आज जिस पर्सनालिटी की हम बात करेंगे, यह फिल्म इंडस्ट्री में एक आउटसाइडर थी। दूर-दूर तक इनके परिवार से कोई फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा नहीं था।
इनकी पहली फिल्म बहुत बड़ी हिट थी और उसके गाने आज भी पसंद किए जाते हैं। इनकी दूसरी फिल्म भी बड़ी कमर्शियल सक्सेस रही। और इन हिट्स के बाद इंडस्ट्री में इनके लिए लोगों ने कहा कि यह लकी एक्ट्रेस है। जो भी प्रोड्यूसर कास्ट करता है फिल्म हिट हो जाती है।
इनके चेहरे को देखकर लोगों ने कहा कि रेखा जैसी दिखती है और ऑन स्क्रीन को एक्ट्रेस के साथ इनकी केमिस्ट्री देखकर कहा कि यह तो हर हीरो के साथ जमती है। जब इतना कुछ अच्छा इस एक्ट्रेस के बारे में उनके करियर के इनिशियल डेज में कहा गया तो फिर ऐसा क्यों नहीं हो पाया कि एक्ट्रेस बहुत बड़ा नाम बनी? क्यों यह एक्ट्रेस टॉप की एक्ट्रेसेस में नहीं जानी जाती है? क्यों इस एक्ट्रेस को मिसिंग एक्ट्रेस के रूप में आज भी याद किया जाता है? आज कब की और कैसे में हम उसी 70ज की मिसिंग एक्ट्रेस के बारे में बात करेंगे जिसने ईयर 1977 में नासिर हुसैन साहब की फिल्म हम किसी से कम नहीं फिल्म में ऋषि कपूर के साथ डेब्यू किया था। लेकिन आज उस फिल्म की एक्ट्रेस काजल किरण यानी कि सुनीता कुलकर्णी कहां है?
किस तरह से जी रही है? यह कोई नहीं जानता। लेकिन मेरी यह कहानी सुनने के बाद आप उनके बारे में काफी कुछ जान जाएंगे। एक्ट्रेस सुनीता कुलकर्णी का रियल नेम काजल किरण है। काजल किरण का जन्म महाराष्ट्र से ही हुआ। उन्होंने मुंबई से ही अपनी स्कूलिंग की। उनके परिवार में उनकी मदर, उनके फादर, उनके दो भाई थे। कई जगहों पर मेंशंड है कि काजल किरण के पिता एक डेंटिस्ट थे और वह अपनी बेटी को डॉक्टर बनाना चाहते थे। वो चाहते थे कि काजल किरण भी पढ़ाई करें। लेकिन काजल तो बचपन से ही बॉलीवुड से इन्फ्लुएंस थी। वो बचपन से हीरोइन बनने के सपने देख चुकी थी। यही वजह है कि जैसे ही वह एडल्ट हुई, उन्होंने अपना पोर्टफोलियो शूट करवाया और फिल्म इंडस्ट्री के जितने भी बड़े प्रोडक्शन हाउस है, वहां पर जाकर उन्होंने अपनी तस्वीर दी। उनके उसी पोर्टफोलियो की कुछ तस्वीरें नासिर हुसैन साहब जो आमिर खान के अंकल है उनके हाथ लगी।
नासिर हुसैन साहब उस जमाने के बड़ी फिल्म मेकर थे। उनकी फेवरेट एक्ट्रेस आशा पारिक तब रिटायर हो चुकी थी और बहुत कम फिल्में कर रही थी। दूसरी फेवरेट एक्ट्रेस जीनत अमान भी ज्यादा काम नहीं कर रही थी। यही वजह है कि अपनी अगली फिल्म के लिए नासिर हुसैन साहब को एक अच्छी एक्ट्रेस की जरूरत थी। एक फ्रेश फेस की जरूरत थी। उनकी नजर ठहर गई काजल के इस फोटो पर और उन्होंने फिर काजल से कांटेक्ट किया। काजल को ऑडिशन किया गया और फिर काजल को लॉन्च करने की तैयारी कर दी। नासिर हुसैन काजल को इनिशियली लॉन्च करने जा रहे थे जबरदस्त फिल्म से। लेकिन किसी वजह से यह फिल्म बन नहीं पाई।
