नेशनल लेवल स्केटर बच्चे के साथ स्कूल में क्या हुआ? 50+ बार Sorry बोलने के बाद ये कदम उठा लिया

बच्चे ने कम से कम 50 बार माफी मांगी और बोला कि मुझे आप मार लीजिए लेकिन मुझे मत करिए लेकिन वो मैम कुछ ना कुछ लिखे जा रही जो भी मेडिकल सुविधा है वो मुहैया करा दी है और आश्वस्त लिया है जबकि स्कूल का कोई नहीं है। एथ क्लास के एक बच्चे ने 4 मिनट में 50 से ज्यादा बार सॉरी बोला।

इस दौरान उसे प्रिंसिपल और टीचर्स डांटते रहे। बाद में बच्चे ने खुद की जान देने की कोशिश की। जिसके बाद स्कूल के बाहर परिजन और सोशल एक्टिविस्ट्स ने मिलकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की कुछ तस्वीरें आपने इस वीडियो की शुरुआत में देखी होंगी।

तस्वीरें आई हैं मध्य प्रदेश के जिले रतलाब से। इंदौर से लगभग 150 कि.मी. दूर। इंडिया टुडे से जुड़े पत्रकार विजय मीणा की रिपोर्ट के मुताबिक एट्थ क्लास में पढ़ने वाले इस बच्चे की उम्र 14 साल है। पीड़ित स्टूडेंट नेशनल लेवल स्केटर भी है। फिलहाल वो बुरी तरह घायल है और इलाज के लिए हॉस्पिटल में एडमिट है।

घटना से पहले का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया। इस वीडियो में दिख रहा है कि यह कदम उठाने से कुछ ही मिनट पहले वह स्कूल के प्रिंसिपल ऑफिस में था। रिपोर्ट के मुताबिक ऑफिस में उसने लगातार सॉरी कहा और कुछ ही देर बाद वो गलियारे से दौड़ते हुए गया और फिर उसने खुद की जान लेने की कोशिश की जिसमें वो बुरी तरह जख्मी हो गया। यह सब हुआ रतलाम के डोंगरे नगर में मौजूद एक प्राइवेट स्कूल में।

परिवार वालों ने बताया कि छात्र ने दो दिन पहले अपनी क्लास की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी। जिसके बाद उसके माता-पिता को स्कूल बुलाया गया। पीड़ित स्टूडेंट के भाई प्रत्युष बताते हैं कि उस दिन परिवार को क्या जानकारी मिली और अस्पताल में बच्चे को किस हालत में देखा गया। प्रत्युष ने स्कूल एडमिनिस्ट्रेशन पर कुछ आरोप भी लगाए हैं। वो परसों स्कूल में फोन लेकर आया था और उसने एक बस क्लास का फोटो लिया था।

नॉर्मल सा फोटो था वो और उसने अपनी स्टोरी पर डाला। कोई रील भी नहीं बनाई उसने। उसने वो अपनी स्टोरी पर डाला और वह परसों पता नहीं कैसे मैम को पता चल गया या जिसे भी पता चला तो मैम ने फिर उसे बुलाया और उसे जो भी कहा कि ये सब क्या हो रहा है और फिर उसे प्रिंसिपल कैबिन में लेके गए और वो 12 साल का बच्चा अकेला खड़ा था और उसके उसको चार चार टीचर चिल्ला रहे हैं उसे और वो जो उसके मैक्स वाले सर है गुरु सर वो उसे कह रहे हैं कि ये मतलब तुमने जो भी स्केटिंग में करा ये सब किसी के काम नहीं आएगा।

ये सब सब जीरो हो जाएगा अगर तुम ये सब करोगे तो वो स्केटिंग की बात जानबूझ के इसीलिए कर रहे हैं क्योंकि उन्हें भी पता है कि ये सब स्केटिंग में स्केडिंग इसका सब कुछ है ताकि वो और प्रेशराइज हो और ये सब हो और फिर बस उसके बाद तो उसे निकाल दिया और फिर वो भाग भाग के छत पे चला गया। बच्चे ने कम से कम 50 बार माफी मांगी और बोला कि मुझे आप लीजिए लेकिन मुझे रेस्टिगेट मत करिए लेकिन वो मैम कुछ ना कुछ लिखे जा रही थी तो उस बच्चे को लगा कि मैम रेस्टिगेट कर रही है और फिर उसे मतलब और कोई स्कूल में एडमिशन नहीं मिलेगा और फिर उसका जो 5 तारीख को इवेंट था अभी उसे लगा कि वो वो नहीं खेल पाएगा तो फिर उसे उसने बोला कि अब इन सबका क्या फायदा अगर मैं जी भी जाऊंगा तो और फिर उसने बोला कि अच्छा मैं कूद जाता हूं वो यही यही बात बोल के और वो ऊपर भागा ईशान पठारा है चाइना और एक्चुअली सेकंड ये कल इस डे मोबाइल स्कूल में लाके एक अपने क्लास रूम की पूरी वीडियो बनाई गई और अपनी पर्सनल आईडी पे उसके इंस्टाग्राम पर पोस्ट जो पूरी वायरल हुई थी

