₹9 करोड़ का कर्ज और चेक बाउंस मामले में बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया है। सरेंडर करने से पहले न्यूज़ एक्स से बातचीत में राजपाल ने कहा कि मेरे पास पैसे नहीं है। मुझे और कोई उपाय नहीं दिखता। यहां हम सभी अकेले हैं। कोई दोस्त नहीं है। अपनी समस्या से मुझे खुद ही निपटना पड़ेगा। यह कहते हुए राजपाल ने तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया। जब राजपाल के सरेंडर की खबर सामने आई तो बॉलीवुड से लेकर राजनीति में हलचल मच गई। लोग उनकी मदद के लिए आगे आने लगे।
सबसे पहले सामने आए सोनू सूद। उसके बाद जेम्स टोन म्यूजिक के ओनर राव इंद्रजीत सिंह यादव ने भी राज्यपाल की मदद करने का फैसला किया। इस लिस्ट में अब जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव का भी नाम जुड़ गया है। तेज प्रताप यादव ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा कि मुझे अभी अपने बड़े भाई राव इंद्रजीत यादव जी की पोस्ट के जरिए माननीय राजपाल यादव जी के परिवार पर आए इस दुखद समय की जानकारी मिली। इस कठिन घड़ी में मैं और पूरा जेजेडी यानी जनशक्ति जनता दल परिवार उनके शो का कुल परिवार के साथ पूरी संवेदना के साथ खड़ा है। मानवीय करुणा और सहयोग की भावना से जेजेडी परिवार की ओर से हम उनके परिवार को ₹11 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान कर रहे हैं। वहीं इससे पहले एक्टर सोनू सूद ने भी एक्स और इंस्टाग्राम अकाउंट पर राजपाल की मदद करने की बात की। उन्होंने लिखा राजपाल यादव एक बेहतरीन कलाकार हैं। उन्होंने सालों तक हमारी इंडस्ट्री को यादगार काम दिया है। कई बार जिंदगी टैलेंट की वजह से नहीं बल्कि गलत टाइमिंग की वजह से मुश्किल हो जाती है। वो मेरी फिल्म का हिस्सा होंगे और मुझे लगता है कि यह वक्त है जब हम सब प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और साथी, कलाकार एक साथ खड़े हो।
सोनू ने आगे लिखा जो छोटा साइनिंग अमाउंट दिया जाएगा उसे आगे के काम में एडजस्ट किया जा सकता है। यह कोई दान नहीं बल्कि यह उनका सम्मान है। उन्होंने आगे कहा जब इंडस्ट्री का कोई अपना मुश्किल दौर से गुजर रहा हो तो हमें उसे यह एहसास दिलाना चाहिए कि वो अकेला नहीं है। इसी तरह से हम दिखा सकते हैं कि हम सिर्फ एक इंडस्ट्री नहीं बल्कि एक परिवार है। वहीं तेज प्रताप यादव और सोनू सूद के अलावा जेम्स स्टोन म्यूजिक के ओनर राव इंद्रजीत सिंह यादव ने भी राजपाल की मदद के लिए 1 करोड़ 111 लाख देने का ऐलान किया है। दरअसल राजपाल का यह पूरा मामला साल 2010 का है। राजपाल यादव एक फिल्म डायरेक्ट कर रहे थे। नाम था अतापता लापता। इसे बनाने के लिए राजपाल ने एक प्राइवेट कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब ₹5 करोड़ का कर्ज लिया। फिल्म बनी रिलीज हुई लेकिन फ्लॉप हो गई। फिल्म ने पैसे भी नहीं कमाए जिससे राजपाल को कर्ज चुकाने में देरी होने लगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राजपाल ने कर्ज लौटाने के लिए कंपनी को कुछ चेक दिए थे लेकिन वो चेक बाउंस हो गए।
जैसे-जैसे वक्त बीता ब्याज बढ़ता गया और कुल कर्ज काफी बढ़कर 9 करोड़ हो गया। साल 2018 में दिल्ली की कड़क डुमा कोर्ट ने राज्यपाल को दोषी ठहराया और उन्हें 6 महीने की जेल की सजा सुनाई। इसके बाद मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा। जहां शुरुआती दौर में सजा पर रोक लगा दी गई। हालांकि शर्त यह रखी गई कि राज्यपाल शिकायत्तकर्ता कंपनी को बकाया राशि का भुगतान करेंगे। लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक राज्यपाल ने कई बार पेमेंट करने का आश्वासन दिया लेकिन तय सीमा में पैसे नहीं जमा कर पाए। कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसे बार-बार दिए गए आश्वासनों का उल्लंघन बताया।
इसी आधार पर हाईकोर्ट ने राज्यपाल को आत्मसमर्पण का आदेश दिया जिसके बाद 5 फरवरी को राज्यपाल ने सरेंडर कर दिया। इस घटना के बाद बॉलीवुड और राजनीति से जुड़े लोग लगातार राजपाल की मदद के लिए सामने आ रहे हैं। आज राजपाल यादव तिहाड़ में बंद हैं। लेकिन वह अकेले नहीं हैं। उनके साथ इंडस्ट्री के तमाम लोग भी खड़े हैं। राजनीति भी और वो दर्शक भी जिन्हें उन्होंने सालों तक हंसाया है। फिलहाल इस खबर में इतना ही।