तो उसके बाद उन्होंने हम किसी से कम नहीं फिल्म बनाई और उसमें उन्होंने ऋषि कपूर और तारिक खान को लिया और हीरोइन के रूप में उन्होंने काजल को कास्ट किया। ऋषि कपूर सुपरस्टार थे। वो हार्ट थ्रोप थे और काजल के लिए यह सबसे बड़ी अपॉर्चुनिटी थी कि उनकी पहली फिल्म एक बड़े एक्टर के साथ है और इतने बड़े फिल्म मेकर उनके साथ फिल्म बना रहे हैं। सबसे बड़ी बात तो इस फिल्म की सिर्फ कहानी ही अच्छी नहीं थी बल्कि फिल्म का म्यूजिक भी बड़ा शानदार था। आर डी बर्मन साहब और मजरू सुल्तानपुरी साहब के कोलैब से बना यह म्यूजिक आज भी बहुत पसंद किया जाता है। क्या हुआ तेरा वादा वो कसम वो इरादा। फिल्म सुपरहिट, गाने चाट बस्टर और काजल किरण रातोंरात सुपरस्टार बन गई। जिस पहचान का इंतजार एक्टर्स को कई सालों तक करना पड़ता है। पहली ही फिल्म से काजल किरण को वो पहचान मिल गई थी। और करियर वाइज भी वह बहुत ही सिक्योर थी क्योंकि नासिर हुसैन साहब ने काजल के साथ में तीन फिल्मों का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया था। तो काजल को पता था कि यह फिल्म तो सुपरहिट हो गई है। आगे दो और सुपरहिट फिल्में मैं नासिर साहब के साथ देने वाली हूं। नासिर साहब काजल के साथ वादे के मुताबिक दूसरी फिल्म शुरू भी करते हैं। उन्होंने जो जबरदस्त फिल्म पहले बंद की थी उसे वह फिर से शुरू करते हैं और उस फिल्म की शूटिंग शुरू होती है। लेकिन शूटिंग के 12 दिनों बाद ही इस फिल्म को बंद कर दिया जाता है। खुद नासिर साहब ने एक इंटरव्यू में कहा कि फिल्म में दिलीप कुमार साहब थे और दिलीप कुमार और नासिर हुसैन में किसी बात को लेकर क्रिएटिव डिफरेंसेस हो गए और यह डिफरेंसेस ऐसे थे कि जो सॉर्ट आउट नहीं हो रहे थे। तो नासिर हुसैन ने इस फिल्म को बंद ही कर दिया। हां वो दिलीप साहब को रिप्लेस कर सकते थे। कहानी बदल सकते थे। लेकिन उनका कहना है कि दिलीप साहब को रिप्लेस करने की हिम्मत उनकी नहीं थी। यही वजह है कि उन्होंने इस प्रोजेक्ट को ही बंद कर दिया। इधर काजल की बात करें तो उनके पास कई बाहरी प्रोड्यूसर्स के फिल्मों के ऑफर्स आ रहे थे और वो एक के बाद एक इन ऑफर्स को रिजेक्ट कर रही थी क्योंकि वो नासिर साहब के कॉन्ट्रैक्ट के अंडर थी।
इस दौरान उन्होंने अखियों के झरोके और बालिका वधू जैसी फिल्में रिजेक्ट की। टाइम निकलता जा रहा था और काजल की कोई नई फिल्म शुरू ही नहीं हो रही थी और बाहरी ऑफर्स को वह रिजेक्ट करती जा रही थी। इधर नासिर साहब को जहां काजल के साथ फिल्म शुरू करनी थी वहीं उन्होंने ऋषि कपूर के साथ एक नई फिल्म शुरू कर दी। जमाने को दिखाना है। काजल को उम्मीद थी कि ऋषि कपूर को इस फिल्म में लीड एक्टर के तौर पर लिया है तो शायद नासिर साहब अपनी हिट फिल्म की जोड़ी इस फिल्म में भी रिपीट करेंगे और काजल को हीरोइन के रूप में कास्ट करेंगे। लेकिन काजल का दिल तब टूट गया जब उन्हें पता चला कि पद्मिनी कोल्हापुरी नाम की एक्ट्रेस को इस फिल्म में कास्ट कर लिया गया है। काजल पूरी तरह से टूट गई थी। उन्होंने नासिर साहब के कॉन्ट्रैक्ट की बात फॉलो की और कई फिल्में रिजेक्ट की। इधर नासिर साहब को टाइम ही नहीं है काजल के साथ दूसरी फिल्म बनाने का और दूसरी