आजकल बच्चे मां-बाप की वैल्यू नहीं करते उनकी कदर नहीं करते हैं उनको समझते नहीं है और छोटी-छोटी बातों पर शिकायत करने लगते हैं। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी कहानी बताएंगे जिससे आपको पता चलेगा कि एक मां के लिए उसका बच्चा उसका बेटा क्या मायने लगता है।
बात है सूरत के अनीता अनिल पाटिल की। एक ऐसी बेसहारा औरत जिसने पति की बुरी आदतों के चलते पति को खाया, कुछ वक्त बाद इकलौता बेटा भी भगवान को प्यार हो गया। विस्तार से बताएं तो अनीता जी के हस्बैंड बुरी आदतों के शिकार थे जिसके चलते उनके दोनों किडनी खराब हो चुकी थी और इस बीमारी की वजह से उनका निधन हो गया था।
अनीता जी के घर में अब एक बेटा था जिसके सहारे घर चल रहा था उनकी और एक संतान थी जो की बेटी थी जिसकी शादी हो चुकी थी। मध्यमवर्गीय परिवार से होने के कारण अनीता जी का बेटा ट्रेन में सूरत से मुंबई तक चाय बेचने का काम करता था बेटा बहुत ही मेहंदी था लेकिन शायद भगवान को यह मंजूर नहीं था। एक दिन उसी ट्रेन में काम करते वक्त उसका अकस्मात हुआ और जान चली गई।
दूसरी और अनीता जी की बेटी जिनकी शादी हो गई थी उनको भी पति का अत्याचार सहना पड़ रहा था जिसकी वजह से उन्होंने तलाक लिया। जब अनीता जी की बेटी ज्योति मायके में आई तो उनके पेट में एक संतान थी। बेटे के जाने के बाद अनीता जी पर अब दो लोगों की जिम्मेदारी आ पड़ी थी।
अनीता जी ने हिम्मत नहीं हारी उन्होंने घर घर जाकर काम करना शुरू किया। पर इस वक्त उनके हालात ऐसे थे कि छोटे-छोटे कामों से गुजारा करना मुश्किल था। ऐसे में उनका सहारा बना हेल्प ड्राइव फाउंडेशन। तरुण नाम के युवक द्वारा चलाई जाने वाला यह फाउंडेशन अनीता जी की मदद करने के लिए आगे आया उन्होंने अनीता जी के बताए अनुसार उनको एक लड़ी और नाश्ता बनाने का सामान खरीद के दिया। जिससे अब अनीता जी को कम करने में सहूलियत मिलेगी।
