सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। शाहरुख खान जो मिलियंस ऑफ इंडियंस के दिल में रहते हैं उन पर आरोप लग रहा है कि शाहरुख खान को पाकिस्तान से बहुत प्रेम है और जो देश भारत के खिलाफ है उनसे शाहरुख खान प्रेम करते हैं।
यह आरोप लगाया है स्पिरिचुअल लीडर देवकी नंदन ने। हमने सुना उसका प्रेम पाकिस्तान से बहुत है। ऐसे ही लोगों से बहुत है जो हिंदुओं को दुख दे। जिन्होंने मुंबई में हाल ही में अपनी एक कथा की और वहां पर उन्होंने कहा कि मुंबई के ही सबसे बड़े सुपरस्टार है शाहरुख खान।
वो अपनी एक क्रिकेट टीम भी चलाते हैं केकेआर करके। उन्होंने अपनी क्रिकेट टीम के लिए एक बांग्लादेशी क्रिकेटर को ₹9 करोड़ में खरीदा है। बांग्लादेश में हमारे हिंदुओं की क्या स्थिति है? यह जानते हुए भी शाहरुख खान ने एक बांग्लादेशी क्रिकेटर को ₹9 करोड़ देकर खरीदा है। वो ₹9 करोड़ जो शाहरुख की टीम से बांग्लादेशी क्रिकेटर को जाएंगे।
वह पैसे कहां इस्तेमाल होंगे यह कोई नहीं जानता है। हो सकता है वह पैसे इंडिया के खिलाफ ही यूज़ हो। पैसा कहां जाएगा? उसका प्रयोग क्या होगा? तमाम हिंदू मारे जाएंगे।
आपको बता दें कि इसी साल आईपीएल ऑशंस हुए थे 16 दिसंबर को और इस दौरान केकेआर ने बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को ₹9 करोड़ देकर खरीदा था और अब कई ऐसे ग्रुप्स हैं जो शाहरुख खान के इस कदम के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और कह रहे हैं कि बांग्लादेशी क्रिकेटर को शाहरुख खान को अपनी टीम से एक्सपेल कर देना चाहिए नहीं तो हम इस टीम का बहिष्कार करेंगे। वो खिलाड़ी तुम्हारी टीम में रहा तुम्हारी टीम का बहिष्कार करने के लिए।
शाहरुख खान बार-बार इस तरह की हरकतें करके अपना पाकिस्तानी प्रेम दिखाते हैं। कई बार अपनी फिल्मों से तो कभी अपनी इन हरकतों से। आपको बता दें कि दीपपू चंद्र दास बांग्लादेश में रहता था और वो एक हिंदू था।
उसे टारगेट करके उसकी की गई। एक पूरे ग्रुप ने मिलकर उसकी की। इस केस पर काफी मीडिया कवरेज भी हुई थी और इसी इंसिडेंट के बाद देवकी नंदन और कई सारे संगठन जो हैं वो एक हुए हैं और कह रहे हैं कि शाहरुख खान को बांग्लादेशी क्रिकेटर को अपनी टीम से निकालना चाहिए।
बांग्लादेश में हमारे हिंदुओं की क्या हालत हो रही है और हम बांग्लादेशी क्रिकेटर को पैसा दे रहे हैं। उन्हें प्लेटफार्म दे रहे हैं। मिस्टर केकेआर बांग्लादेश के खिलाड़ी को अपनी टीम से निकाल के बाहर करो।
जहां एक तरफ देवकी नंदन की यह बात लोगों को समझ आई। उनको समर्थन भी मिला। वहीं कई लोगों का कहना है कि धर्म को क्रिकेट से अलग रखो। खेल को अलग ही रहने दो। आप स्पिरिचुअल लीडर हैं। आप धर्म की बात करो। आप क्रिकेट में ना ही घूसो।