हीरोइन को लेकर वो आगे बढ़ चुके हैं। अब काजल को बाहरी प्रोडक्शन हाउसेस में काम भी ढूंढना था और आखिर पहली फिल्म इतनी बड़ी हिट होने के बाद उनकी दूसरी फिल्म क्यों नहीं आई अभी तक? मीडिया के इन सवालों का जवाब भी उन्हें देना था। तब उन्होंने मीडिया में कहा कि उनकी दूसरी फिल्म इसलिए नहीं आई क्योंकि उनके साथ पहली फिल्म में जिस एक्टर ने काम किया यानी कि ऋषि कपूर वो उनके लिए बैड लक साबित हुए।
ऋषि कपूर ने ना सिर्फ फिल्म में पूरी लाइमलाइट छीनी बल्कि ऋषि कपूर ने इस फिल्म के हिट होने के बाद काजल का नाम किसी को रेकमेंड तक नहीं किया। काजल ने कहा कि उनका करियर खराब किया है सिर्फ और सिर्फ ऋषि कपूर ने ही। एक्चुअली काजल ने यह बात इसलिए कही थी क्योंकि नासिर हुसैन को जमाने को दिखाना है फिल्म के लिए पद्मिनी कोल्हापुरी का नाम सजेस्ट करने वाले ऋषि कपूर ही थे। पद्मिनी उस टाइम ऋषि कपूर के कजिन कुणाल कपूर के साथ आहिस्ता-आहिस्ता फिल्म में काम कर रही थी और वहीं से ऋषि को पद्मिनी कोल्हापुरी का आईडिया आया और उन्होंने नासिर साहब को यह नाम सजेस्ट किया।
काजल किरण के इस स्टेटमेंट से बड़ी कंट्रोवर्सी हो गई थी और ऋषि कपूर ने भी उनको जवाब देते हुए कहा था कि अगर मैं इतना ही बैड लक वाला होता तो मेरे साथ कई सारी हीरोइनों ने करियर डेब्यू किया है और वो आज सक्सेसफुल हीरोइन है जिसमें जया प्रदा और डिंपल कपाडिया का भी नाम शामिल है। ऋषि कपूर बड़े एक्टर थे, पॉपुलर थे। उनके नाम से फिल्में बिक जाती थी। नासिर साहब ने भी पद्मिनी कोलापुरी को इस फिल्म में कास्ट कर दिया। तब नासिर साहब से पूछा भी गया था कि आपने इस फिल्म में अपनी फेवरेट एक्ट्रेस जिसे आपने खोजा है काजल किरण उसे कास्ट क्यों नहीं किया?
तब नासिर साहब ने कहा कि इस फिल्म के लिए मुझे एक ऐसी लड़की चाहिए थी जो लड़के के लुक में भी अच्छी लगे। मैंने पद्मिनी का ऑडिशन लिया और पद्मिनी मुझे बॉय के लुक में भी अच्छी लगी और लड़की के लुक में भी अच्छी लगी। इसीलिए मैंने पद्मिनी को कास्ट किया। हालांकि कहा तो यह जाता है कि काजल किरण फिल्मों में करने वाले सींस को लेकर थोड़ी सी हिचकिचाती थी। उन्होंने अपनी पहली फिल्म में भी एक सीन देने से मना कर दिया था और जमाने को दिखाना है। इस फिल्म में भी काजल किरण को सपोर्टिंग एक्ट्रेस के रूप में कास्ट किया गया था।
उन्हें एक का सीन करना था। लेकिन उन्हें यह दोनों ही चीजें मंजूर नहीं थी। उनका कहना था कि पहली फिल्म में मैंने लीड एक्ट्रेस का रोल किया तो मैं सपोर्टिंग रोल्स नहीं निभाऊंगी और मैं नहीं पहनूंगी। बस इसी वजह से कहते हैं कि नासिर हुसैन और काजल में बात बिगड़ गई और यहां से दोनों के रस्ते अलग हो गए। इसके बाद काजल किरण ने फिल्म की मांग भरो सजना। इस फिल्म में उनके साथ जितेंद्र थे। फिल्म में मौश चैटर्जी और रेखा भी थी। इस फिल्म के दौरान काजल किरण के लुक्स की चर्चा रही और लोगों ने कहा कि यह तो हूबहू रेखा जैसी दिखती है।
