हिंदू नहीं मुसलमान है आलिया की मां सोनी राजदान, पंडित की बेटी ने क्यों अपनाया इस्लाम?

हिंदू नहीं मुस्लिम है आलिया की मां सोनी राजदान जन्म से हिंदू सोनी कैसे बनी मुसलमान कश्मीरी पंडित पिता जर्मन मां फिर सोनी ने क्यों अपनाया इस्लाम आलिया भट्ट की मां सोनी राजदान किसी पहचान की मोहताज नहीं है। महेश भट्ट की बीवी सोनी भी अपने जमाने की जानी मानी एक्ट्रेस रही हैं। क्रिसमस ईव पर सोनी राजदान ने अपने घर पर हाउस पार्टी रखी थी जिसमें कपूर परिवार भी शामिल रहा।

आलिया की सासू मां नीतू कपूर, ननद रिधिमा और भांजी समारा। भट्ट परिवार के दामाद रणबीर कपूर सभी इस पार्टी का हिस्सा बने। लोगों को लगा कि शायद अब सोनी क्रिश्चियन हैक्योंकि ब्रिटेन की नागरिक सोनी राजदान की मां ब्रिटिश जर्मन है।

ऐसे में अक्सर लोग यह कयास लगा लेते हैं कि आलिया की मां सोनी राजदान अपनी ब्रिटिश जर्मन मां की तरह क्रिश्चियन धर्म को फॉलो करती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आलिया की मां क्रिश्चियन नहीं बल्कि मुस्लिम है। जी हां, हिंदू पिता और जर्मन मां की बेटी सोनी राजदान मुसलमान है। उनका एक नाम सकीना भी है। आज यही किस्सा हम आपको बताने जा रहे हैं। तो सबसे पहले आपको बता दें कि सोने राजधान का जन्म इंग्लैंड के बर्किंघम में हुआ था। हालांकि उनकी परवरिश मुंबईमें हुई। सोनी के पिता नरेंद्रनाथ राजदान थे जो कि कश्मीरी पंडित थे। जबकि उनकी मां जर्मन मूल की ब्रिटिश हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि कश्मीरी पंडित पिता और ब्रिटिश जर्मन मां की बेटी सोनी राजदान मुसलमान कैसे हुई? तो बता दें कि इस्लाम धर्म से सोनी के जुड़ने की वजह उनकी और महेश भट्ट का लव अफेयर रहा था।

जी हां, सोनी राजदान की जिंदगी में बड़ा बदलाव तब आया जब उनकी मुलाकात फिल्म मेकर महेश भट्ट से हुई। दोनों के बीच प्यार हुआ और फिर इस प्यार को शादी का मुकाम देने के लिए ना सिर्फ सोनी बल्कि महेश भट्ट को भी इस्लाम अपनानापड़ा था। दरअसल महेश भट्ट की जिंदगी में जब सोनी राजदान ने दस्तक दी तब वह पहले से ही शादीशुदा थे। उनकी पहली पत्नी किरण भट्ट थी जिनसे उनके दो बच्चे हैं पूजा और राहुल भट्ट। 80 के दशक की शुरुआत में सोनी और महेश की मुलाकात हुई। दोनों के बीच दोस्ती बढ़ी और फिर धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार में बदल गई।

लेकिन कहानी इतनी आसान नहीं थी। महेश भट्ट पहले से शादीशुदा थे। उन्होंने अपनी पहली पत्नी को तलाक नहीं दिया था। ऐसे में भारतीय कानून और समाज के नियमों के चलते महेश और सोनी ने भी धर्म बदलकर शादी करने का फैसला किया।

मीडिया रिपोर्ट्स केमुताबिक शादी के लिए सोनी और महेश ने इस्लाम धर्म अपनाया। कहा जाता है कि महेश भट्ट ने अपना नाम बदलकर असलम भट्ट रख लिया था। वहीं कुछ रिपोर्ट्स में उनका नाम अशरफ भट्ट भी बताया जाता है।

जबकि सोनी का नाम सकीना बताया जाता है। दोनों ने इस्लाम अपनाने का फैसला सिर्फ मोहब्बत के लिए लिया ताकि दोनों कानूनी रूप से शादी कर पाएं। हालांकि सोनी और महेश ने खुद को कभी भी किसी भी धर्म की बेड़ियों में नहीं बांधा और ऐसा ही उन्होंने अपने बच्चों के साथ भी किया। आलिया खुद भी कई बार अपने कई इंटरव्यूज में कह चुकी हैं कि वह किसी भीधर्म को सख्ती से फॉलो नहीं करती हैं। वह धर्म से ज्यादा व्यक्तित्व, सोच और करियर को प्राथमिकता देती हैं।

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