इजराइल और ईरान के बीच चल रही अब और भी गर्म हो चुका है। लेकिन अब इसमें एक नया ट्विस्ट आ गया है। अमेरिका जो इजराइल का सबसे बड़ा दोस्त है वो खुद इजराइल पर भड़क गया है। अमेरिका ने इजराइल की एक हरकत पर इतना गुस्सा दिखाया कि कहा जा रहा है कि यह क्या कर दिया तुमने? दरअसल इजराइल ने ईरान पर हमले किए। अमेरिका ने भी हमलों में इजराइल का साथ दिया।
लेकिन अब इजराइल ने ईरान के तेल के डिपो और रिफाइनरी पर भी हमला कर दिया। तेहरान में तीन बड़े तेल डिपो और एक रिफाइनरी को निशाना बनाया गया। इतना बड़ा हमला कि आसमान काला हो गया। धुआं इतना ज्यादा कि चारों तरफ आग की नदियां बहने लगी। हवा फैल गई। तेहरान के लोगों को कहा गया कि भाई घर से बाहर मत निकलो। इजराइल का कहना है कि यह तेल के डिपो मिसाइल ल्च करने के लिए इस्तेमाल हो रहे थे और इसीलिए हमला करना जरूरी था। लेकिन अमेरिका को यह बात बिल्कुल भी रास नहीं आई।
बिल्कुल भी पसंद नहीं आई। अमेरिकी अधिकारियों ने इस पर हैरानी जताई। एक अमेरिकी अधिकारी ने एग्जिस को बताया कि हमने इस तरह के हमले की उम्मीद नहीं की थी। जंग में इतने तेज हमले हमने सोचे भी नहीं थे। मतलब अमेरिका कह रहा है कि यह जंग बहुत ज्यादा बढ़ा चढ़ाकर करने वाली हरकत है। जब इजराइल ने तेल अवीब से अमेरिका को बताया कि हम यह हमले करने वाले हैं तो अमेरिका ने तुरंत नाराजगी जताई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक आपको बताते चले कि अमेरिका का मैसेज कुछ ऐसा था कि यह क्या कर दिया? आम ईरानी लोगों को इतनी तकलीफ क्यों दी जा रही है? जंग को इस हद तक नहीं ले जाना चाहिए था। अब दोनों के बीच तनातनी हो चुकी है। यानी इजराइल और अमेरिका के बीच। पहले अमेरिका और इजराइल साथ थे। लेकिन तेल सुविधाओं पर इस हमले ने बात बिगाड़ दी। इजराइल को लगा कि अमेरिका की यह प्रतिक्रिया हैरान करने वाली है। यह जंग अब सिर्फ मिसाइलों की नहीं बल्कि दोस्तों के बीच मतभेद की भी बन चुकी है। ईरान में आम लोग बहुत ज्यादा परेशान हैं। स्वास्थ्य को खतरा बढ़ चुका है।
दुनिया भर में चिंता बढ़ रही है कि कहीं यह जंग और ना फैल जाए। आपको क्या लगता है? क्या अमेरिका सही कह रहा है कि इजराइल ने हद पार कर दी या इजराइल का फैसला ठीक था?
