासिक कदम कहा गया है। कहा गया है कि यह कदम अमेरिका को एक बार फिर से एनर्जी में मजबूत बनाएगा। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ट्रुथ पर पोस्ट किया।
लिखा अमेरिका असली एनर्जी एकाधिकार की तरफ लौट रहा है। उन्होंने अमेरिका फर्स्ट रिफाइनिंग कंपनी के तहत ब्राउन विले टेक्सास में इस रिफाइनरी को खोलने की बात कही है। ट्रंप ने इसे $300 अरब डॉलर की सबसे बड़ी डील कहा है। उन्होंने कहा यह अमेरिकी मजदूरों, एनर्जी सेक्टर्स और साउथ टेक्सस के लोगों के लिए बड़ी जीत है। ट्रंप ने इस मौके पर Reliance जैसी बड़ी कंपनी बड़ी प्राइवेट एनर्जी कंपनी का आभार जताया है।
ट्रंप ने इस दौरान यह भी दावा किया है कि उनकी अमेरिका फर्स्ट पॉलिसी परमिट के प्रोसेस को आसान करने और टैक्स कम करने से बड़े इन्वेस्टमेंट वापस आ रहे हैं। अमेरिका में Reliance की नई रिफाइनरी अमेरिकी मार्केट को ईंधन मिलेगा।
नेशनल सिक्योरिटी मजबूत होगी और एनर्जी प्रोडक्शन बढ़ेगा। ट्रंप ने यह भी कहा है कि यह दुनिया की सबसे साफ रिफाइनरी होगी। इससे अरबों डॉलर का इकोनॉमिक इंपैक्ट होगा और हजारों नौकरियां पैदा होंगी। उन्होंने कहा रिफाइनरी खुलने से साउथ टेक्सास के इलाके में तेजी से विकास होगा। अमेरिका में इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से ग्लोबल एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा और अमेरिका की विदेशी तेल पर निर्भरता कम होगी।
ट्रंप की तरफ से यह ऐलान ऐसे वक्त में हुआ है जब वेस्ट एशिया में बड़ा संघर्ष चल रहा है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खमनेई कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल की तरफ से किए गए हमले में जान चली गई थी। इसके बाद ईरान की तरफ से की गई जवाबी कार्यवाही में मिसाइल और ड्रोन से अमेरिकी सैन्य अड्डों और दूतावास पर हमला हुआ। इस संघर्ष को ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नाम दिया गया। इसका असर होमर्ज स्ट्रीट पर पड़ा जहां से दुनिया का करीब 20% तेल गुजरता है।
तेल की सप्लाई बाधित होने से ग्लोबल मार्केट में कीमत तेजी आ रही है। वाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी कैरोलन लेविट ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि तेल और गैस की कीमत में की गई हालिया बढ़ोतरी अस्थाई है। अमेरिका में Reliance की तरफ से $300 अरब डॉलर का निवेश किए जाने की खबर के बाद Reliance Industries के शेयर में भी तेजी आने की संभावना है।
कारोबारी सत्र में Reliance Industries का शेयर 1% से ज्यादा की गिरावट के बाद ₹1409 पर बंद हुआ था। कारोबारी सत्र के दौरान शेयर ने ₹1430 का हाई लेवल टच किया था। शेयर का 52 हफ्तों का हाई लेवल ₹1611 और लो लेवल ₹1115 है। कंपनी का मार्केट कैप 196793 करोड़ है। इसके बाद ट्रंप ने भारत का शुक्रिया भी अदा किया है और कहा है यह समझौता दुनिया की सबसे बड़ी निजी ऊर्जा कंपनियों में से एक Reliance Industries के साथ हुआ है। उन्होंने कहा कि इस रिफाइनरी से अमेरिकी बाजार और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों को बड़ा फायदा मिलेगा।
ट्रंप ने दावा किया कि यह अमेरिका की सबसे स्वच्छ रिफाइनरी में से एक होगी। इससे देश में नौकरियां बढ़ेंगी और आर्थिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी। दरअसल यह ऐलान ऐसे वक्त पर हुआ है जब पूरी दुनिया में तेल को लेकर अनिश्चितता है और संकट गहरा रहा है।
अमेरिका में भी पेट्रोल और गैस की कीमतों को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। इस बीच वाइट हाउस में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लिविट ने कहा था कि अमेरिकी लोग भी जानते [संगीत] हैं कि अभी तेल और गैस की कीमतें बढ़ी हुई है। हालांकि उन्होंने भरोसा जताया कि जैसे ही ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के लक्ष्य पूरे होंगे कीमतों में गिरावट दिख जाएगी।
