शाहरुख खान और अनुभव सिन्हा को रावण से काफी उम्मीदें थी। मगर रिलीज़ के वक्त यह सुपर हीरो फिल्म कुछ खास परफॉर्म नहीं कर पाई थी। अनुभव आज भी इस प्रोजेक्ट परबात करते हैं। उनके मुताबिक ये फिल्म और बेहतर होती अगर वो शाहरुख को हद से ज्यादा क्रिएटिव फ्रीडम देने की गलती नहीं करते तो।
अनुभव इन दिनों अपने लेटेस्ट रिलीज़ 80 को [संगीत] प्रमोट कर रहे हैं। ज़ूम को दिए गए इंटरव्यू में उनसे रावण के ना चलने का कारण पूछा गया था। इसके जवाब में उन्होंने [संगीत] कहा, “मैं शाहरुख़ से बहुत ज्यादा प्रभावित था।” मुझे लगता था कि इनको हम लोगों से ज्यादा पता है कि ऑडियंस [संगीत] को क्या पसंद है। अनुभव के मुताबिक उन्हें लगा कि शाहरुख को क्राफ्ट की ज्यादा और बेहतर समझ है। मगर अब [संगीत] वो इसे अपनी गलती मानते हैं। वो कहते हैं मैंने कुछ ऐसे डिसीजन ले लिए क्योंकि वो बोल रहे थे। मुझे लगता था कि शाहरुख को सबसे बेहतर पता होगा।
इनको तो 100% पता ही होगा। ऐसा सोचना नहीं चाहिए था। अनुभव के मुताबिक उन्होंने रावण के दौरान शाहरुख के फैसलों पर आंख मूंदकर भरोसा [संगीत] कर लिया था। उन्हें ऐसी गलती नहीं करनी चाहिए थी। भले ही सामने कितना बड़ा स्टार क्यों ना हो, उसके हर फैसले को [संगीत] मानना समझदारी वाला काम नहीं है। अनुभव कहते हैं कि उन्होंने देर से ही सही मगर इस बात को समझ लिया है। जहां तक रावण के सीक्वल की बात है, लोग लंबे समय से इसकी डिमांड कर रहे हैं। खुद शाहरुख ने भी अपने 60वें जन्मदिन पर इस प्रोजेक्टको लेकर बात की थी। तब उन्होंने कहा था कि अगर अनुभव कभी तय करते हैं तो वो यह फिल्म जरूरबनाएंगे।
शाहरुख की मानें तो अनुभव ने पहले पार्ट पर बहुत मेहनत की थी। इसलिए सिर्फ वो ही रावण का सीक्वल बना सकते हैं। प्रभात खबर से हुई बातचीत में अनुभव ने भी इस फिल्म पर काम करने की इच्छा जताई थी। साथ ही उन्होंने इस प्रोजेक्ट की राह में आने वाले दिक्कतों पर भी खुलकर बात की थी। अनुभव की मानें तो रावण 2 को बनाने में दो-ती साल तक का समय लग जाएगा। ऐसे [संगीत] में उन्हें यह देखना होगा कि शाहरुख और उनके पास इतना लंबे समय है या नहीं। यदि उन्हें ठीक-ठाक समय मिला, सिर्फ तभी वह इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर पाएंगे।
