अब 10% टैरिफ से भारत पर क्या पड़ेगा असर ?

हाल ही में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक बहुत बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरे को पूरी तरह से गैरकानूनी करार दे दिया है। लेकिन ट्रंप हार मानने वालों में से कहां है? कोर्ट के फैसले के कुछ ही घंटों बाद ट्रंप ने एक नया एग्जीक्यूटिव ऑर्डर साइन कर दिया और पूरी दुनिया के एक्सपोर्ट्स पर 10% का नया ग्लोबल टेरिफ जड़ दिया।

अब सबसे बड़ा सवाल जो हर भारतीय बिजनेसमैन और एक्सपोर्टर के दिमाग में है। भारत पर इसका क्या असर होगा? क्या अब हमें 18% के बजाय सिर्फ 10% टेरिफ देना होगा। आइए समझते हैं विस्तार से। वाइट हाउस के एक अधिकारी के मुताबिक जब तक कोई नया नियम नहीं आता तब तक 10% टेरिफ ही लागू रहेगा।

यानी भारतीय सामानों पर अब 10% टेरिफ लग सकता है। लेकिन ध्यान रहे ट्रंप ने अपने बयान में कहा था कि वह 10% टेरिफ मौजूदा टेरिफ के अतिरिक्त यानी एक्स्ट्रा होगा। इसको लेकर अभी भी बाजार में कंफ्यूजन है। ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद दिमाग लगाया और 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 122 का इस्तेमाल किया। यह नया 10% ग्लोबल टेरिफ अगले 150 दिनों यानी करीबन 5 महीने के लिए लागू रहेगा।

लेकिन क्या ट्रंप इसे और बढ़ा सकते हैं? इसका जवाब है बिल्कुल। खुद ट्रंप ने इशारा किया है कि जांच के बाद अगर जरूरत पड़ी तो इस टेरिफ को और भी ज्यादा बढ़ाया जा सकता है। अब सवाल यह है कि आखिर ट्रंप ऐसा क्यों कर रहे हैं? वाइट हाउस का कहना है कि यह अमेरिका के प्रोटेक्शनिस्ट एजेंडा का हिस्सा है। इसका सीधा मकसद अनुचित व्यापार प्रथाओं को रोकना और अमेरिका के पेमेंट बैलेंस को ठीक करना है।

ट्रंप का साफ मैसेज है जो अमेरिका के साथ बिजनेस करना चाहता है, उसे ट्रेड डील्स का सख्ती से पालन करना होगा। फिलहाल क्या ट्रंप का यह फैसला ग्लोबल इकॉनमी में एक नए ट्रेड वॉर की शुरुआत है और क्या भारत सरकार को इसके खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर दें। ऐसी ही और खबरों से हमेशा अपडेट रहने के लिए चैनल को सब्सक्राइब कर लीजिए और वीडियो पसंद आया हो तो लाइक और शेयर करना ना भूलें।

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