यह फिल्म सुपरहिट रही। यानी कि जिस तरह की सक्सेस की उम्मीद काजल नासिर हुसैन से कर रही थी वो उन्हें अब इस फिल्म से मिली थी। काजल ने अब तक दो सक्सेसफुल फिल्में दे दी थी और वह कॉन्ट्रैक्ट से भी आजाद थी। वो अब किसी भी प्रोड्यूसर के साथ फिल्म साइन कर सकती थी। काजल को उम्मीद थी कि इतनी हिंट देने के बाद तो मुझे अच्छी फिल्में मिलेगी ही। उन्हें अच्छी फिल्में मिली भी। लेकिन जिस तरह के रोल्स उन्हें बताए गए वो रोल्स पिक्चर बनते बनते बनते बनते एकदम सपोर्टिंग और छोटे रोल्स रह गए। बस इस वजह से धीरे-धीरे काजल जो लीड एक्ट्रेस थी वो फिल्मों में सपोर्टिंग एक्ट्रेस बनकर रह गई।
जब हिंदी फिल्मों में उन्हें छोटे रोल्स मिलने लगे तब उन्होंने साउथ इंडस्ट्री की तरफ भी रुख किया। साउथ में भी उन्होंने कुछ फिल्में की। हालांकि वहां पर भी वो सक्सेस ज्यादा देर नहीं टिकी। काजल ने इसके बाद कुछ और भी फिल्में की। उन्होंने जैसे तैसे अपने करियर को सर्वाइवल मोड पर रखा। लेकिन इसी दौरान उन्होंने कुछ हॉरर फिल्में की। भागो भूत आया जैसी और कहते हैं कि उस जमाने में जो हॉरर फिल्में थी उन्हें कमर्शियल फिल्मों का हिस्सा नहीं माना जाता था। उन्हें बी ग्रेड फिल्में कह दिया जाता था। बस इस तरह की फिल्में करके ही काजल का करियर बहुत बुरी तरह डैमेज हो गया और एक टाइम ऐसा आया जब ऑफर्स आ ही नहीं रहे थे। कोई ढंग की फिल्म उन्हें ऑफर हो ही नहीं रही थी और अगर बड़े हीरो की फिल्म ऑफर हो भी रही थी तो वो लीड एक्ट्रेस नहीं थी। उनका रोल छोटा सा था।
यह वो टाइम था जब अचानक से काजल फिल्म इंडस्ट्री से ही गायब हो गई। ना उन्होंने किसी को बताया कि वो कहां जा रही है और ना ही उन्होंने अपने फ्यूचर प्लांस मीडिया के साथ शेयर किए। सालों तक लोग उन्हें ढूंढते रहे। इनफैक्ट एक इंटरव्यू में तो उनके पहले को एक्टर ऋषि कपूर ने तक कहा था कि मैं काजल किरण नाम की एक्ट्रेस को ढूंढ रहा हूं। वो है कहां? कहां गायब हो गई? मुझे उसके बारे में कुछ खबर ही नहीं है। ऋषि कपूर ने उस वीडियो में यह भी कहा कि अगर तुम देख रही हो तो प्लीज कांटेक्ट करो। लेकिन उसके बाद भी काजल किरण की कोई खबर नहीं आई।
काजल किरण के नाम का एक फैन पेज है जिस पर काजल किरण को लेकर छोटी-मोटी इंफॉर्मेशंस डाली जाती है। जैसे-जैसे लोगों से उनके बारे में जानकारी मिलती है वैसे-वैसे इन इंफॉर्मेशंस में खुलासा हुआ कि काजल किरण की मुंबई की प्रॉपर्टी पर कुछ डिस्प्यूट हुआ था और इस वजह से एक बड़ा केस हुआ। शायद फायरिंग जैसी स्थिति भी हुई।
तब काजल किरण और उनके परिवार वाले कहीं बाहर चले गए। काजल किरण ने शादी कर ली डच डॉक्टर से जिनका नाम महाजन है और इस डॉक्टर से उन्हें दो बेटियां हुई। काजल अब नीदरलैंड्स में रहती है और एक शांत जिंदगी बिताती है।
वह ना किसी सोशल मीडिया हैंडल पर है ना ही अपने फैंस से कनेक्टेड है और ना ही फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें कोई इंटरेस्ट है। तो कुछ इस तरह से एक खूबसूरत एक्ट्रेस, एक डिर्विंग एक्ट्रेस, एक एक्ट्रेस जिसने फिल्म इंडस्ट्री में सुपरहिट फिल्म में काम किया वो रातोंरात गायब हो गई।