तो हमारे संज्ञान में भी स्कूल के संज्ञान में थी उसको और उसके पेरेंट्स को बुलाया गया था स्कूल में उसको समझाई दी गई थी बच्चा समझ गया था उसके पेरेंट्स भी यही थे उस समय घटना के डर गई और पेरेंट्स को देख के वो घबरा गया वो बाहर बैठा था उसने दौड़ लगा दी और दौड़ के तीसरी थी उसकी अभी बहुत स्टेबल स्टेट की बच्चा बात कर रहा है आर से बात कर रहा और स्कूल प्रबंध ने उसके लिए सारी जो भी मेडिकल की सुविधा है वो करा दी है और उनको आश्वस्त लिया है। जबकि स्कूल का कोई नहीं है। उसके अलावा भी सारी व्यवस्था करा रखी है और अपना साफ रखा हुआ है। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि बच्चे को सस्पेंशन की चेतावनी दी जा रही थी। बच्चे ने कहा कि स्कूल के प्रिंसिपल ने उसे सस्पेंड करने, करियर पर असर डालने और मेडल वापस लेने जैसी बातें की थी। हालांकि इन दावों की फिलहाल जांच जारी है। जो सीसीटीवी फुटेज आया है उसमें सिर्फ इतना दिख रहा है कि बच्चा प्रिंसिपल ऑफिस से बाहर निकलता है और तेजी से ऊपर की ओर भागता है। इस दौरान स्टूडेंट के पिता वहीं स्कूल के वेटिंग एरिया में बैठे थे। घटना के बाद बच्चे को पहले सीएचएल हॉस्पिटल ले जाया गया और फिर गंभीर चोटों को देखते हुए गीता देवी अस्पताल रेफर किया गया। जहां उसकी कंडीशन क्रिटिकल बताई गई। अब क्योंकि मामले ने एक सेंसिटिव मोड़ ले लिया इसलिए पुलिस का हस्तक्षेप भी इसमें लाजमी हो गया।

पुलिस ने केस अपने अंडर ले लिया है। इस बारे में रतलाम के सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया ने बताया कि किन पहलुओं पर जांच की जा रही है। इसमें संपूर्ण प्रकरण की जांच की गई है। जिसमें पूर्ण वैधानिक कारवाई कर रही है। क्या जांच में क्या पाया? आपने कहा जांच की गई। क्या पाया जांच में? इसमें पूर्ण प्रकरण की जांच करने के बाद जो जो विधि संगत जो धाराएं हमको मिलेगी उसमें जो है जो है कारवाई की जाएगी। एफआईआर दर्ज होगी। बिल्कुल वैधानिक कारवाई की जाएगी। पक्ष प्रशासन की ओर से भी रखा गया। रतलाम की जिला शिक्षा अधिकारी यानी डीईओ अनीता सागर ने कहा है कि शिक्षा विभाग इस पर जांच के लिए पुलिस को औपचारिक पत्र भेज चुका है। जांच रिपोर्ट आने के बाद अकॉर्डिंगली कारवाई की जाएगी। जांच समिति गठित कर दी गई है। जांच प्रति प्राप्त होने पर स्कूल संबंध की जो भी कमियां रहेगी उसके खिलाफ कारवाई की जाएगी और पुलिस प्रशासन को टीआई साहब को हमने वैधानिक कारवाई के लिए पत्र लिख दिया है। शिक्षा विभाग जो भी त्रुटियां हैं संबंधित जांच प्रति आने पर ही उसके बारे में प्रतिद्वंद किया जाएगा। यह तो हुई इस केस में आगे की बात कि आगे क्या होगा। लेकिन इसकी लार्जर पिक्चर को देखें तो एक ही महीने में यह तीसरा ऐसा मामला है जिसमें स्कूल से जुड़े तनाव या संवाद की परिस्थितियों के बाद छात्रों ने ऐसे कदम उठाए। 1 नवंबर 2025 जगह जयपुर 9 साल की छात्रा ने खुद की जान ले ली। सीबीएसई जांच रिपोर्ट में बताया गया कि स्टूडेंट को लंबे वक्त से बुली किया जा रहा था। 18 नवंबर 2025 जगह दिल्ली 16 साल के स्टूडेंट ने मेट्रो स्टेशन पर अपनी जान ले ली। परिजन के मुताबिक एक नोट मेंटल हरासमेंट का जिक्र था। पुलिस इन मामलों की अलग-अलग जांच कर रही है। इन घटनाओं के बीच हमने मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट से बात की। उनका इन केसेस पर क्या कहना है? सुनिए। बच्चों में जान देने की प्रवृत्ति आजकल लगातार बढ़ती जा रही है। इसका सबसे प्रमुख कारण है बच्चे हमारे इंपेशेंट होते जा रहे हैं। बच्चे अकेले होते जा रहे हैं। जीवन में लोग उनके पास शेयरिंग करने के लिए लोग अवेलेबल नहीं है। सबसे बड़ा कारण या तो दोनों पेरेंट्स वर्किंग हैं।

हमारी फैमिलीज़ न्यूक्लियर होती चली जा रही हैं। बच्चे पार्कों की जगह मोबाइल पर टाइम ज्यादा बिता रहे हैं। जहां मोबाइल गेम्स खेल रहे हैं। चाहे वह अह शार्क अह वाले गेम्स हो, चाहे PUBG हो, चाहे फायर फाइटर्स हो या कुछ भी गेम्स हो। सिमें मरने मरने की बात होती है या रील्स इस तरह की चल रही हैं। मूवीज़ जो है सोशल मीडिया का इंपैक्ट बहुत ज्यादा है। बच्चे अपनी मन की बात शेयर ही नहीं कर पा रहे हैं।

तो ट्रू फ्रेंडशिप जो चीज़ है वो खत्म होती चली जा रही है। बच्चों के स्कूल्स में जो बात है वो भी इसी तरह की होती चली जा रही है। हम सब एक रियल वर्ल्ड की जगह एक हम सूडो वर्ल्ड में या एक वर्चुअल वर्ल्ड में जीना शुरू कर चुके हैं। ये इसका एक बहुत बड़ा कारण है। अब इस केस में आगे क्या सामने आता है और पुलिस की जांच में क्या पता लगता है इसी का इंतजार सभी कर रहे हैं।

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