झूले का पहले एक सिरा टूटा। लोग मदद को दौड़े तो दूसरा भी टूट गया। हरियाणा के फरीदाबाद में चल रहे सूरजकुंड मेले में शनिवार 7 फरवरी को बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना का एक और वीडियो सामने आया है जिसमें झूले का एक हिस्सा टूटा नजर आ रहा है। कई लोग घायलों की मदद करने के लिए खड़े हैं .
लेकिन तभी झूले का दूसरा हिस्सा भी टूट जाता है। इस हादसे में ड्यूटी पर तैनात पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की भी मौत हो गई। जबकि करीब 13 लोग घायल हो गए हैं। आज तक से जुड़े अरविंद ओझा की रिपोर्ट के मुताबिक हादसे की जांच के लिए फरीदाबाद पुलिस ने एक एसआईटी बनाई है। इस एसआईटी में एसीपी क्राइम वरुण दहिया, एक इंस्पेक्टर और एक सब इंस्पेक्टर शामिल है। टीम यह जांच करेगी कि हादसा कैसे हुआ और इसके लिए कौन-कौन जिम्मेदार हैं। इस मामले में बीएएनएस की धारा 105 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर क्राइम ब्रांच में तैनात एक पुलिसकर्मी ने दर्ज कराई है जो फिलहाल सूरजकुंड मेले की ड्यूटी में इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद के साथ ही साथ मतलब कि काम कर रहे थे। शिकायत में लिखा गया है कि मेला शुरू हो चुका था। लोग झूलों का आनंद ले रहे थे। इसी दौरान अचानक एक झूला एक तरफ से टूट गया। झूले पर बैठे लोगों और नीचे फंसे लोगों को बचाने के लिए इंचार्ज निरीक्षक जगदीश प्रसाद और अन्य पुलिसकर्क मौके पर पहुंचे।
तभी झूला अचानक साइड के तरफ सीधे निरीक्षक जगदीश प्रसाद के ऊपर आ गिरा यानी कि टूट कर। इस हादसे में निरीक्षक जगदीश प्रसाद को गंभीर चोटें आई। जबकि कुछ पुलिसकर्मी और आम लोग भी घायल हुए। बाद में सुप्रीम अस्पताल फरीदाबाद में इलाज के दौरान जगदीश प्रसाद की मौत हो गई। वे पलवल से सूरजकुंड क्राफ्ट मेले में ड्यूटी के लिए आए थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह हादसा झूला संचालक कंपनी के मालिक सरबजीत सिंह और उनके स्टाफ की कथित लापरवाही के कारण हुआ। आरोप है कि मेले में लगाए गए झूले में सुरक्षा मानकों का ठीक से पालन नहीं किया गया जिससे लोगों की जान खतरे में पड़ी और इस हादसे में निरीक्षक जगदीश प्रसाद की मौत हो गई। मृतक इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद के परिजनों ने मेले के प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जगदीश प्रसाद पहले मधुबन पुलिस लाइन में तैनात थे और प्रमोशन के बाद पलवल में एसएओ बने थे। इन दिनों उनकी ड्यूटी सूरजकुंड मेले में लगी हुई थी। उनका कहना है कि कुछ साल पहले भी सूरजकुंड मेले में ऐसा ही एक हादसा हुआ था जिसके बाद झूलों पर रोक लगा दी गई थी। लेकिन पिछले कुछ सालों में मेला अथॉरिटी ने फिर से झूले शुरू कर दिया और परिजनों ने सरकार से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कारवाई करने की मांग की है।
हादसे पर डीजीपी अजय सिंघल ने इंस्पेक्टर जगदीश की मौत पर गहरा शोक जताया है। उन्होंने ऐलान किया है कि पॉलिसी के तहत उनके परिजनों को ₹1 करोड़ की सहायता राशि दी जाएगी। इंक्वायरी हमने ऑर्डर कर दी है। इसमें एक एफआईआर हमने दर्ज कर दी है। इसके कारण जल्दी ही हमारे पास इसके जो जिसकी भी इसमें लापरवाही मिली उसके खिलाफ सख्त से सख्त कारवाई की जाएगी। कानूनी कारवाई की जाएगी और जो भी इसमें दोषी पाया है उसको हम अरेस्ट करेंगे। में हमारी वेलफेयर में हमारा हमने अपना इंश्योरेंस के थ्रू उनकी जो जो उनकी जो फैसिलिटीज हैं जो जो एक पुलिसकर्मी की मृत्यु के बाद उनको प्रदान की जाती है वह सारी अनुबंध राशि उनको दी जाएगी। उसमें हमने HDFC के साथ स्पेशली अनुबंध करके एक करोड़ तक की राशि हम उपलब्ध कराते हैं। उसके अलावा जो परिवार में जो एलिजिबल बच्चा है सबसे बड़ा बच्चा है उसके लिए नौकरी का प्रवधान करते हैं और ऐसी हमारे और उसमें जो फैसिलिटी है वो सारी प्रदान की जाएगी। बता दें कि जो लोग हादसे में घायल हुए हैं, सभी को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। जहां पर उनका इलाज चल रहा है। इस हादसे में जान गवाने वाले इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के रहने वाले थे।
वे 31 जनवरी 2026 को पुलिस लाइन पलवल से सूरजकुंड मेले में ड्यूटी के लिए तैनात किए गए थे। इस दुर्घटना में एएसआई नीलय भी घायल हुए हैं। सभी घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है और उनकी हालत पर नजर रखी जा रही है। यह 39वां अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला है जो 31 जनवरी से शुरू हुआ है और 15 जनवरी तक चलेगा। मेले का उद्घाटन उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने किया था।
इसमें भारत के 30 राज्यों के करीब 10,150 कलाकार और 46 देशों के कलाकार हिस्सा ले रहे हैं। सूरजकुंड मेला हर साल कला, संस्कृति, हस्तशिल्प, झूले और अलग-अलग राज्यों के खाने के लिए जाना जाता है। तो
